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Haryana: साढ़े पांच साल बाद सोनीपत की निर्भया को मिला इंसाफ, दोषियों को सजा-ए-मौत, ऐसे चला पूरा घटनाक्रम
Tue, 20 Dec 2022 04:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 20 Dec 2022 04:01 AM IST
सार
दोनों दोषी अदालत में गर्दन नीचे कर खड़े रहे। सजा मिलने के बाद भी चेहरे पर ज्यादा बदलाव नहीं दिखा। शायद उनको पहले से पता था कि उन्हें फांसी की सजा मिलने वाली है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : google
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विस्तार
आखिरकार सोनीपत की निर्भया को इंसाफ मिल गया। इसके लिए पीड़ित परिवार को साढ़े पांच साल तक लंबा इंतजार करना पड़ा। न्यायालय में न्यायाधीश आरपी गोयल की अदालत ने जब दोनों को फांसी की सजा सुनाई तो कोर्ट में मौजूद उसके परिजन भावुक हो गए। वहीं, दोनों दोषी गर्दन नीचे कर खड़े रहे। उनके चेहरे से हावभाव गायब थे। शायद उनको पहले से पता था कि उन्हें फांसी की सजा मिलने वाली है।
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शहर की रहने वाली युवती 9 मई, 2017 को औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी में काम करने गई थी। युवती के साथ 2 मई, 2017 को कीर्ति नगर के सुमित ने रास्ते में छेड़छाड़ की थी। उसने दो दिन बाद दोबारा से रास्ते में घेरकर युवती को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने थप्पड़ मार दिया था। 5 मई, 2017 को सुमित ने अपने साथी के साथ मिलकर युवती की रास्ते में पिटाई कर दी थी।
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इसी बीच 9 मई, 2017 को ड्यूटी पर जाने के दौरान युवती का अपहरण कर लिया गया था। युवती की मां ने सुमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में सीआईए ने आरोपी सुमित को अवैध शस्त्र सहित दबोचा था। पूछताछ में उसने युवती के साथ हुए जघन्य घटनाक्रम से पर्दा उठाया था।
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उसने साथी विकास की संलिप्तता के बारे में जानकारी दी थी। पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी थी। उसका शव रोहतक की अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने 11 मई, 2017 को बरामद किया था। पुलिस ने सुमित के बाद विकास यादव को भी गिरफ्तार कर लिया था।
युवती का शव क्षत-विक्षत मिला था। उसके साथ जघन्यता की गई थी। उसके शरीर पर ईंटों से वार किए थे। उसके संवेदनशील अंगों को क्षत-विक्षत कर दिया था। शराब की बोतल व ईंट से वार किए थे। शव को कई स्थानों से जानवरों ने नोच लिया था। उसकी पहचान कपड़ों के आधार पर की गई थी।
प्रदेश भर में हुए थे रोष प्रदर्शन
घटना के बाद से लोगों में रोष व्याप्त हो गया था। प्रदेश भर में रोष प्रदर्शन हुए थे। लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर कैंडल मार्च निकाला था। शहर में न्याय यात्रा निकाली गई थी। शहर के लोगों ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे। कई राजनीतिक दलों के सदस्यों के साथ ही सामाजिक संगठनों का पीड़िता के घर तांता लगा रहा था। यह मामला काफी समय तक चर्चा में रहा था।
तत्कालीन डीजीपी पहुंचे थे सोनीपत
लोगों ने आक्रोश को देखते हुए इस मामले में तत्कालीन डीजीपी बीएस संधु को सोनीपत आना पड़ा था। मामले में पुलिस ने तथ्य जुटाने के साथ ही गवाहों को एकत्र किया था। इस मामले में तत्कालीन एसपी अश्विनी शैणवी ने मामले को अपने हाथ में लिया था। तत्कालीन डीएसपी मुकेश जाखड़ ने साक्ष्य जुटाने की कमान संभाली थी। इस मामले में युवती के अपहरण के समय मौजूद उसकी सहकर्मी और एसएफएल टीम व लैब की रिपोर्ट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ऐसे चला पूरा घटनाक्रम
- 9 मई, 2017 सोनीपत के सिटी थाना क्षेत्र से 19 साल की युवती घर से फैक्टरी के लिए निकली।
- 11 मई, 2017 को युवती की मां ने सिटी थाना में बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। सुमित नाम के युवक को नामजद कराया।
- 11 मई, 2017 को सुमित को सीआईए की टीम ने अवैध हथियार सहित गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी के बाद सुमित ने साथी संग मिलकर युवती का अपहरण कर रोहतक ले जाने व नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने की बात कुबूल की।
- आरोपी सुमित ने अपने साथी कबीरपुर के विकास यादव की संलिप्तता कुबूल की।
- सुमित ने बताया 9 मई, 2017 की सुबह युवती का कार में अपहरण कर रोहतक ले गए थे।
- 9 मई, 2017 को रोहतक-सोनीपत रोड पर स्थित ढाबे से दाल-चावल और दही खरीदा था। खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर युवती को खिला दिया था। जिसके बाद वह बेहोश हो गई।
- युवती से 9 मई, 2017 की रात को बेहोशी की हालत में आठ घंटे तक की दरिंदगी थी। उन्होंने युवती से कहा कि वह उसे रोहतक में तिलियार झील पर घुमाने के लिए ले जा रहे हैं और कुछ देर बाद छोड़ देंगे।
- 9 मई, 2017 को आईएमटी के पीछे खाली पड़े प्लॉट में ले गए और वारदात को अंजाम दिया।
- 14 मई, 2017 को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। जिसमें युवती के शरीर पर करीब 15 गहरी चोट के निशान मिले थे। उसकी कई हड्डियां गायब मिली थी। पुलिस ने युवती के शरीर के विभिन्न हिस्सों से 10 सैंपल भिजवाए थे। बाद में डीएनए भी कराया गया।
- 14 मई को पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त ईंट को बरामद किया।
- 18 मई, 2017 को तत्कालीन डीजीपी बीएस संधु सोनीपत पहुंचे। तत्कालीन सिटी थाना प्रभारी लाइन हाजिर, रोहतक व सोनीपत के दो एएसआई सस्पेंड किए गए।
- 18 मई, 2017 को तत्कालीन डीजीपी ने चार माह में सजा दिलाने के प्रयास की बात कही थी।
- 22 मई, 2017 को आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद किए गए।
- 22 मई को पीड़िता के अधिवक्ता विकास इंदौरा ने पत्रकारों के सामने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। साथ ही सीबीआई जांच की मांग की।
- 1 जून, 2017 को मामले में एक अन्य युवक पंकज को गिरफ्तार किया। उस पर मुख्य आरोपी का मोबाइल सिम व युवती का बैग नगर में फेंकने का आरोप था।
- 28 जून, 2017 को तत्कालीन एसीजेएम सुनील चौहान की अदालत में पुलिस ने 409 पेज का चालान पेश किया।
- जून, 2017 में मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए एसपी ने सेशन जज को पत्र लिखा।
- जून, 2017 में युवती व आरोपियों का डीएनए मैच हो गया था। जिसमें पुष्टि हो गई थी कि दोनों मुख्य आरोपियों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया था।
- 30 जून, 2017 को युवती के भाई पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था।
- 2 अगस्त, 2017 बहुचर्चित गैंगरेप के बाद निर्मम हत्या के मामले को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि युवती के भाई की भी हत्या कर दी गई थी। युवक का शव दिल्ली रोड पर यूनियन बैंक के पीछे कमरे में मिला था।
- 6 दिसंबर, 2022 को अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
- 12 दिसंबर, 2022 को दोषी विकास ने नार्को टेस्ट की अपील की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
- 16 दिसंबर, 2022 को दोनों दोषियों की मेडिकल रिपोर्ट अदालत में पेश की गई।
- 19 दिसंबर, 2022 को दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई।