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हर माह हुआ एक करोड़ का खेल, ज्यादातर आरोपियों का है पूरा ब्यौरा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 02 Dec 2015 12:22 AM IST
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सोनीपत चिटफंड कमेटी मामले में नया मोड़ आ गया है। एक पीड़ित का दावा है कि उसके हाथ एक ऐसी डायरी लगी है, जिसमें ज्यादातर आरोपियों का लेखाजोखा है। आरोपी मिलकर हर माह एक करोड़ रुपये की कमेटी डालते थे। इसकी एक कॉपी मंगलवार को पीड़ितों ने मामले की जांच कर रही सेक्टर-23 पुलिस चौकी को सौंपी। पीड़ितों का दावा है कि अगर पुलिस ने इस डायरी को आधार बनाकर सख्ती से कार्रवाई की तो ठगी के इस खेल का हर खिलाड़ी सामने आ जाएगा।
पीड़ित ने पुलिस को जो डायरी दी है, उसमें साफ लिखा हुआ है कि कई महिलाएं मिलकर हर माह एक करोड़ की कमेटी डालती थी। हर माह किसने कितने पैसे जमा कराए। किसने कमेटी छुड़वाई। इसका पूरा ब्यौरा है। साथ ही डायरी लिखने वाली महिला ने किस-किसने से कितने पैसे कमेटी के नाम पर लिए, यह भी हिसाब-किताब है। अब पुलिस कितनी ईमानदारी से डायरी को आधार मानकर जांच आगे बढ़ाती है, यह तो पुलिस के आला अधिकारी ही बता सकते हैं।
गुजर गई समय-सीमा, पूरी पावर दें डीएसपी को
उधर, पूरे मामले को लेकर मंगलवार को चिटफंड पीड़ित जुलूस के तौर पर लघुसचिवालय पहुंचे और डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। डीसी की गैर मौजूदगी में सीटीएम ने ज्ञापन लिया। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने एक दिसंबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई नहीं गिरफ्तारी हुई। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ितों को न केवल धमकाया जा रहा है, बल्कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। चर्चा है कि पुलिस विभाग के ही कुछ लोग कार्रवाई में बाधा बन रहे हैं। ऐसे में पीड़ितों ने मामले की जांच कर रहे डीएसपी सतीश कुमार को कार्रवाई की पूरी पावर दी जाए। इसके बाद पीड़ित एसपी से मिले। एसपी ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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डायरी अहम, जल्द करेंगे अध्ययन : डीएसपी
मामले की जांच कर रहे डीएसपी गन्नौर सतीश कुमार ने भी माना कि अगर इस तरह की कोई डायरी मिली है तो वह बेहद महत्वपूर्ण है। जल्द इसका अध्ययन करेंगे। साथ ही सभी पीड़ितों के बयान दर्ज कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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पीड़ित ने पुलिस को जो डायरी दी है, उसमें साफ लिखा हुआ है कि कई महिलाएं मिलकर हर माह एक करोड़ की कमेटी डालती थी। हर माह किसने कितने पैसे जमा कराए। किसने कमेटी छुड़वाई। इसका पूरा ब्यौरा है। साथ ही डायरी लिखने वाली महिला ने किस-किसने से कितने पैसे कमेटी के नाम पर लिए, यह भी हिसाब-किताब है। अब पुलिस कितनी ईमानदारी से डायरी को आधार मानकर जांच आगे बढ़ाती है, यह तो पुलिस के आला अधिकारी ही बता सकते हैं।
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गुजर गई समय-सीमा, पूरी पावर दें डीएसपी को
उधर, पूरे मामले को लेकर मंगलवार को चिटफंड पीड़ित जुलूस के तौर पर लघुसचिवालय पहुंचे और डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। डीसी की गैर मौजूदगी में सीटीएम ने ज्ञापन लिया। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने एक दिसंबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई नहीं गिरफ्तारी हुई। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ितों को न केवल धमकाया जा रहा है, बल्कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। चर्चा है कि पुलिस विभाग के ही कुछ लोग कार्रवाई में बाधा बन रहे हैं। ऐसे में पीड़ितों ने मामले की जांच कर रहे डीएसपी सतीश कुमार को कार्रवाई की पूरी पावर दी जाए। इसके बाद पीड़ित एसपी से मिले। एसपी ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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डायरी अहम, जल्द करेंगे अध्ययन : डीएसपी
मामले की जांच कर रहे डीएसपी गन्नौर सतीश कुमार ने भी माना कि अगर इस तरह की कोई डायरी मिली है तो वह बेहद महत्वपूर्ण है। जल्द इसका अध्ययन करेंगे। साथ ही सभी पीड़ितों के बयान दर्ज कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।