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Sonipat: रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दे तीन खिलाड़ियों से पांच लाख रुपये ऐंठे

Sat, 17 Dec 2022 11:50 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गोहाना, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहाना, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 17 Dec 2022 11:50 PM IST
सार

पीड़ितों ने गृह मंत्री को शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। रेवाड़ी जिले के गांव अकेडा वासी चाचा-भतीजे पर केस दर्ज किया गया है।

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Five lakh rupees were cheated from three players on the pretext of getting jobs in railway
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

हरियाणा के सोनीपत के गोहाना क्षेत्र के गांव माहरा कबड्डी अकादमी में अभ्यास करने वाले तीन खिलाड़ियों ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने गृह मंत्री को शिकायत देकर सदर थाना गोहाना में मुकदमा दर्ज कराया है।

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गांव जौली निवासी हरिओम, गांव मुंडलाना निवासी दिनेश, गांव भूर्री निवासी दीपक ने गृहमंत्री को शिकायत दी है कि वे माहरा गांव की शास्त्री कबड्डी अकादमी में अभ्यास करते हैं। इस अकादमी में नितेश भी अभ्यास करता है। नितेश के चाचा राम की रेवाड़ी में कबड्डी अकादमी है। खिलाड़ियों ने बताया कि अभ्यास के दौरान उन्हें अन्य अकादमी में जाना पड़ता है।
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नितेश व उनके चाचा के साथ उनकी जान पहचान हो गई थी। वे रेवाड़ी के गांव अकेडा के रहने वाले हैं। नितेश ने उन्हें रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी लगवाने का झांसा दिया। उसने कहा कि उसके चाचा की रेलवे विभाग में उच्च अधिकारी तक जान-पहचान है। इसके बाद नितेश ने तीनों को उसके चाचा राम से मिलवा दिया। 
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उन्होंने युवकों को नौकरी लगवाने के लिए 8 लाख रुपये की मांग की। तीनों ने उनके झांसे में आकर नौकरी पाने के लिए पांच लाख रुपये दे दिए। तीन लाख रुपये हरिओम तथा एक-एक लाख रुपये दीपक व दिनेश ने दिए हैं। पीड़ितों ने 4 लाख रुपये नकद और एक लाख रुपये नितेश और उसके जानकार के बैंक खाते में भेजे हैं।


बाकी की राशि नौकरी लगने के बाद देने पर सहमति हुई। आरोपी पीड़ितों के पटना और लखनऊ के चक्कर लगवाते रहे। इतना ही नहीं मार्च, 2021 में बुकिंग क्लर्क का एक फर्जी नियुक्त पत्र व फर्जी पहचान पत्र भी दिया। जब उन्हें धोखाधड़ी होने का अंदेशा हुआ तो आरोपियों से पैसे वापस देने की मांग की। आरोपी नकदी देने में आनाकानी करने लगे। जब पीड़ितों को नकदी वापस नहीं मिली तो उन्होंने गृह मंत्री को शिकायत दी।

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