Sonipat: ऑटो किराये पर देने वाले युवक की हत्या में तीन दोषियों को उम्रकैद, कहासुनी की रंजिश में कर दी थी हत्या
सैलून में हुई कहासुनी की रंजिश में हत्या कर दी थी। झज्जर के आसंडा का युवक सोनीपत में किराये पर रहकर ऑटो चलवाता था। जुलाई 2018 में पुरखास अड्डा के पास कर हत्या दी गई थी।
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हरियाणा के सोनीपत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रमोद गोयल की अदालत ने ऑटो मालिक की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दो दोषियों पर 20-20 हजार व एक दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। दोषियों ने मामूली कहासुनी में वारदात को अंजाम दिया था।
झज्जर के गांव आसंडा निवासी बलजीत सिंह ने 24 जुलाई 2018 को सिटी थाना पुलिस को बताया था कि उनका बड़ा बेटा सुनील उर्फ ठोडा सोनीपत में नंदी चौक के पास किराये पर रहता था। उसने तीन ऑटो ले रखे थे। जिन्हें किराये पर देकर वह गुजर बसर कर रहा था। उनका बेटा 23 जुलाई, 2018 की रात को दस बजे अपने एक साथी आसंडा के सुमित के साथ पुरखास अड्डा स्थित सैलून पर सेविंग कराने गया था।
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जब वह सैलून पर बैठा था तो इसी दौरान तीन युवक चेहरे पर कपड़ा बांधकर सैलून के बाहर पहुंचे थे। युवकों को देखते ही सुनील सैलून से बाहर निकल रहा था तो आरोपियों ने उसके बेटे को पकड़ लिया था। उनमें गांव शहजादपुर का प्रीतम व झज्जर के गांव खरहर का एक युवक तथा एक अन्य थे। उन्होंने उसके बेटे पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
शोर मचाने पर हमलावर मौके से भाग गए थे। पुलिस ने मामले में बलजीत के बयान पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में तत्कालीन सिटी थाना प्रभारी राजपाल सिंह की टीम ने आरोपी गांव शहजादपुर के प्रीतम, उसके गांव के ही शैलेश व खरहर के संदेश उर्फ सैंडी को गिरफ्तार किया था। तीनों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
मामले में सुनवाई करते हुए सेशन जज प्रमोद गोयल की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों को भादंसं की धारा 302 में उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। इसके साथ ही प्रीतम व सुमित को अवैध शस्त्र अधिनियम में भी दोषी करार देकर दो-दो साल कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर दोनों को 13-13 माह व शैलेश को नौ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।