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प्राचार्य और पूर्व स्वीपर पर चोरी व गबन का मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Wed, 03 May 2017 12:28 AM IST
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खरखौदा आईटीआई में प्राचार्य एवं पूर्व स्वीपर पर चोरी व गबन सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले को लेकर कोर्ट में इस्तगासा दायर किया गया था, जिस पर अदालत के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
गांव बिधलान निवासी रामफल ने कोर्ट में इस्तगासा दायर किया था कि वह नगीना आईटीआई में ग्रुप इंस्ट्रक्टर के पद पर नियुक्त है। वह पहले खरखौदा आईटीआई में ग्रुप इंस्ट्रक्टर था। उसने आरोप लगाया कि जनवरी, 2016 में तत्कालीन इंस्ट्रक्टर राजकुमार ने आईटीआई में सीसीटीवी चोरी की शिकायत दी थी, जिसकी जांच आईटीआई प्राचार्य ने उसे सौंपी थी। इसमें जांच के बाद शक की सुई पूर्व स्वीपर और प्राचार्य पर गई थी। इस पर उसने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देने के साथ ही पुलिस को भी दी थी। मामले में जाली कागजात के बल पर नौकरी दिए जाने की मामला भी सामने आया था। रामफल ने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी। इसमें पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस पर अदालत में इस्तगासा दायर किया गया था। अब अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए, जिस पर पुलिस ने अब मामला दर्ज कर लिया है।
कोर्ट के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है। इसमें अभी तक कोई अहम सबूत सामने नहीं आया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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-राजपाल, जांच अधिकारी।
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गांव बिधलान निवासी रामफल ने कोर्ट में इस्तगासा दायर किया था कि वह नगीना आईटीआई में ग्रुप इंस्ट्रक्टर के पद पर नियुक्त है। वह पहले खरखौदा आईटीआई में ग्रुप इंस्ट्रक्टर था। उसने आरोप लगाया कि जनवरी, 2016 में तत्कालीन इंस्ट्रक्टर राजकुमार ने आईटीआई में सीसीटीवी चोरी की शिकायत दी थी, जिसकी जांच आईटीआई प्राचार्य ने उसे सौंपी थी। इसमें जांच के बाद शक की सुई पूर्व स्वीपर और प्राचार्य पर गई थी। इस पर उसने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को देने के साथ ही पुलिस को भी दी थी। मामले में जाली कागजात के बल पर नौकरी दिए जाने की मामला भी सामने आया था। रामफल ने आरोप लगाया कि मामले की शिकायत पुलिस को दी गई थी। इसमें पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इस पर अदालत में इस्तगासा दायर किया गया था। अब अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए, जिस पर पुलिस ने अब मामला दर्ज कर लिया है।
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कोर्ट के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है। इसमें अभी तक कोई अहम सबूत सामने नहीं आया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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-राजपाल, जांच अधिकारी।