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Sonipat News: बसंत पंचमी पर यमुना के मिमारपुर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाएगा डीसीआरयूएसटी
Thu, 23 Jan 2025 02:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 23 Jan 2025 02:12 AM IST
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फोटो 05- सोनीपत में यमुना के मिमारपुर घाट का दौरा करते कुलपति प्रो. सिंह व अन्य। स्रोत: प्रवक्त
सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) बसंत पंचमी पर यमुना के मिमारपुर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाएगा। स्वच्छता को लेकर डीसीआरयूएसटी के एनसीसी कैडेट व एनएसएस स्वयंसेवक अपने आस पास के लोगों को जागरूक करेंगे। पिछले वर्ष भी यहां पर स्वच्छता अभियान चलाया गया था। बुधवार को कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने यमुना के मिमारपुर घाट का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्यावरण की अत्यधिक महत्ता रही है। वैदिक काल में समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता थी। हमारे ऋषि मुनि पर्यावरण प्रदूषण के प्रति सचेत थे। भूमि को ईश्वर के रूप में पूजनीय माना जाता था। भारतीय संस्कृति में वट, पीपल, आंवला का पूजन इसलिए किया जाता था कि यह सर्वाधिक ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन की रक्षा करते हैं। कुलपति ने कहा कि स्वस्थ एवं सुखी जीवन के लिए स्वच्छता आवश्यक है। स्वच्छ रहने का एक छोटा सा प्रयास हमारे जीवन की गुणवत्ता पर बड़ा प्रभाव डालता है। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि स्वच्छ परिवेश बीमारियों के खतरे को कम करता है और सकारात्मक मानसिकता को बढ़ावा देता है। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. अजय गर्ग भी मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्यावरण की अत्यधिक महत्ता रही है। वैदिक काल में समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता थी। हमारे ऋषि मुनि पर्यावरण प्रदूषण के प्रति सचेत थे। भूमि को ईश्वर के रूप में पूजनीय माना जाता था। भारतीय संस्कृति में वट, पीपल, आंवला का पूजन इसलिए किया जाता था कि यह सर्वाधिक ऑक्सीजन प्रदान कर मानव जीवन की रक्षा करते हैं। कुलपति ने कहा कि स्वस्थ एवं सुखी जीवन के लिए स्वच्छता आवश्यक है। स्वच्छ रहने का एक छोटा सा प्रयास हमारे जीवन की गुणवत्ता पर बड़ा प्रभाव डालता है। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि स्वच्छ परिवेश बीमारियों के खतरे को कम करता है और सकारात्मक मानसिकता को बढ़ावा देता है। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. अजय गर्ग भी मौजूद रहे।
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