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इटली से आए व्यक्ति को घर में सर्विलांस पर रखा, कृषि विज्ञान केंद्र में पहुंचने पर सेनिटाइज कराया
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सोनीपत। कोरोना वायरस को लेकर बचाव के लिए लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है तो विदेशों से आने वालों को जांच के बाद 14 दिन तक घरों के अंदर रहने की सलाह दी जा रही है। उसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का लोग पालन नहीं कर रहे हैं। इस कारण ही वीरवार को दिनभर कृषि विज्ञान केंद्र में खलबली मची रही और अधिकारी व कर्मचारी कोरोना से बचाव के लिए जरूरी उपाय करते रहे। वहां एक व्यक्ति खेती से जुड़ी कुछ जानकारी लेने पहुंच गया और उसने बातचीत में बताया कि वह कुछ दिन पहले ही इटली से आया है। उसके यह बताते ही अधिकारी व कर्मचारी दूर हो गए और उसे किसी तरह वापस भेजा गया। इसके साथ ही वहां सेनिटाइज कराया गया और हर कोई दिन में कई बार हाथ धोने के साथ ही गर्म पानी पीता रहा। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई तो वहां से बताया गया कि उसकी जांच की गई थी और रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। लेकिन उसे 14 दिन तक घर से नहीं निकलने की सलाह दी गई थी और उसे निगरानी में रखा जा रहा था। इसके बावजूद वह घर से बाहर निकलकर केवीके तक पहुंच गया।
जगदीशपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में वीरवार दोपहर को एक व्यक्ति पहुंचा। वह खेती संबंधी जानकारी करने के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेके नांदल के कार्यालय में चला गया। जहां माइक्रो इरिगेशन व बाग के बारे में सब्सिडी को लेकर जानकारी मांगी तो वैज्ञानिक ने उसे यह जानकरी बागवानी विभाग से मिलने की बात कही। उसके बाद भी वह व्यक्ति बातचीत करता रहा तो उसने कुछ देर बाद बताया कि वह कुछ दिन पहले ही इटली से आया है। उसके यह बताते हुए कृषि विज्ञान केंद्र में खलबली मची गई, और हर कोई बचकर उससे दूर भागने लगा। उस व्यक्ति को वापस अपने घर जाने के लिए कहा गया तो उसने बताया कि उसे इटली से आए हुए एक महीना हो चुका है। उसके बावजूद उसे वापस घर भेज दिया गया। वहां से उसके जाने के बाद अधिकारियों ने कार्यालय को सेनिटाइज कराया और अपने हाथ कई बार धोने के साथ ही गर्म पानी तक पीते रहे। वहीं इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया और नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश छिल्लर को पूरी स्थिति के बारे में बताया गया। डॉ. दिनेश छिल्लर ने बताया कि इटली का वह व्यक्ति एक महीना पहले नहीं, बल्कि एक सप्ताह पहले ही वापस लौटा है। उसकी जांच करने पर रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी, लेकिन उसे 14 दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई थी और उसको सर्विलांस पर रखा जा रहा था। इसके बावजूद वह घर से निकलकर वहां पहुंच गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेके नांदल ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर किसी को जागरूक होने की जरूरत है। जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सलाह देते हैं, उसको मानना चाहिए। विदेश से आने वालों की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आती है तो उनको कुछ समय तक घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
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जगदीशपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में वीरवार दोपहर को एक व्यक्ति पहुंचा। वह खेती संबंधी जानकारी करने के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेके नांदल के कार्यालय में चला गया। जहां माइक्रो इरिगेशन व बाग के बारे में सब्सिडी को लेकर जानकारी मांगी तो वैज्ञानिक ने उसे यह जानकरी बागवानी विभाग से मिलने की बात कही। उसके बाद भी वह व्यक्ति बातचीत करता रहा तो उसने कुछ देर बाद बताया कि वह कुछ दिन पहले ही इटली से आया है। उसके यह बताते हुए कृषि विज्ञान केंद्र में खलबली मची गई, और हर कोई बचकर उससे दूर भागने लगा। उस व्यक्ति को वापस अपने घर जाने के लिए कहा गया तो उसने बताया कि उसे इटली से आए हुए एक महीना हो चुका है। उसके बावजूद उसे वापस घर भेज दिया गया। वहां से उसके जाने के बाद अधिकारियों ने कार्यालय को सेनिटाइज कराया और अपने हाथ कई बार धोने के साथ ही गर्म पानी तक पीते रहे। वहीं इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया और नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश छिल्लर को पूरी स्थिति के बारे में बताया गया। डॉ. दिनेश छिल्लर ने बताया कि इटली का वह व्यक्ति एक महीना पहले नहीं, बल्कि एक सप्ताह पहले ही वापस लौटा है। उसकी जांच करने पर रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी, लेकिन उसे 14 दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई थी और उसको सर्विलांस पर रखा जा रहा था। इसके बावजूद वह घर से निकलकर वहां पहुंच गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेके नांदल ने बताया कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए हर किसी को जागरूक होने की जरूरत है। जिस तरह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सलाह देते हैं, उसको मानना चाहिए। विदेश से आने वालों की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आती है तो उनको कुछ समय तक घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
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