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Sonipat: पड़ोसी युवक की हत्या में दोषी दो भाइयों, बहन व पिता को उम्रकैद, रंजिश में गोली मारकर मार डाला था
Mon, 09 Jan 2023 07:01 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 09 Jan 2023 07:01 PM IST
सार
रंजिश के चलते युवक की गोली मारकर हत्या की थी। दो दोषियों को आठ-आठ और दो को सात-सात हजार रुपये जुर्माना भी देना होगा। हमलावर घर में घुस आए थे। बचकर पड़ोसी की छत पर गया तो युवक को गोली मार दी थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : google
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विस्तार
हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने गांव जठेड़ी में युवक की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए पड़ोसी दो भाइयों, उनकी बहन व पिता को दोषी करार दिया है। अदालत ने चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने पिता-पुत्री पर सात-सात हजार व दोनों भाइयों पर आठ-आठ हजार रुपये जुर्माना किया है।
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गांव जठेड़ी निवासी श्रीओम ने 23 मई 2019 को राई थाना पुलिस को बताया था कि नीरज (33) उनका इकलौता बेटा था। उसके अलावा तीन अन्य बेटियां है। चारों की शादी कर रखी है। 22 मई, 2019 की रात को वह घर के अंदर कमरे में सो रहे थे। रात करीब 11 बजे उनका पड़ोसी देवेंद्र अपने भाई धर्मबीर, बहन मनीषा व पिता नारायण के साथ उनके घर में घुस आया था।
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वह उसके बेटे के कमरे का दरवाजा खुलवाने के लिए धक्का दे रहे थे। साथ ही वह नीरज को कह रहे थे कि बाहर निकल, तुमने मनीषा का घर बर्बाद कर दिया है। वह उसके बेटे के कमरे में जबरन घुस गए थे। देवेंद्र हाथ में पिस्तौल व धर्मबीर धारदार हथियार लिए हुए था।
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उनसे बचने के लिए उनका बेटा कमरे से निकलकर पड़ोसी विजय की छत पर चला गया था। अंधेरा होने के कारण वह छत पर गिर गया था। उसी दौरान नीरज का पीछा कर रहे देवेंद्र ने उसके बेटे को गोली मार दी। उसी दौरान धर्मबीर भी छत पर पहुंच गया और देवेंद्र से पिस्तौल लेकर उसने भी उसके सिर में गोली मार दी थी।
झगड़े व गोली की आवाज सुनकर पड़ोसी व उसका भाई राजबीर गली में आ गए थे। उन्हें आता हुआ देखकर आरोपी देवेंद्र, धर्मबीर, उनका पिता नारायण व बहन मनीषा वहां से भाग गए थे। जब वह छत पर गए थे तो नीरज लहूलुहान पड़ा हुआ था।
मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची राई थाना पुलिस ने सुबूत जुटाए थे। पुलिस ने श्रीओम के बयान पर हमलावर देवेंद्र, धर्मबीर, नारायण व मनीषा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे अजय पराशर की अदालत ने चारों को दोषी करार दिया। अदालत ने सोमवार को मामले में फैसला सुनाते हुए भादंसं की धारा 302 में चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं भादंसं की धारा 452 में भी सभी को दोषी माना है। चोरों को उसमें दो-दो साल कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माना तथा शस्त्र अधिनियम में देवेंद्र व धर्मबीर को एक व तीन साल कैद और एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है।