रोडवेज चालक की हत्या का मामला: थार ढूंढना बना चुनौती, DL-1664 सीरिज की 578 गाड़ियां मिलीं, थार एक भी नहीं
रोडरेज में चालक की हत्या के मामले में वारदात को अंजाम देने वाली थार को ढूंढना चुनौती बना है। रोडवेज कर्मियों और परिजनों की तरफ से मुहैया कराए नंबर से पुलिस को मदद नहीं मिल पा रही है। पुलिस को दिल्ली में 4000 थार जीप का पता लगा है, इमनें करीब ढाई हजार काले रंग की हैं। वहीं पिता की हत्या और हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से दुखी रोडवेज चालक के बेटे ने जहर निगल लिया।
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हरियाणा के सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 पर कुंडली के पास थार जीप से कुचलकर रोडवेज चालक की हत्या के मामले में हमलावरों तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा है। एनसीआर के जिले में पुलिस का हाईटेक सिस्टम भी हमलावरों का सुराग लगा पाने में बौना साबित हो रहा है।
पुलिस ने जांच को बढ़ाया जो रोडवेज कर्मियों व चालक के परिजनों की तरफ से मुहैया कराए नंबर से भी कोई मदद नहीं मिल सकी। पुलिस को दिए गए डीएल-1664 सीरिज से मिलते-जुलते नंबर की दिल्ली 578 गाड़ी मिली हैं और उनमें से थार एक भी नहीं मिली है। इतना ही नहीं दिल्ली में 4000 थार जीपें हैं, जिनमें से ढाई हजार थार जीप काले रंग की है।
कुंडली के पास नेशनल हाईवे पर साइड नहीं देने के विवाद में हरियाणा रोडवेज के चालक जगबीर की थार जीप से कुचलकर हत्या कर दी थी। तब वहां मौजूद कर्मियों ने थार जीप का अधूरा नंबर डीएल-1664 होने की बात कही थी। जिस पर पुलिस को लगा था कि वह इस नंबर के सहारे थार सवार युवक-युवतियों तक पहुंच जाएगी।
लेकिन जब पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो पुलिस की चुनौती बढ़ गई। पुलिस को इस अधूरे नंबर से मिलती-जुलती सीरिज की 578 गाड़ियों का पता लगा। जिसमें भी पुलिस की सिरदर्दी तब और बढ़ गई जब उनमें से एक भी थार गाड़ी नहीं थी। इतना ही नहीं दिल्ली में चार हजार थार जीपों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। उनमें से ढाई हजार काले रंग की है। ऐसे में उन सभी तक तुरंत पहुंच पाना भी पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।
सीसीटीवी से भी नहीं मिल सकी ज्यादा मदद
मुरथल से दिल्ली बॉर्डर तक 12 स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। इनमें एनएचएआई, पुलिस और निजी कंपनियों के कैमरे हैं। इनकी देखरेख एक निजी कंपनी को दी गई थी। अब रोडरेज के बाद एक भी सीसीटीवी में थार जीप का नंबर कैप्चर नहीं हुआ है। थार ही नहीं, सरकारी कैमरे अन्य वाहनों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। कई कैमरे सही भी नहीं मिले हैं। हादसा कर भाग रही जीप हाईवे पर एक निजी संस्थान के कैमरे में कैप्चर हुई है, लेकिन उसमें नंबर स्पष्ट नहीं है।
अब ढाबों के साथ ही टोल पर की जाएगी जांच
बहालगढ़ के पास थार जीप पहुंचने के दो ही रास्ते हैं। वह मुरथल में ढाबों पर रात को रुकी हो या किसी हाईवे से आई हो। सभी हाईवे पर टोल प्लाजा हैं। वहीं मुरथल के ढाबों पर सीसीटीवी लगे हैं। अब पुलिस की दो टीम सीसीटीवी की फुटेज चेक करने में लगा दी गई है। चारों में से किसी टोल या किसी होटल के सीसीटीवी में थार जीप की तस्वीर मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस को मुहैया कराए गए दिल्ली नंबर की सीरीज की एक भी थार जीप नहीं मिली है। अब पुलिस टीम ढाबों और टोल प्लाजा की फुटेज चेक कर रही है। टीमों की जांच लगातार सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। बहुत जल्द थार जीप व उसके सवारों की पहचान कर ली जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी सहयोग की मांग की है। साथ ही दिल्ली में आरटीओ से भी मदद ली जा रही है। -इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, कुंडली
पिता की हत्या और हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से दुखी रोडवेज चालक के बेटे ने जहर निगला
नेशनल हाईवे-44 पर रोडरेज में थार से कुचलकर मौत के घाट उतार दिए गए रोडवेज बस चालक के बेटे ने बुधवार को जहर निगल लिया। भाई का आरोप है कि पिता की हत्या के सदमे और हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से उसका भाई संदीप दुखी था। वह सुबह से ही घर से गायब था। बाद में जब वह उसे तलाश करते हुए श्मशान घाट पहुंचे तो वहां मिला। वह उसे घर ले गए तो हालत बिगड़ गई। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मूलरूप से गांव सलीमसर माजरा फिलहाल सरस्वती विहार निवासी हरियाणा रोडवेज बस चालक जगबीर सिंह दिल्ली स्थित हरियाणा डिपो में तैनात थे। वह मंगलवार तड़के चार बजे सोनीपत से रोडवेज बस में दिल्ली के लिए चले थे। रास्ते में साइड देने को लेकर हरियाणा रोडवेज के बस चालक प्रमोद कुमार और थार कार में सवार चार युवक-युवतियों में विवाद हो गया था।
इसके चलते थार सवार युवकों ने कुंडली के पास बस को रुकवा लिया था। वहां पर अन्य लोगों के साथ जगबीर सिंह भी युवकों को समझाने के लिए बस से नीचे उतरे थे। इसी दौरान युवकों ने थार से उन्हें कुचल दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। साथ ही चालक प्रमोद कुमार, परिचालक फतेह सिंह और बिजेंद्र सिंह घायल हुए थे।
मामले में रोडवेज कर्मचारी संघ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। पिता की हत्या के बाद से जगबीर का छोटा बेटा संदीप (22) सदमे में था। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह आठ बजे वह घर से चला गया था। जब वह वापस नहीं आया तो उसका बड़ा भाई दीपक उसे तलाश करते हुए उसी श्मशान घाट में पहुंचा था, जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया था।
उसे वहां पर संदीप मिल गया था। तब उसकी हालत बिगड़ी हुई थी। वह उसे घर ले आए थे। दीपक के अनुसार उसका भाई पिता की हत्या से आहत होने के साथ ही थार जीप सवार युवक-युवतियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध था। वे उसे घर ले गए। उन्होंने समझा कि रातभर सो नहीं पाने से उसकी हालत बिगड़ी है।
उसके कपड़े उतरवा कर उसे घर में लेटा दिया था। जब उसकी बहन उसके कपड़े धोने लगी तो उसे संदीप के कपड़ों में गोली मिली। इस पर उन्हें कोई जहरीला पदार्थ निगलने का शक हुआ तो वे उसे तुरंत निजी अस्पताल में ले गए, जहां पर चिकित्सक ने सल्फास (जहर) खाने की बात कही। साथ ही उसके भाई को दाखिल कर लिया। दीपक ने पिता की हत्या के मामले में निष्पक्ष और तीव्र जांच की मांग की।
कुंडली के पास रोडवेज चालक की थार जीप से कुचलकर हत्या की गई थी। चालक के बेटे ने अब श्मशान घाट पर जाकर जहर खा लिया। उसको परिजन निजी अस्पताल में लेकर गए। उसे बेहतर उपचार दिलवाया जा रहा है। पूरे मामले की जांच जारी है। - इंस्पेक्टर नीरज सिंह, थाना प्रभारी सिटी