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कोरोना से मरने वाली ठरू की बुजुर्ग महिला की बहन भी पॉजिटिव मिली
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संक्रमित युवक के परिजनों को स्वास्थ्य विभाग एम्बुलेंस की मदद से खानपुर पीजीआई ले जाते हुए।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत/गन्नौर। जिले में कोरोना पॉजीटिव मिलने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। यहां रविवार को उल्देपुर की एक बुजुर्ग महिला कोरोना पॉजिटिव मिली है। यह उस महिला की बहन है, जिसकी तीन दिन पहले कोरोना से मौत हुई थी और उसके बाद ही इस बुजुर्ग महिला का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। इस तरह जिले में कोरोना पॉजिटिव 135 हो गए है, जबकि इनमें से 75 ठीक होकर घर लौट चुके है। वहीं कैथल में जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत तेवड़ी गांव के एक युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है जो बीमारी के कारण दिल्ली में उपचार कराने जाते समय गांव में कई दिन रहकर गया था। कैथल में सैंपल देने के बाद वह गांव में आया था। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद यहां संपर्क किया गया तो पता चला कि उसका रोहतक पीजीआई में उपचार चल रहा है। तेवड़ी गांव में कई दिन तक युवक के रहने के कारण गांव सील कर दिया गया और उसके परिजनों को आईसोलेट किया गया।
ठरू उल्देपुर गांव की 75 वर्षीय महिला दमा की मरीज थी। उसकी तबीयत खराब होने पर तीन दिन पहले परिजन अस्पताल लेकर आने लगे तो उसकी भर्ती कराने से पहले ही मौत हो गई। जिसपर डाक्टरों ने उसका शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया और उसकी कोरोना जांच कराने के लिए कह दिया गया। जिसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली थी और स्वास्थ्य विभाग ने उसकी मौत कोरोना के कारण होने की बात कही थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसके संपर्क में आने वाले सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। अब उस मरने वाली महिला की 60 वर्षीय बहन की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है, जिसे खानपुर कलां के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।
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तेवड़ी की युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव, गांव सील कर परिजन आईसोलेट किए
तेवड़ी गांव का रहने वाला युवक कैथल में जनस्वास्थ्य विभाग में नौकरी करता है। वह अपने परिवार के साथ कैथल ही रहता है और उसको किडनी में कोई परेशानी हो गई। इस कारण ही वह तीन दिन पहले किडनी की बीमारी का इलाज करवाने के लिए गुहला सीएचसी में गया था। जहां युवक का कोरोना टेस्ट का सैंपल लिया गया और रिपोर्ट नहीं आने तक उसे होम क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया था। लेकिन युवक अपनी किडनी की बीमारी का उपचार दिल्ली कराने जाने के लिए पैतृक गांव तेवड़ी आ गया। कैथल सिविल सर्जन कार्यालय में रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे कैथल में घर लेने पहुंची तो वहां से पता चला कि वह अपने पैतृक गांव तेवड़ी गया हुआ है। जिसके बाद यहां संपर्क करने पर बताया गया कि वह इलाज के लिए दिल्ली अस्पताल जाना चाहता था, लेकिन किसी कारण से वह अपने भाईयों के पास गांव में रहने के बाद रोहतक पीजीआई में चला गया। वहां युवक का इलाज चल रहा है। जिससे दुभेटा पीएचसी के डा. दीपक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके परिजनों व उसके संर्पक में आए 10 लोगों को लेकर गई और उनको आईसोलेट किया गया। इसके साथ ही गांव को सील कर दिया गया है।
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ठरू उल्देपुर गांव की 75 वर्षीय महिला दमा की मरीज थी। उसकी तबीयत खराब होने पर तीन दिन पहले परिजन अस्पताल लेकर आने लगे तो उसकी भर्ती कराने से पहले ही मौत हो गई। जिसपर डाक्टरों ने उसका शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया और उसकी कोरोना जांच कराने के लिए कह दिया गया। जिसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली थी और स्वास्थ्य विभाग ने उसकी मौत कोरोना के कारण होने की बात कही थी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उसके संपर्क में आने वाले सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। अब उस मरने वाली महिला की 60 वर्षीय बहन की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है, जिसे खानपुर कलां के मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।
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तेवड़ी की युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव, गांव सील कर परिजन आईसोलेट किए
तेवड़ी गांव का रहने वाला युवक कैथल में जनस्वास्थ्य विभाग में नौकरी करता है। वह अपने परिवार के साथ कैथल ही रहता है और उसको किडनी में कोई परेशानी हो गई। इस कारण ही वह तीन दिन पहले किडनी की बीमारी का इलाज करवाने के लिए गुहला सीएचसी में गया था। जहां युवक का कोरोना टेस्ट का सैंपल लिया गया और रिपोर्ट नहीं आने तक उसे होम क्वारंटीन रहने के लिए कहा गया था। लेकिन युवक अपनी किडनी की बीमारी का उपचार दिल्ली कराने जाने के लिए पैतृक गांव तेवड़ी आ गया। कैथल सिविल सर्जन कार्यालय में रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे कैथल में घर लेने पहुंची तो वहां से पता चला कि वह अपने पैतृक गांव तेवड़ी गया हुआ है। जिसके बाद यहां संपर्क करने पर बताया गया कि वह इलाज के लिए दिल्ली अस्पताल जाना चाहता था, लेकिन किसी कारण से वह अपने भाईयों के पास गांव में रहने के बाद रोहतक पीजीआई में चला गया। वहां युवक का इलाज चल रहा है। जिससे दुभेटा पीएचसी के डा. दीपक के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके परिजनों व उसके संर्पक में आए 10 लोगों को लेकर गई और उनको आईसोलेट किया गया। इसके साथ ही गांव को सील कर दिया गया है।
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