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नाबालिग साथी के चार हत्यारे भुगतेंगे उम्रकैद की सजा
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:14 AM IST
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नाबालिग साथी के चार हत्यारे भुगतेंगे उम्रकैद की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने अपने ही नाबालिग साथी की हत्या कर उसके शव को नहर में फेंकने के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर दोषियों को एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मामले को लेकर गांव हलालपुर निवासी तेज सिंह ने 2 फरवरी, 2015 को थाना खरखौदा में शिकायत दी थी कि उसके बेटे रोहित (17) को गांव का आशीष उर्फ पकोड़ा, सोनू उर्फ गप्पड और सन्नी उर्फ सचिन व दो-तीन 27 जनवरी, 2015 को घर से बुलाकर ले गए थे। तेज सिंह ने कहा था कि उसकी बेटी को लडक़ा हुआ था। रोहित के दोस्त इसकी पार्टी लेने की बात कहकर उसे लेकर गए थे। उसके बाद रोहित घर नहीं लौटा था। जिस पर पुलिस ने तीन नामजद सहित अन्य के खिलाफ बंधक बनाकर रखने का मामला दर्ज किया था। मामले में फरवरी, 2015 धर्मबीर को बहादुरगढ़ पुलिस ने तमंचे सहित काबू किया था। धर्मबीर मूलरूप से गांव हलालपुर का रहने वाला था और अब घटना के समय उसका पूरा परिवार गांव सराय ओरंगाबाद, झज्जर में रह रहा था। उसने साथियों के साथ मिलकर रोहित की हत्या करना स्वीकार किया था। पुलिस उसे रिमांड पर 3 फरवरी, 2015 को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। उसने पुलिस को बताया था कि उन्होंने घटना के दिन हलालपुर नहर के पास शराब पी थी। नशे में रोहित के साथ झगड़ा हो गया था। इसी झगड़े में परना से गला दबाकर उसकी हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंक दिया था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित का शव हैदरपुर हेड से बरामद होने की पुष्टि कर दी थी। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सैदपुर चौकी प्रभारी रमेश की टीम ने आशीष उर्फ पकोड़ा, सोनू उर्फ गप्पड, सन्नी उर्फ सचिन व प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने बताया था कि घटना के दिन आशीष, सन्नी, कर्मबीर और धर्मबीर की सोनीपत की अदालत में पेशी थी। चारों पर वर्ष 2014 में बारोटा के पास एक युवक की बाइक लूटने का आरोप था। इसमें गवाही देने के बाद चारों गांव पहुंचे थे। धर्मबीर भी अपने परिजनों के पास जाने के बजाय अपने साथियों के साथ हलालपुर में ही रुक गया था। बाद में उन्होंने रोहित हत्याकांड को अंजाम दिया था।
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मामले में सोमवार को एएसजे डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने धर्मबीर, प्रवीण, सोनू व आशीष को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सचिन को पहले ही बरी कर दिया गया था। अदालत ने आईपीसी 302 में उन्हें उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माना तथा न देने पर एक साल अतिरिक्त व आईपीसी 201 में तीन साल कैद व 10-10 हजर रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने अपने ही नाबालिग साथी की हत्या कर उसके शव को नहर में फेंकने के मामले में चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न देने पर दोषियों को एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मामले को लेकर गांव हलालपुर निवासी तेज सिंह ने 2 फरवरी, 2015 को थाना खरखौदा में शिकायत दी थी कि उसके बेटे रोहित (17) को गांव का आशीष उर्फ पकोड़ा, सोनू उर्फ गप्पड और सन्नी उर्फ सचिन व दो-तीन 27 जनवरी, 2015 को घर से बुलाकर ले गए थे। तेज सिंह ने कहा था कि उसकी बेटी को लडक़ा हुआ था। रोहित के दोस्त इसकी पार्टी लेने की बात कहकर उसे लेकर गए थे। उसके बाद रोहित घर नहीं लौटा था। जिस पर पुलिस ने तीन नामजद सहित अन्य के खिलाफ बंधक बनाकर रखने का मामला दर्ज किया था। मामले में फरवरी, 2015 धर्मबीर को बहादुरगढ़ पुलिस ने तमंचे सहित काबू किया था। धर्मबीर मूलरूप से गांव हलालपुर का रहने वाला था और अब घटना के समय उसका पूरा परिवार गांव सराय ओरंगाबाद, झज्जर में रह रहा था। उसने साथियों के साथ मिलकर रोहित की हत्या करना स्वीकार किया था। पुलिस उसे रिमांड पर 3 फरवरी, 2015 को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। उसने पुलिस को बताया था कि उन्होंने घटना के दिन हलालपुर नहर के पास शराब पी थी। नशे में रोहित के साथ झगड़ा हो गया था। इसी झगड़े में परना से गला दबाकर उसकी हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंक दिया था।
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पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रोहित का शव हैदरपुर हेड से बरामद होने की पुष्टि कर दी थी। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सैदपुर चौकी प्रभारी रमेश की टीम ने आशीष उर्फ पकोड़ा, सोनू उर्फ गप्पड, सन्नी उर्फ सचिन व प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने बताया था कि घटना के दिन आशीष, सन्नी, कर्मबीर और धर्मबीर की सोनीपत की अदालत में पेशी थी। चारों पर वर्ष 2014 में बारोटा के पास एक युवक की बाइक लूटने का आरोप था। इसमें गवाही देने के बाद चारों गांव पहुंचे थे। धर्मबीर भी अपने परिजनों के पास जाने के बजाय अपने साथियों के साथ हलालपुर में ही रुक गया था। बाद में उन्होंने रोहित हत्याकांड को अंजाम दिया था।
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मामले में सोमवार को एएसजे डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने धर्मबीर, प्रवीण, सोनू व आशीष को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सचिन को पहले ही बरी कर दिया गया था। अदालत ने आईपीसी 302 में उन्हें उम्रकैद व 25-25 हजार रुपये जुर्माना तथा न देने पर एक साल अतिरिक्त व आईपीसी 201 में तीन साल कैद व 10-10 हजर रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।