सोनीपत: नामचीन कंपनी का स्टीकर लगाकर बेचे जा रहे थे जूते, टी-शर्ट व ट्रैक पैंट, पुलिस ने दो को काबू किया
पुलिस ने कैलाश कॉलोनी स्थित दुकान से 308 टी-शर्ट व 104 ट्रैक पैंट और एक व्यक्ति को 100 जोड़ी जूतों के साथ पकड़ा है। कंपनी के इन्वेस्टीगेटर ने केस दर्ज कराया है। सोनीपत में पहले भी प्यूमा के स्टीकर लगे कपड़े पकड़े जा चुके है।
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हरियाणा के सोनीपत में जर्मनी की नामचीन कंपनी प्यूमा के स्टीकर टी-शर्ट, ट्रैक-पैंट और जूतों पर लगा उन्हें ब्रांडेड बनाकर बेचने का मामला सामने आया है। कंपनी के इन्वेस्टीगेटर ने पुलिस टीम के साथ छापा मारकर दो आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपी दिल्ली के करोल बाग से स्टीकर और सामान्य सामान खरीदकर लाते थे और कपड़े, जूते व ट्रैक पैंट को ब्रांडेड बताकर दुकानों पर बेच देते थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुरुग्राम के रहने वाले कृष्णपाल सिंह ने सिविल लाइन थाना पुलिस को बताया कि वह आरएनए आईपी एट्रोनेज कंपनी में इंवेस्टीगेटर हैं। उनकी कंपनी ने जर्मनी की कंपनी प्यूमा के लिए काम करती है। वह बाजार में कंपनी के नाम से तैयार नकली सामान की धरपकड़ करके कानूनी कार्रवाई कराती है। बाजार में सर्च ऑपरेशन के लिए गठित विजिलेंस टीम का प्रभारी उन्हें बनाया गया है।
उनकी टीम को सोनीपत में प्यूमा के नाम के स्टीकर का उपयोग कर कपड़े, जूते और ट्रैक पैंट को ब्रांडेड बनाकर सप्लाई करने की सूचना मिली थी। शहर में धड़ल्ले से कंपनी के नाम से नकली सामान बेचा जा रहा था। उसके आधार पर टीम ने जानकारी जुटाई।
कृष्णपाल सिंह ने बताया कि उन्हें पता चला कि मोहाना का रहने वाला मंजीत टी-शर्ट और ट्रैक-पैंट की बाजार में सप्लाई कर रहा है। उसने आईटीआई चौक पर शादीपुर के पास कैलाश कॉलोनी में गोदाम बना रखा है। उन्होंने सिविल लाइन थाना पुलिस के साथ छापा मारकर कार्रवाई की। पुलिस और टीम ने पाया कि वहां पर साधारण टी-शर्ट व ट्रैक पैंट पर प्यूमा कंपनी का स्टीकर लगाकर ब्रांडेड बनाया जा रहा था।
डीएसपी वीरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार आरोपी मंजीत कुमार ने बताया कि वह दिल्ली से कपड़े लाकर उनको प्यूमा के स्टीकर लगाकर बेचता है। उनको शहर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते हैं। उसके पास से कई स्टीकर, 308 टी-शर्ट व 104 ट्रैक पैंट बरामद की।
वह 3000 रुपये मूल्य की टी-शर्ट को 300 रुपये में और 4000 रुपये की ट्रैक पैंट को 400 रुपये में बेच रहे थे। इसी तरह 10 हजार रुपये का ट्रैक सूट मात्र 800 रुपये में बिक्री करने की बात स्वीकार की। वह 50 रुपये के स्टीकर से साधारण कपड़ों को ब्रांडेड बना देते थे।
उसके बाद पुलिस और कंपनी विजिलेंस की संयुक्त टीम ने आईटीआई चौक पर बोरों में जूते भरकर दुकानों पर सप्लाई करने पहुंचे मोहम्मद सलीम को पकड़ लिया। वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी स्थित विकास नगर का रहने वाला है। वह दिल्ली से जूता लाकर उनको स्टीकर लगाकर प्यूमा कंपनी का बनाकर बेच रहा था।
वह कंपनी के 7000 रुपये के जूते में 300 रुपये मूल्य का जूता प्रयोग कर रहा था। इन जूतों को वह 500 से एक हजार रुपये में बेच रहा था। उसके पास से 100 जोड़ी जूते बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कंपनी की विजिलेंस की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर स्टीकर लगाकर ब्रांडेड कपड़े व जूते तैयार करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से भारी मात्रा में नकली माल भी बरामद हुआ है। पुलिस इनके साथ काम करने वाले अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी, सोनीपत