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बिजली के तारों में उलझा डंपर, इंजीनियर पर मौत बनकर गिरा करंट

Sun, 10 Jul 2016 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Sun, 10 Jul 2016 11:59 PM IST
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निर्माणाधीन नई सब्जीमंडी की जमीन पर बिजली के तारों की कम ऊंचाई दिखाते हुए एक व्यक्ति। - फोटो : bureau
किसी की लापरवाही किसी के लिए मौत का पैगाम ला सकती है। स्पष्ट उदाहरण शनिवार को देखने को मिला। जब निर्माणाधीन नई सब्जीमंडी में काम कर रहे एक इंजीनियर पर बिजली के तार मौत बनकर टूटे। लापरवाही डंपर चालक और बिजली निगम की थी। डंपर चालक ने डंपर उठाया तो वह बहुत कम ऊंचाई पर मौजूद बिजली के तारों से उलझ गया। इससे तार टूटकर नीचे खड़े इंजीनियर पर आ गिरे। हादसे में इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में रखवा दिया था। रविवार को इस मामले में डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हादसे में बिजली निगम को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। जिन तारों की वजह से हादसा हुआ था, उसे बदलवाने के लिए कई बार शिकायत की जा चुकी थी।
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गांव झरोठ निवासी संजीव (22) विद्या कंस्ट्रक्शन कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था। कंपनी लहराड़ा के पास नई अनाज मंडी का निर्माण कर रही है। शनिवार को संजीव साइट पर काम कर रहा था। इसी दौरान डंपर चालक प्रदीप ने अपने डंपर को ऊपर उठाया तो वह बिजली के तारों में उलझ गया। इससे तार टूटकर इंजीनियर संजीव पर गिर गए। करंट की वजह से संजीव की मौत हो गई। सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रविवार को पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने संजीव के पिता कृष्ण के बयान डंपर चालक प्रदीप के खिलाफ  लापरवाही का मामला दर्ज लिया है।
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छह माह से जमा हैं पैसे लाइन नहीं शिफ्ट कराई
हादसे के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार दलबीर दहिया ने बिजली निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। दहिया ने बताया कि सितंबर 2015 में जब काम शुरू किया गया था। उसी समय लहराड़ा के खेतों की लाइन शिफ्ट करने को कहा था। मार्केटिंग बोर्ड ने निगम को पत्र भी लिखा था। जनवरी महीने में लाइन शिफ्ट करने की एवज में 4.23 लाख रुपये भी जमा करा दिए थे। उसके बाद भी लाइन शिफ्ट नहीं की गई।
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डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित पक्ष अगर बिजली निगम के अधिकारियों को भी आरोपी बताता है तो उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।
-अजय मलिक, प्रभारी, थाना सदर
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