{"_id":"6aa4675a0366304d2b0f9eee","slug":"contribution-of-dayanand-saraswatis-discourses-to-achieving-independence-acharya-sonipat-news-c-197-1-snp1003-160360-2026-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजादी दिलाने में दयानंद सरस्वती के प्रवचनों का योगदान : आचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजादी दिलाने में दयानंद सरस्वती के प्रवचनों का योगदान : आचार्य
विज्ञापन
फोटो . सोनीपत के आर्य समाज मॉडल टाउन में कार्यक्रम के दौरान हवन में शामिल लोग। स्रोत : आर्य समा
सोनीपत। आर्य समाज मॉडल टाउन में चल रहे दिव्य आध्यात्मिक सत्संग एवं वेद प्रचार कार्यक्रम के चौथे दिन सामवेद की ऋचाओं का पाठ और यज्ञ हुआ। आचार्य उषर्बुध के ब्रह्मत्व में यज्ञ संपन्न हुआ। सामवेद पाठ पुरोहित आचार्य सतन देव (सत्यम) ने कराया। संस्था के मंत्री प्रमोद मल्होत्रा ने अध्यक्षता की।
मुख्य वक्ता आचार्य उषर्बुध ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती के प्रवचनों ने देश में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने में योगदान दिया। उन्होंने दादा सरदार अर्जुन सिंह के जीवन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि अर्जुन सिंह ने सामाजिक विरोध के बावजूद अपने पुत्र सरदार किशन सिंह का विवाह वैदिक रीति से कराया था।
आचार्य ने कहा कि सरदार भगत सिंह के जीवन में भी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण दिखाई देता है। उन्होंने समाज में एकता और संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में गुलशन कुमार निझावन, महेश जुनेजा, सुरेश छाबड़ा, ईश्वर सिंह दहिया, सविता भटनागर, इंद्र ठक्कर, ऊषा वधवा, सुमन भगत, गीता सहगल और रीता वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता आचार्य उषर्बुध ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती के प्रवचनों ने देश में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करने में योगदान दिया। उन्होंने दादा सरदार अर्जुन सिंह के जीवन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि अर्जुन सिंह ने सामाजिक विरोध के बावजूद अपने पुत्र सरदार किशन सिंह का विवाह वैदिक रीति से कराया था।
विज्ञापन
आचार्य ने कहा कि सरदार भगत सिंह के जीवन में भी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण दिखाई देता है। उन्होंने समाज में एकता और संगठन की आवश्यकता पर जोर दिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में गुलशन कुमार निझावन, महेश जुनेजा, सुरेश छाबड़ा, ईश्वर सिंह दहिया, सविता भटनागर, इंद्र ठक्कर, ऊषा वधवा, सुमन भगत, गीता सहगल और रीता वर्मा मौजूद रहे।