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सैनिकों के साहस एवं समर्पण पर गर्व महसूस करते हैं देशवासी : विशंबर दयाल
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गन्नौर। भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से रविवार को बादशाही रोड स्थित निजी गार्डन में 76वां सेना दिवस मनाया गया। इस दौरान सेवानिवृत्त मेजर जनरल एवं रक्षा विशेषज्ञ विशंबर दयाल बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। सेवानिवृत लेफ्टिनेंट कर्नल रमेश सेतिया व ग्रुप कमांडर प्रमोद श्रीवास्तव ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत की। संगठन के अध्यक्ष ओमप्रकाश मलिक, सचिव कैप्टन एसएस दहिया ने अतिथियों स्वागत किया।
अतिथियों ने पूर्व सैनिकों के अलावा वीरांगनाओं को शाल भेंट कर सम्मानित किया। सेवानिवृत मेजर जनरल विशंबर दयाल ने कहा कि देशवासी सैनिकों के साहस एवं समर्पण पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 1949 को देश के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर के स्थान पर तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा सेना के कमांडर इन चीफ बने थे। इसलिए हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।
उन्होंने सैनिक परिवार से संगठित रहकर एक-दूसरे का सहयोग करने की प्रेरणा दी। विशंबर दयाल ने गन्नौर में सीएसडी कैंटीन बनाने व ईसीएचएस की सुविधा शुरू करवाने में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान कैप्टन रिछपाल धनखड़, सुरेश अत्री, संगठन सचिव सुखबीर सिंह दहिया, विजयपाल त्यागी, रतन मलिक, सूबेदार भीम सिंह, सूबेदार राजपाल, दीवान सिंह समेत अन्य भूतपूर्व सैनिक मौजूद रहे।
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अतिथियों ने पूर्व सैनिकों के अलावा वीरांगनाओं को शाल भेंट कर सम्मानित किया। सेवानिवृत मेजर जनरल विशंबर दयाल ने कहा कि देशवासी सैनिकों के साहस एवं समर्पण पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी 1949 को देश के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर के स्थान पर तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल केएम करियप्पा सेना के कमांडर इन चीफ बने थे। इसलिए हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।
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उन्होंने सैनिक परिवार से संगठित रहकर एक-दूसरे का सहयोग करने की प्रेरणा दी। विशंबर दयाल ने गन्नौर में सीएसडी कैंटीन बनाने व ईसीएचएस की सुविधा शुरू करवाने में हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस दौरान कैप्टन रिछपाल धनखड़, सुरेश अत्री, संगठन सचिव सुखबीर सिंह दहिया, विजयपाल त्यागी, रतन मलिक, सूबेदार भीम सिंह, सूबेदार राजपाल, दीवान सिंह समेत अन्य भूतपूर्व सैनिक मौजूद रहे।
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