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रिश्वतखोर कनिष्ठ अभियंता को चार साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:45 PM IST
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने रिश्वत लेने के मामले की सुनवाई करते हुए बिजली निगम के कनिष्ठ अभियंता को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को चार वर्ष कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गांव हरसाना कलां निवासी मुकेश कुमार ने सितंबर, 2014 में विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उनके खेत में लगे बिजली के तार को औद्योगिक क्षेत्र सब डिविजन में नियुक्त जेई रामनिवास उतार लाया है। वह उसे डरा रहा है कि वह उसका बिजली चोरी का केस बना देगा। उसने अपने भाई के मीटर से तार लेकर अपना ट्यूबवेल चलाया है। साथ ही उसने कहा कि बिजली चोरी के केस में उसे भारी जुर्माना होगा। इससे बचने के लिए उसे छह हजार रुपये बतौर रिश्वत देनी होगी। इस पर उसने मामले को लेकर विजिलेंस की टीम से संपर्क किया। विजिलेंस निरीक्षक राजीव सोनी के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में मामला दर्ज किया गया था। टीम ने मुकेश कुमार को रिश्वत की राशि देकर भेजा था। जैसे ही मुकेश कुमार ने रिश्वत की राशि रामनिवास को थमा कर विजिलेंस टीम को इशारा किया था टीम ने उसे रंगे हाथ काबू कर लिया था। उसके कब्जे से छह हजार रुपये रिश्वत के बरामद कर लिए गए थे। मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने रामनिवास को दोषी करार देते हुए चार वर्ष कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
तीन दिन में दो रिश्वत खोर को हो चुकी सजा
नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही रिश्वत खोरी के मामले में दो को दोषी करार दिया जा चुका है। तीन के दिन के अंदर ही पटवारी व जेई को सजा हो चुकी है। 9 जनवरी को ही पटवारी सुक्रमपाल को पांच साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना किया गया था।
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रिश्वतखोरी को नहीं किया जाएगा सहन : राजीव सोनी
जिला विजिलेंस निरीक्षक राजीव सोनी ने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। रिश्वत मांगने पर कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 1064-180018020-22 पर संपर्क कर सूचना दे सकता है।
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गांव हरसाना कलां निवासी मुकेश कुमार ने सितंबर, 2014 में विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उनके खेत में लगे बिजली के तार को औद्योगिक क्षेत्र सब डिविजन में नियुक्त जेई रामनिवास उतार लाया है। वह उसे डरा रहा है कि वह उसका बिजली चोरी का केस बना देगा। उसने अपने भाई के मीटर से तार लेकर अपना ट्यूबवेल चलाया है। साथ ही उसने कहा कि बिजली चोरी के केस में उसे भारी जुर्माना होगा। इससे बचने के लिए उसे छह हजार रुपये बतौर रिश्वत देनी होगी। इस पर उसने मामले को लेकर विजिलेंस की टीम से संपर्क किया। विजिलेंस निरीक्षक राजीव सोनी के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम में मामला दर्ज किया गया था। टीम ने मुकेश कुमार को रिश्वत की राशि देकर भेजा था। जैसे ही मुकेश कुमार ने रिश्वत की राशि रामनिवास को थमा कर विजिलेंस टीम को इशारा किया था टीम ने उसे रंगे हाथ काबू कर लिया था। उसके कब्जे से छह हजार रुपये रिश्वत के बरामद कर लिए गए थे। मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने रामनिवास को दोषी करार देते हुए चार वर्ष कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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तीन दिन में दो रिश्वत खोर को हो चुकी सजा
नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही रिश्वत खोरी के मामले में दो को दोषी करार दिया जा चुका है। तीन के दिन के अंदर ही पटवारी व जेई को सजा हो चुकी है। 9 जनवरी को ही पटवारी सुक्रमपाल को पांच साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना किया गया था।
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रिश्वतखोरी को नहीं किया जाएगा सहन : राजीव सोनी
जिला विजिलेंस निरीक्षक राजीव सोनी ने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। रिश्वत मांगने पर कोई भी व्यक्ति टोल फ्री नंबर 1064-180018020-22 पर संपर्क कर सूचना दे सकता है।