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दो लोगों के खातों से 85000 उड़ाए
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Crime
सोनीपत/कुंडली। लॉकडाउन में आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को साइबर ठगों से भी लगातार खतरा बना हुआ है। जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। कहीं मदद के नाम पर तो कहीं मददगार बनकर ठगी को अंजाम दिया गया। भैंरा बांकीपुर के दूधिया के खाते में नकदी डालने के नाम पर ओटीपी नंबर पूछकर खाते से 75000 रुपये उड़ा लिए गए। वहीं आर्य नगर में युवक के पिता का दोस्त बनकर मदद के नाम पर लिंक भेजकर खाते से 10000 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने मुकदमें दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव भैंरा बांकीपुर के भीष्म सिंह ने पुलिस को बताया कि 13 अप्रैल को उनके पास किसी का फोन आया था। उसने कहा कि उसके पैसे किसी के पास फंसे हुए हैं। वह अब उसके खाते में पैसे डालना चाहता था। लेकिन वह अपने खाते में पैसे नहीं डलवा सकता। फोन करने वाले ने कहा कि वह उसके खाते में पैसे डलवा देता है और उससे बाद में ले लेगा। भीष्म सिंह उसकी बातों में आ गया। फोन करने वाले ने उसके बताए नंबर पर एक रुपया भेजने को कहा। जैसे ही भीष्म ने उसके पास एक रुपये भेजा तो उसके खाते से तीन बार में 25000-25000 रुपये के हिसाब से 75000 रुपये निकल गए। जब उसे ठगी का पता लगा। उसने फोन करने वाले संपर्क किया, लेकिन उसके पैसे नहीं मिले। तब उसने पुलिस को बताया। जिस पर कुंडली थाना पुलिस ने पीड़ित के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एसआई सुरेंद्र ने बताया कि पीड़ित के खाते में पैसे डालने का झांसा देकर नकदी निकाली गई है। लोगों को भी ठगी से बचने के लिए इस तरह किसी को अपने खाते की जानकारी नहीं देनी चाहिए।
पिता का दोस्त बनकर भेजा लिंक, क्लिक करते हुए 10000 रुपये निकले
शहर के आर्य नगर के रहने वाले सुरेंद्र के साथ ठग ने उसके पिता का दोस्त बनकर ठगी की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अप्रैल को एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को उनके पिता का दोस्त बताया। उसने बताया कि उसे लॉकडाउन में कुछ मदद की जरूरत है। वह उसके पास एक लिंक भेज रहा है। अगर वह उस पर क्लिक कर देगा तो उसकी मदद हो जाएगी। जिससे सुरेंद्र उसके झांसे में आ गया और पिता का दोस्त समझकर उसके लिंक पर क्लिक कर दिया। जिसके बाद उनके खाते से 10000 रुपये निकल गए। तब उन्हें ठगी का पता लगा। जिस पर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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आर्यनगर के रहने वाले व्यक्ति के पिता का दोस्त बनकर उससे मदद के नाम पर ठगी की गई है। उनके पास लिंक भेजकर क्लिक करने को कहा गया और उनके बैंक खाते से पैसे निकल गए। साइबर ठग इस तरह लोगों को झांसे में ले रहे हैं। सभी को इस दिशा में जागरूक होना होगा। किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते की जानकारी न दे और न ही किसी के भेजे लिंक को क्लिक करें। इससे ठगी से बचा जा सकेगा।
-राजेश कुमार, जांच अधिकारी सिटी थाना सोनीपत।
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गांव भैंरा बांकीपुर के भीष्म सिंह ने पुलिस को बताया कि 13 अप्रैल को उनके पास किसी का फोन आया था। उसने कहा कि उसके पैसे किसी के पास फंसे हुए हैं। वह अब उसके खाते में पैसे डालना चाहता था। लेकिन वह अपने खाते में पैसे नहीं डलवा सकता। फोन करने वाले ने कहा कि वह उसके खाते में पैसे डलवा देता है और उससे बाद में ले लेगा। भीष्म सिंह उसकी बातों में आ गया। फोन करने वाले ने उसके बताए नंबर पर एक रुपया भेजने को कहा। जैसे ही भीष्म ने उसके पास एक रुपये भेजा तो उसके खाते से तीन बार में 25000-25000 रुपये के हिसाब से 75000 रुपये निकल गए। जब उसे ठगी का पता लगा। उसने फोन करने वाले संपर्क किया, लेकिन उसके पैसे नहीं मिले। तब उसने पुलिस को बताया। जिस पर कुंडली थाना पुलिस ने पीड़ित के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एसआई सुरेंद्र ने बताया कि पीड़ित के खाते में पैसे डालने का झांसा देकर नकदी निकाली गई है। लोगों को भी ठगी से बचने के लिए इस तरह किसी को अपने खाते की जानकारी नहीं देनी चाहिए।
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पिता का दोस्त बनकर भेजा लिंक, क्लिक करते हुए 10000 रुपये निकले
शहर के आर्य नगर के रहने वाले सुरेंद्र के साथ ठग ने उसके पिता का दोस्त बनकर ठगी की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अप्रैल को एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को उनके पिता का दोस्त बताया। उसने बताया कि उसे लॉकडाउन में कुछ मदद की जरूरत है। वह उसके पास एक लिंक भेज रहा है। अगर वह उस पर क्लिक कर देगा तो उसकी मदद हो जाएगी। जिससे सुरेंद्र उसके झांसे में आ गया और पिता का दोस्त समझकर उसके लिंक पर क्लिक कर दिया। जिसके बाद उनके खाते से 10000 रुपये निकल गए। तब उन्हें ठगी का पता लगा। जिस पर पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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आर्यनगर के रहने वाले व्यक्ति के पिता का दोस्त बनकर उससे मदद के नाम पर ठगी की गई है। उनके पास लिंक भेजकर क्लिक करने को कहा गया और उनके बैंक खाते से पैसे निकल गए। साइबर ठग इस तरह लोगों को झांसे में ले रहे हैं। सभी को इस दिशा में जागरूक होना होगा। किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते की जानकारी न दे और न ही किसी के भेजे लिंक को क्लिक करें। इससे ठगी से बचा जा सकेगा।
-राजेश कुमार, जांच अधिकारी सिटी थाना सोनीपत।