शहर के वार्डों में विकास कार्य न होने पर पार्षदों ने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्षदों का कहना है कि सरकार को बदनाम करने की नीयत से अधिकारी काम नहीं करा रहे है। दस सितंबर को निगम की हाउस की बैठक के बाद इसकी शिकायत सीएम से की जाएगी। विकास कार्य न होने से नाराज 11 पार्षदों ने विकास कार्य के लिए एजेंडे तक नहीं दिए।
निगम पार्षद मुकेश सैनी, हरिप्रकाश सैनी, सुरेंद्र मदान, अतुल जैन, मुनीराम ने कहा कि विकास कार्य कराने के लिए शहर की जनता ने उन्हें वोट दिया था। निगम चुनाव हुए आठ माह बीत चुके है, लेकिन वार्डों में काम नहीं होने के कारण जनता के साथ उन्हें भी परेशानी हो रही है। वह खुद अपने वार्डों में काम कराने के लिए अधिकारियों के पास जा रहे है। उसके बाद भी अधिकारी जल्द ही विकास कार्य कराने का आश्वासन दे रहे है। निगम के अधिकारी विकास कार्य नहीं कराकर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे है। 10 सितंबर को होने वाली हाउस की बैठक में विकास कार्य नहीं होने का मुद्दा उठाएंगे। साथ ही पहले हो चुकी हाउस की मीटिंग के उठाए गए सवालों का जवाब भी मांगेंगे। इसके बाद निगम पार्षद आयुक्त धर्मेंद्र सिंह से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने आयुक्त से मांग करते हुए कहा कि 10 सितंबर को होने वाली हाउस की बैठक में सभी अधिकारियों को दस्तावेज के साथ आने के निर्देश दिए जाएं। इस दौरान उनके साथ पार्षद प्रतिनिधि महेश लूथरा, देवेंद्र सैनी भी मौजूद रहे।