{"_id":"6089a7e08ebc3ed98a425063","slug":"corona-patient-hospital-bed-oxygen-sonipat-news-rtk6064220113","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 बेड के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थे कोरोना के 35 मरीज, दो घंटे की ऑक्सीजन बाकी रहने से हडक़ंप मचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 बेड के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती थे कोरोना के 35 मरीज, दो घंटे की ऑक्सीजन बाकी रहने से हडक़ंप मचा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत। निजी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं होने के बावजूद कोरोना मरीजों को भर्ती करके उनकी जिंदगी दांव पर लगाई जा रही है। शहर के अंदर बहालगढ़ रोड पर निजी अस्पताल में 50 बेड होने के बावजूद कोरोना के 35 मरीज भर्ती कर लिए गए, जबकि सरकार ने 50 प्रतिशत बेड पर कोरोना मरीज भर्ती करने के आदेश दिए हुए हैं। जिससे ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं के अभाव में मरीज दम नहीं तोड़ सके। उसके बावजूद अस्पताल में 25 की जगह 35 मरीज भर्ती किए गए और वहां बुधवार दोपहर को केवल दो घंटे की ऑक्सीजन बाकी रहने से हड़कंप मच गया। बाद में किसी तरह ऑक्सीजन की व्यवस्था करके अस्पताल में भिजवाया गया।
शहर में बहालगढ़ रोड पर एक निजी अस्पताल में केवल 50 बेड है। उसके बावजूद अस्पताल में कोरोना के 35 मरीज भर्ती कर लिए गए, जबकि सरकार के आदेश के अनुसार केवल पचास प्रतिशत बेड पर कोरोना मरीज भर्ती किए जा सकते थे। यह भी उस हालात में किया गया, जब अस्पताल के पास अतिरिक्त ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी तो अस्पताल में मरीजों के लिए अन्य सुविधाएं भी अतिरिक्त नहीं थी। अस्पताल में बुधवार दोपहर को मरीजों के परिजनों को बताया गया कि वहां केवल दो घंटे के लिए ऑक्सीजन बची है। इसलिए वह अपने मरीजों को वहां से लेकर जा सकते है। इसका पता चलने पर वहां हड़कंप मच गया और इसके बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को बताया गया। जिससे हालात को देखते हुए वहां ऑक्सीजन सिलिंडर भिजवाए गए।
डीसी श्यामलाल पूनिया ने कहा कि अस्पताल में 50 बेड होने के बावजूद 35 मरीज कैसे भर्ती किए गए, जबकि उसके पास अतिरिक्त मरीजों के लिए सुविधा ही नहीं थी। डीसी ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और इसमें अस्पताल की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में बहालगढ़ रोड पर एक निजी अस्पताल में केवल 50 बेड है। उसके बावजूद अस्पताल में कोरोना के 35 मरीज भर्ती कर लिए गए, जबकि सरकार के आदेश के अनुसार केवल पचास प्रतिशत बेड पर कोरोना मरीज भर्ती किए जा सकते थे। यह भी उस हालात में किया गया, जब अस्पताल के पास अतिरिक्त ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं थी तो अस्पताल में मरीजों के लिए अन्य सुविधाएं भी अतिरिक्त नहीं थी। अस्पताल में बुधवार दोपहर को मरीजों के परिजनों को बताया गया कि वहां केवल दो घंटे के लिए ऑक्सीजन बची है। इसलिए वह अपने मरीजों को वहां से लेकर जा सकते है। इसका पता चलने पर वहां हड़कंप मच गया और इसके बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को बताया गया। जिससे हालात को देखते हुए वहां ऑक्सीजन सिलिंडर भिजवाए गए।
विज्ञापन
डीसी श्यामलाल पूनिया ने कहा कि अस्पताल में 50 बेड होने के बावजूद 35 मरीज कैसे भर्ती किए गए, जबकि उसके पास अतिरिक्त मरीजों के लिए सुविधा ही नहीं थी। डीसी ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और इसमें अस्पताल की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन