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राम रहीम के डेरे से बाल ग्राम राई भेजी गईं बेटियों को जान का खतरा, सुरक्षा न मिलने से पढ़ाई भी छूटी
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:21 AM IST
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अंकित चौहान/रविंद्र कौशिक
सोनीपत।
डेरामुखी गुरमीत के आश्रम से सोनीपत के बाल ग्राम राई भेजी गईं लड़कियों को जान का खतरा है। सीडब्ल्यूसी ने सुरक्षा के बीच उन्हें स्कूल भेजने का निर्णय लिया गया, लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता के चलते बेटियों को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। सीडब्ल्यूसी यानी चाइल्ड वेलफेयर काउंसिल के निर्णय के बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। वहीं मामला सामने आने पर डीसी ने सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। पत्र में कहा गया कि इस तरह हर लड़की को पुलिस सुरक्षा दे पाना मुश्किल हो सकता है। जबकि उन लड़कियों का शहर के एक बड़े स्कूल में दाखिला कराया गया है। हालांकि सुरक्षा न मिलने के चलते वह अभी तक एक दिन भी स्कूल नहीं गई हैं।
डेरामुखी गुरमीत को साध्वी के यौन शोषण के मामले में अगस्त 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद जिस तरह से बवाल हुआ था, उसको देखते हुए सिरसा के आश्रम में रहने वालों को बाहर निकाल दिया गया था। उस दौरान आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रहीं 18 लड़कियों को बालग्राम राई में भेजा गया था। बालग्राम भेजी गई इन 18 लड़कियों में 13 के परिजनों ने सिरसा प्रशासन के पास प्रार्थना पत्र दिया था कि वह अपनी बेटियों को लेकर जाना चाहते हैं। इसके बाद यहां से 15 लड़कियों को उनके साथ भेज दिया गया था, जबकि 5 लड़कियों के परिजनों का पता नहीं चलने पर वह बालग्राम में रह रही हैं। उनको पढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से डेढ़ महीने पहले शहर के एक बड़े निजी स्कूल में दाखिला कराया गया, लेकिन सीडब्ल्यूसी की ओर से डीसी को पत्र भेजकर इन लड़कियों को सुरक्षा में स्कूल भेजने के लिए कहा गया। इस सुरक्षा के चक्कर में लड़कियों को एक दिन भी स्कूल नहीं भेजा गया है और उनकी पढ़ाई छूट गई है। लड़कियां 12वीं तक अलग-अलग क्लास में पढ़ रही है।
पुलिस और बाल ग्राम सुरक्षा को लेकर फंसा पेंच
सीडब्ल्यूसी की ओर से सुरक्षा को लेकर भेजे गए पत्र में यह साफ नहीं किया गया है कि लड़कियों को पुलिस सुरक्षा में स्कूल भेजा जाए या उनको बाल ग्राम राई की सुरक्षा में स्कूल भेजे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए बाल ग्राम के अंदर भी सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके लिए ही अब डीसी ने सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखकर यह पूछा है कि लड़कियों को पुलिस सुरक्षा या बालग्राम की सुरक्षा में स्कूल भेजा जाए।
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सिरसा के डेरा से आई लड़कियों को शहर के एक अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलाया गया है, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने उनकी पूरी सुरक्षा करने के लिए कहा है और उनको सुरक्षा में स्कूल भेजने के लिए कहा है। इस कारण ही सीडब्ल्यूसी से पूछा गया है कि इनको पुलिस या बालग्राम किस सुरक्षा में स्कूल भेजना है। इसलिए अभी मामला अटका हुआ है।
- केएम पांडुरंग, डीसी
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सोनीपत।
डेरामुखी गुरमीत के आश्रम से सोनीपत के बाल ग्राम राई भेजी गईं लड़कियों को जान का खतरा है। सीडब्ल्यूसी ने सुरक्षा के बीच उन्हें स्कूल भेजने का निर्णय लिया गया, लेकिन सरकार और प्रशासन की उदासीनता के चलते बेटियों को पढ़ाई छोड़नी पड़ी। सीडब्ल्यूसी यानी चाइल्ड वेलफेयर काउंसिल के निर्णय के बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। वहीं मामला सामने आने पर डीसी ने सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। पत्र में कहा गया कि इस तरह हर लड़की को पुलिस सुरक्षा दे पाना मुश्किल हो सकता है। जबकि उन लड़कियों का शहर के एक बड़े स्कूल में दाखिला कराया गया है। हालांकि सुरक्षा न मिलने के चलते वह अभी तक एक दिन भी स्कूल नहीं गई हैं।
डेरामुखी गुरमीत को साध्वी के यौन शोषण के मामले में अगस्त 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद जिस तरह से बवाल हुआ था, उसको देखते हुए सिरसा के आश्रम में रहने वालों को बाहर निकाल दिया गया था। उस दौरान आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रहीं 18 लड़कियों को बालग्राम राई में भेजा गया था। बालग्राम भेजी गई इन 18 लड़कियों में 13 के परिजनों ने सिरसा प्रशासन के पास प्रार्थना पत्र दिया था कि वह अपनी बेटियों को लेकर जाना चाहते हैं। इसके बाद यहां से 15 लड़कियों को उनके साथ भेज दिया गया था, जबकि 5 लड़कियों के परिजनों का पता नहीं चलने पर वह बालग्राम में रह रही हैं। उनको पढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से डेढ़ महीने पहले शहर के एक बड़े निजी स्कूल में दाखिला कराया गया, लेकिन सीडब्ल्यूसी की ओर से डीसी को पत्र भेजकर इन लड़कियों को सुरक्षा में स्कूल भेजने के लिए कहा गया। इस सुरक्षा के चक्कर में लड़कियों को एक दिन भी स्कूल नहीं भेजा गया है और उनकी पढ़ाई छूट गई है। लड़कियां 12वीं तक अलग-अलग क्लास में पढ़ रही है।
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पुलिस और बाल ग्राम सुरक्षा को लेकर फंसा पेंच
सीडब्ल्यूसी की ओर से सुरक्षा को लेकर भेजे गए पत्र में यह साफ नहीं किया गया है कि लड़कियों को पुलिस सुरक्षा में स्कूल भेजा जाए या उनको बाल ग्राम राई की सुरक्षा में स्कूल भेजे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए बाल ग्राम के अंदर भी सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके लिए ही अब डीसी ने सीडब्ल्यूसी को पत्र लिखकर यह पूछा है कि लड़कियों को पुलिस सुरक्षा या बालग्राम की सुरक्षा में स्कूल भेजा जाए।
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सिरसा के डेरा से आई लड़कियों को शहर के एक अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलाया गया है, लेकिन सीडब्ल्यूसी ने उनकी पूरी सुरक्षा करने के लिए कहा है और उनको सुरक्षा में स्कूल भेजने के लिए कहा है। इस कारण ही सीडब्ल्यूसी से पूछा गया है कि इनको पुलिस या बालग्राम किस सुरक्षा में स्कूल भेजना है। इसलिए अभी मामला अटका हुआ है।
- केएम पांडुरंग, डीसी