सोनीपत: बेटे ने सात लाख की सुपारी देकर कराई पिता की हत्या, दर्ज कराया गुमशुदगी का केस, ऐसे हुआ खुलासा
सोनीपत में एक युवक ने पारिवारिक कलह के कारण सुपारी देकर अपने पिता की हत्या कराई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सोनीपत में गवाह पर जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों ने बुजुर्ग की हत्या की वारदात कुबूली है। आरोपियों ने बताया कि सात लाख रुपये सुपारी तय की थी, तीन लाख एडवांस दिए थे। सीआईए-1 की टीम ने आरोपियों से परना और 30 हजार रुपये बरामद किए।
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हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव जाजी में भाई की हत्या के मामले में गवाह पर जानलेवा हमला करने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों ने हत्या के एक अन्य सनसनीखेज मामले से पर्दा उठाया है। सीआईए की पूछताछ में आरोपियों ने कुबूला है कि वह गांव बादशाहपुर माच्छरी के बुजुर्ग का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर शव को गंग नहर में फेंक दिया था। बुजुर्ग की हत्या उसके बेटे ने सात लाख रुपये की सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने बुजुर्ग के बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने ही पिता की गुमशुदगी का मुकदमा मोहाना थाने में दर्ज करा रखा था।
गांव जाजी निवासी संजय कुमार पर 27 दिसंबर, 2021 को जानलेवा हमला करने के आरोप में सीआईए की टीम ने गांव जाजी के सचिन उर्फ चीना व उसके साथी गुमड़ के मंदीप को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के खिलाफ अपने भाई सुरेंद्र की हत्या में गवाह संजय ने मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में आरोपियों को सीआईए की टीम ने रिमांड पर लिया था।
आरोपियों ने रिमांड अवधि में सनसनीखेज खुलासा कर दिया। उन्होंने सीआईए की टीम को बताया कि वह 18 नवंबर, 2021 को गांव बादशाहपुर माच्छरी के राजेंद्र (65) की हत्या कर चुके हैं। पुलिस ने उन्हें राजेंद्र की हत्या मामले में रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि राजेंद्र की हत्या उसके छोटे बेटे मोहित के कहने पर की थी।
मोहित ने अपने पिता की हत्या कराने के लिए उन्हें सात लाख की सुपारी देने की बात कही थी। साथ ही तीन लाख एडवांस दिए थे। इसके चलते उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने उनसे गला दबाने में प्रयुक्त परना व 30 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। सीआईए की टीम ने आरोपी मोहित को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार उसने पारिवारिक कलह में हत्या कराना स्वीकार किया है।
जाजी से किया अपहरण, बड़वासनी में हत्या और गंगनहर में फेंका शव
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस के सामने कुबूला है कि मोहित के कहने पर उन्होंने 18 नवंबर, 2021 को जाजी के अड्डे से कार में राजेंद्र का अपहरण किया था। वहां से वह उन्हें लेकर बड़वासनी के पास पहुंचे और परने से गला दबाकर हत्या कर दी थी। बाद में शव को कार में ले जाकर उत्तराखंड के रुड़की के पास गंग नहर में फेंक दिया था।
सुपारी से मिले पैसों से ही खरीदी कार में शव ले गए थे आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मोहित से तीन लाख रुपये एडवांस लिए थे, जिससे उन्होंने पुरानी होंडा सिटी कार खरीदी थी। उसी कार में अपहरण व शव को खुर्द-बुर्द करने की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस कार को पहले ही बरामद कर चुकी है।
बेटे ने ही कराया था मुकदमा दर्ज
हत्या के मामले में गिरफ्तार राजेंद्र के बेटे ने ही अपने पिता की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने 2 दिसंबर 2021 को मोहाना थाना पुलिस को बताया था कि 18 नवंबर 2021 से उसका पिता गायब है। पुलिस ने अज्ञात पर बंधक बनाकर रखने का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
सीआईए ने गंगनहर पर चलाया तलाशी अभियान
सीआईए की टीम ने राजेंद्र के शव की तलाश के लिए गंगनहर पर तलाशी अभियान भी चलाया है, लेकिन शव का पता नहीं लग सका।
भाई के परिवार के साथ रहता था बुजुर्ग
सीआईए के अनुसार, आरोपी अपने परिवार के साथ रहने के बजाय भाई के परिवार के साथ रहता था, जिसके चलते अक्सर पारिवारिक कलह होती थी। इस कारण मोहित पिता से रंजिश रखने लगा था। उसने ही षड्यंत्र रचकर पिता की हत्या करा दी।
गवाह पर जानलेवा हमला करने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों ने एक बुजुर्ग की सुपारी लेकर हत्या करना स्वीकार किया। हत्या की सुपारी बुजुर्ग के बेटे ने ही दे रखी थी। पुलिस ने आरोपियों से गला दबाने में प्रयुक्त परना व 30 हजार रुपये बरामद किए हैं। बुजुर्ग के बेटे को भी गिरफ्तार कर लिया है। रुड़की के पास शव की तलाश का प्रयास किया गया, लेकिन वहां कोई सुराग नहीं लग सका। -इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार, प्रभारी, सीआईए-1