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भतीजे का आरोप ताऊ के हत्यारों ने कराई चाचा की हत्या
ब्यूरो/ अमर उजाला, गन्नौर।
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:06 AM IST
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गन्नौर में हुए हत्याकांड के बाद पोस्टमार्टम के दौरान सामान्य अस्पताल में उपस्थित पुलिस बल।
- फोटो : sonipat
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गांव गढ़ी केसरी में हुई गोलीबारी में केबल संचालक पवन की हत्या का मामला उसके भाई रामरूप हत्याकांड से ही जुड़ा है। पुलिस ने जांच के बाद भतीजे के बयान पर छह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। भतीजे का आरोप है कि उसके ताऊ की हत्या के मामले में उसके चाचा ने गवाही देकर दोषियों को सजा दिलवाई थी। उसका बदला लेने के लिए हत्यारों ने उसके चाचा की हत्या कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस ने गोलीकांड में मारे गए दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है। वहीं, हमले में गोली लगने से मरे प्रदीप का आपराधिक रिकार्ड रहा है।
गांव गढ़ी केसरी निवासी पवन त्यागी गांव में केबल संचालक का काम करता था। उसने गांव के अड्डे पर अपना कार्यालय का बना रखा था। पवन के भतीजे नितिन ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार देर शाम उसका चाचा अपने कार्यालय पर बैठा था। इसी दौरान आई-20 कार सवार चार युवक उसके पास आए थे। उनमें से उनका जानकार अगवानपुर निवासी राहुल कार्यालय में आया था। उसके साथ आए दो युवकों की पहचान उसने मूलरूप से गांव अटायल फिलहाल गन्नौर निवासी गोपाल व जींद के गांव बुढ़ा खेड़ी निवासी प्रदीप के रूप में दी थी। बाद में उसका चाचा बाहर आ गया था। चारों युवक अपनी कार में सवार होकर गांव की तरफ चल दिए थे। पवन भी अपने भतीजे नितिन के साथ कार में सवार होकर चल दिया था। कुछ दूर चलने पर ही युवकों ने कार को रुकवा लिया था। इसी बीच राहुल व गोपाल उनकी कार में आकर बैठ गए थे। उन्होंने बताया कि अपने भाई रामरूप हत्या मामले में उसने खेड़ी तगा निवासी सोनू, नवीन व सरढाना निवासी शीला के खिलाफ गवाही देकर उन्हें उम्रकैद कराई थी। उस समय तीनों की तरफ से गुमड़ के संदीप ने पवन को समझौता कराने को कहा था, लेकिन उसने समझौता नहीं किया था। उसी मामले का बदला लेने के लिए वह पवन की हत्या करने आए हैं। इस पर चारों हमलावरों ने गोली चला दी थी। उसके चाचा पवन ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाई थी। इस दौरान वह मौके से जान बचाकर भाग गया था। बाद में चाचा के साथी महिपाल व नवाब के साथ पहुंचा तो देखा कि प्रदीप गोली लगने से कार के पास पड़ा है। साथ ही उसके चाचा को चार गोली लगी हैं। वह अपने चाचा को पानीपत ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में नितिन के बयान पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
फोरेंसिक जांच में लगेगा पता प्रदीप को किसकी गोली लगी
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है कि प्रदीप की मौत किसकी गोली से हुई है। इसके लिए पुलिस ने प्रदीप के शरीर से मिली गोली को फोरेंसिक जांच के लिए मधुबन भेज दिया है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही पता लग सकेगा। हालांकि पवन की पिस्तौल से गोली चलने की पुष्टि हुई है।
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पुलिस के कड़े पहरे में हुआ पोस्टमार्टम
पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम शनिवार सुबह सामान्य अस्पताल कराया। पुलिस के कड़े पहरे में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने पहले पवन के शव का पोस्टमार्टम कराया। उसका शव परिजनों द्वारा लेकर जाने के बाद ही प्रदीप के परिजनों को बुलवाया गया।
प्रदीप पर छह आपराधिक मामले हैं दर्ज
हमलावरों में शामिल जींद के गंव बुढ़ाखेड़ा निवासी प्रदीप का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। प्रदीप पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, चोरी के छह मामले दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी गन्नौर के अटायल गांव निवासी गोपाल पर भी डकैती, चोरी, बलात्कार, हत्या के करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। हालांकि अगवानपुर निवासी राहुल का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है।
गमगीन माहौल में हुआ पवन त्यागी का अंतिम संस्कार
पवन त्यागी की मौत के बाद गढ़ी केसरी गांव में मातम पसर गया। पवन के मौत के बाद उसके परिजनों के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। स्थानीय विधायक कुलदीप शर्मा एवं पूर्व सांसद जितेंद्र मलिक ने भी परिवार के लोगों का ढांढस बंधाते हुए पवन को श्रद्धांजलि दी।
आरोपियों की गाड़ी पर संशय बरकरार
केबल संचालक पवन त्यागी के कार्यालय पर जिस गाड़ी में बदमाश सवार होकर पहुंचे थे उस गाड़ी के मालिक को पुलिस अभी तक ट्रेस नहीं कर पाई है। बदमाश सोची समझी साजिश के साथ कार पर सवार हो कर आए थे। उन्होंने कार की नंबर प्लेट भी बदल रखी थी। पुलिस को कार के नंबर का रिकार्ड ही नहीं मिला। पुलिस का शक है कि यह गाड़ी चोरी की है। फिलहाल पुलिस कार के असली मालिक की खोजबीन में जुटी हुई है।
बदमाशों की तलाश करेगी अलग-अलग टीमें
परिजनों की शिकायत पर हत्या के आरोप में छह लोगों के खिलाफ हत्या व षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए एक टीम सीआईए प्रभारी इंदीवर व थाना प्रभारी कंवल सिंह के नेतृत्व में दो टीमों का गठन कर दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
ओमप्रकाश, डीएसपी गन्नौर
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गांव गढ़ी केसरी निवासी पवन त्यागी गांव में केबल संचालक का काम करता था। उसने गांव के अड्डे पर अपना कार्यालय का बना रखा था। पवन के भतीजे नितिन ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार देर शाम उसका चाचा अपने कार्यालय पर बैठा था। इसी दौरान आई-20 कार सवार चार युवक उसके पास आए थे। उनमें से उनका जानकार अगवानपुर निवासी राहुल कार्यालय में आया था। उसके साथ आए दो युवकों की पहचान उसने मूलरूप से गांव अटायल फिलहाल गन्नौर निवासी गोपाल व जींद के गांव बुढ़ा खेड़ी निवासी प्रदीप के रूप में दी थी। बाद में उसका चाचा बाहर आ गया था। चारों युवक अपनी कार में सवार होकर गांव की तरफ चल दिए थे। पवन भी अपने भतीजे नितिन के साथ कार में सवार होकर चल दिया था। कुछ दूर चलने पर ही युवकों ने कार को रुकवा लिया था। इसी बीच राहुल व गोपाल उनकी कार में आकर बैठ गए थे। उन्होंने बताया कि अपने भाई रामरूप हत्या मामले में उसने खेड़ी तगा निवासी सोनू, नवीन व सरढाना निवासी शीला के खिलाफ गवाही देकर उन्हें उम्रकैद कराई थी। उस समय तीनों की तरफ से गुमड़ के संदीप ने पवन को समझौता कराने को कहा था, लेकिन उसने समझौता नहीं किया था। उसी मामले का बदला लेने के लिए वह पवन की हत्या करने आए हैं। इस पर चारों हमलावरों ने गोली चला दी थी। उसके चाचा पवन ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाई थी। इस दौरान वह मौके से जान बचाकर भाग गया था। बाद में चाचा के साथी महिपाल व नवाब के साथ पहुंचा तो देखा कि प्रदीप गोली लगने से कार के पास पड़ा है। साथ ही उसके चाचा को चार गोली लगी हैं। वह अपने चाचा को पानीपत ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में नितिन के बयान पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
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फोरेंसिक जांच में लगेगा पता प्रदीप को किसकी गोली लगी
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है कि प्रदीप की मौत किसकी गोली से हुई है। इसके लिए पुलिस ने प्रदीप के शरीर से मिली गोली को फोरेंसिक जांच के लिए मधुबन भेज दिया है। उसकी रिपोर्ट के बाद ही पता लग सकेगा। हालांकि पवन की पिस्तौल से गोली चलने की पुष्टि हुई है।
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पुलिस के कड़े पहरे में हुआ पोस्टमार्टम
पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम शनिवार सुबह सामान्य अस्पताल कराया। पुलिस के कड़े पहरे में शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने पहले पवन के शव का पोस्टमार्टम कराया। उसका शव परिजनों द्वारा लेकर जाने के बाद ही प्रदीप के परिजनों को बुलवाया गया।
प्रदीप पर छह आपराधिक मामले हैं दर्ज
हमलावरों में शामिल जींद के गंव बुढ़ाखेड़ा निवासी प्रदीप का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। प्रदीप पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, चोरी के छह मामले दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी गन्नौर के अटायल गांव निवासी गोपाल पर भी डकैती, चोरी, बलात्कार, हत्या के करीब आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। हालांकि अगवानपुर निवासी राहुल का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है।
गमगीन माहौल में हुआ पवन त्यागी का अंतिम संस्कार
पवन त्यागी की मौत के बाद गढ़ी केसरी गांव में मातम पसर गया। पवन के मौत के बाद उसके परिजनों के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। स्थानीय विधायक कुलदीप शर्मा एवं पूर्व सांसद जितेंद्र मलिक ने भी परिवार के लोगों का ढांढस बंधाते हुए पवन को श्रद्धांजलि दी।
आरोपियों की गाड़ी पर संशय बरकरार
केबल संचालक पवन त्यागी के कार्यालय पर जिस गाड़ी में बदमाश सवार होकर पहुंचे थे उस गाड़ी के मालिक को पुलिस अभी तक ट्रेस नहीं कर पाई है। बदमाश सोची समझी साजिश के साथ कार पर सवार हो कर आए थे। उन्होंने कार की नंबर प्लेट भी बदल रखी थी। पुलिस को कार के नंबर का रिकार्ड ही नहीं मिला। पुलिस का शक है कि यह गाड़ी चोरी की है। फिलहाल पुलिस कार के असली मालिक की खोजबीन में जुटी हुई है।
बदमाशों की तलाश करेगी अलग-अलग टीमें
परिजनों की शिकायत पर हत्या के आरोप में छह लोगों के खिलाफ हत्या व षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए एक टीम सीआईए प्रभारी इंदीवर व थाना प्रभारी कंवल सिंह के नेतृत्व में दो टीमों का गठन कर दिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
ओमप्रकाश, डीएसपी गन्नौर