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सीआई स्टाफ ने माना हो गई थी गलती
Sonipat
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:45 AM IST
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गीता भवन चौक से व्यापारी का अपहरण प्रयास के मामले में मंगलवार को सीआईए स्टाफ खुलकर सामने आ गया है। सीआईए प्रभारी ने व्यापारियों से बातचीत कर माना कि वे मुलाजिम सीआईए स्टाफ के ही थे। गलतफहमी के चलते ही गफलत हो गई थी। इसी वजह से व्यापारी को थाने ले जाया जा रहा था, उसका अपहरण नहीं करना था। व्यापारियों ने मंगलवार को सुबह के समय गीता भवन चौक पर बैठक की थी। बैठक के दौरान ही सीआईए स्टाफ प्रभारी इंदीवर पहुंचे थे। इंदीवर द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद हालांकि, मामला शांत हो गया है। वहीं, इस मामले में बहादुरी दिखाने वाले दुकानदार सुनील सचदेवा को व्यापार मंडल ने सम्मानित भी किया।
ये था मामला
एक हैंडलूम की दुकान पर रात आठ बजे सादी वर्दी में पांच लोग उत्तराखंड नंबर की कार में सवार होकर पहुंचे थे। इसमें से एक के हाथों में हथकड़ी लगाई गई थी। दुकानदार रामगोपाल को बताया कि यह चोरी का आरोपी है और इसने चोरी के रुपयों से सामान खरीद था। रामगोपाल ने युवक को पहचानने से इंकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उक्त पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटते हुए जिप्सी में बिठाने की कोशिश की। मौके पर आसपास के दुकानदार इकट्ठा हो तथा विरोध शुरू कर दिया। विरोध होते देख पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी लेकर वहां से भाग निकले। सूचना मिलते ही मौके पर व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी आ पहुंचे, जिन्होंने रेलवे रोड पर जाम लगा दिया था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे डीआईजी एचएस दून ने जांच का आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत करवाया था।
मुलाजिम चोरी के एक मामले में तसल्ली करने गए थे। गलतफहमी के चलते ही विवाद हुआ। व्यापारी का अपहरण करने की मंशा नहीं थी।
इंदीवर, प्रभारी, सीआईए स्टाफ।
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ये था मामला
एक हैंडलूम की दुकान पर रात आठ बजे सादी वर्दी में पांच लोग उत्तराखंड नंबर की कार में सवार होकर पहुंचे थे। इसमें से एक के हाथों में हथकड़ी लगाई गई थी। दुकानदार रामगोपाल को बताया कि यह चोरी का आरोपी है और इसने चोरी के रुपयों से सामान खरीद था। रामगोपाल ने युवक को पहचानने से इंकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उक्त पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटते हुए जिप्सी में बिठाने की कोशिश की। मौके पर आसपास के दुकानदार इकट्ठा हो तथा विरोध शुरू कर दिया। विरोध होते देख पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी लेकर वहां से भाग निकले। सूचना मिलते ही मौके पर व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी आ पहुंचे, जिन्होंने रेलवे रोड पर जाम लगा दिया था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे डीआईजी एचएस दून ने जांच का आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत करवाया था।
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मुलाजिम चोरी के एक मामले में तसल्ली करने गए थे। गलतफहमी के चलते ही विवाद हुआ। व्यापारी का अपहरण करने की मंशा नहीं थी।
इंदीवर, प्रभारी, सीआईए स्टाफ।