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Sonipat News: कांग्रेसियों ने कहा- हुड्डा जो निर्णय लेंगे वही मंजूर, प्रस्ताव पास कर समन्वयकों को सौंपा
Thu, 07 Sep 2023 01:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 07 Sep 2023 01:05 AM IST
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सोनीपत। कांग्रेस पार्टी के समन्वयकों के सामने कार्यकर्ताओं के हंगामे की घटनाओं के बीच सोनीपत में माहौल काफी हद तक शांत रहा। विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्षदों, पूर्व पार्षदों व अन्य नेताओं ने बाकायदा बैठक कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के निर्णय को ही मानने पर सहमति जताते हुए प्रस्ताव पास किया और समन्वयकों को सौंप दिया। जिला कांग्रेस भवन में समन्वयकों ने सुबह 9 बजे से शाम छह बजे कार्यकर्ताओं की बात सुनी और उनकी सलाह को कलमबद्ध किया। कार्यकर्ताओं को अलग-अलग बुलाकर उनकी बात सुनी गई।
कांग्रेस की तरफ से प्रदेश में संगठन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में अलग-अलग समन्वयक बनाकर जिलों में भेजे जा रहे हैं। सोनीपत में बुधवार को एआईसीसी कोऑर्डिनेटर मयंक पटेल, पीसीसी कोऑर्डिनेटर विधायक मेवा सिंह, अजय शर्मा व एचपीसीसी के जिला इंचार्ज पूर्व विधायक संत कुमार सोनीपत में कांग्रेस भवन में पहुंचे। समन्वयकों ने बंद कमरे में जिला शहरी व ग्रामीण अध्यक्ष पदों को लेकर कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बात की और उनके सुझाव नोट किए। एक तरफ समन्वयक कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे तो दूसरी तरफ जिले के विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्षदों व अन्य नेताओं ने एक बैठक कर सहमति से प्रस्ताव पास किया। प्रस्ताव के अनुसार संगठन के मामले में जिले के कांग्रेस नेताओं ने आला कमान व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान के निर्णय को ही अंतिम निर्णय मानने का फैसला लिया। यह प्रस्ताव पास कर कांग्रेस नेताओं ने समन्वयकों को सौंप दिया। समन्वयकों ने बताया कि बैठक में जिला अध्यक्ष को लेकर रायशुमारी की गई, जिसमें अधिकतर कार्यकर्ताओं ने फैसला आला कमान सौंपने का निर्णय लिया है। जिला अध्यक्ष पद के लिए की जा रही रायशुमारी के लिए समन्वयकों से मिलने के लिए जिलेभर से कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस दौरान देखने में आया कि विधायक व सांसद पदों के दावेदारों व जिला अध्यक्ष पद के दावेदारों के समर्थक 4-5 सदस्यों के समूह में समन्वयकों से मिले और अपने-अपने नेताओं की खूबियां समन्वयकों के सामने रखी। रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को सौंपी जाएगी। कांग्रेस भवन में समन्वयक जिस कमरे में कार्यकर्ताओं के साथ रायशुमारी कर रहे थे, उस गेट पर महिला कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई थी। इस दौरान कई बार कार्यकर्ताओं के साथ बहस भी हुई, लेकिन महिलाओं ने सूझबूझ से तुरंत मामला शांत कर दिया। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. धर्मपाल सिंह मलिक, विधायक जयवीर वाल्मीकि, सुरेंद्र पंवार, जगबीर सिंह मलिक, इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया, पदम सिंह दहिया, सुखबीर फरमाणा, सुरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र दहिया, सुरेंद्र छिक्कारा, मनोज रिढाऊ, बिजेंद्र आंतिल, सुनील कटारिया, कुलदीप देसवाल, अनंत दहिया, अशोक सरोहा, रवि इंदौरा, मीना धनखड़, जीता हुडा, जोगेंद्र दहिया, प्रेम अत्री, कपूर नरवाल, कमल हसीजा, राजकुमार कटारिया, जसपाल खेवड़ा, संजय खेवड़ा, कंवर खत्री, कृष्ण मलिक आदि मौजूद रहे।
मिलने को लेकर हुई कहासुनी
कांग्रेस भवन में समन्वयकों से मिलने को लेकर सैलजा-सुरजेवाला-किरण चौधरी (एसआरके) ग्रुप के नेता डॉ.सतबीर निर्माण व अन्य कार्यकर्ताओं की गेट पर तैनात कार्यकर्ताओं के साथ खींचतान हो गई। इस दौरान डॉ. सतबीर निर्माण ने नारेबाजी भी की, लेकिन जल्द ही मामला शांत हो गया। कई नेताओं को समन्वयकों से मिलने के लिए इंतजार करने को कहा गया तो वह आक्रोशित हो गए थे। हुड्डा विरोधी गुट के नेता डॉ. सतबीर निर्माण ने अपने साथियों के साथ गेट पर खड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कहासुनी भी हुई। उन्होंने कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए।
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कांग्रेस की तरफ से प्रदेश में संगठन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में अलग-अलग समन्वयक बनाकर जिलों में भेजे जा रहे हैं। सोनीपत में बुधवार को एआईसीसी कोऑर्डिनेटर मयंक पटेल, पीसीसी कोऑर्डिनेटर विधायक मेवा सिंह, अजय शर्मा व एचपीसीसी के जिला इंचार्ज पूर्व विधायक संत कुमार सोनीपत में कांग्रेस भवन में पहुंचे। समन्वयकों ने बंद कमरे में जिला शहरी व ग्रामीण अध्यक्ष पदों को लेकर कार्यकर्ताओं से अलग-अलग बात की और उनके सुझाव नोट किए। एक तरफ समन्वयक कार्यकर्ताओं से बात कर रहे थे तो दूसरी तरफ जिले के विधायकों, पूर्व विधायकों, पार्षदों व अन्य नेताओं ने एक बैठक कर सहमति से प्रस्ताव पास किया। प्रस्ताव के अनुसार संगठन के मामले में जिले के कांग्रेस नेताओं ने आला कमान व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान के निर्णय को ही अंतिम निर्णय मानने का फैसला लिया। यह प्रस्ताव पास कर कांग्रेस नेताओं ने समन्वयकों को सौंप दिया। समन्वयकों ने बताया कि बैठक में जिला अध्यक्ष को लेकर रायशुमारी की गई, जिसमें अधिकतर कार्यकर्ताओं ने फैसला आला कमान सौंपने का निर्णय लिया है। जिला अध्यक्ष पद के लिए की जा रही रायशुमारी के लिए समन्वयकों से मिलने के लिए जिलेभर से कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस दौरान देखने में आया कि विधायक व सांसद पदों के दावेदारों व जिला अध्यक्ष पद के दावेदारों के समर्थक 4-5 सदस्यों के समूह में समन्वयकों से मिले और अपने-अपने नेताओं की खूबियां समन्वयकों के सामने रखी। रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को सौंपी जाएगी। कांग्रेस भवन में समन्वयक जिस कमरे में कार्यकर्ताओं के साथ रायशुमारी कर रहे थे, उस गेट पर महिला कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई थी। इस दौरान कई बार कार्यकर्ताओं के साथ बहस भी हुई, लेकिन महिलाओं ने सूझबूझ से तुरंत मामला शांत कर दिया। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. धर्मपाल सिंह मलिक, विधायक जयवीर वाल्मीकि, सुरेंद्र पंवार, जगबीर सिंह मलिक, इंदुराज नरवाल, पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया, पदम सिंह दहिया, सुखबीर फरमाणा, सुरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र दहिया, सुरेंद्र छिक्कारा, मनोज रिढाऊ, बिजेंद्र आंतिल, सुनील कटारिया, कुलदीप देसवाल, अनंत दहिया, अशोक सरोहा, रवि इंदौरा, मीना धनखड़, जीता हुडा, जोगेंद्र दहिया, प्रेम अत्री, कपूर नरवाल, कमल हसीजा, राजकुमार कटारिया, जसपाल खेवड़ा, संजय खेवड़ा, कंवर खत्री, कृष्ण मलिक आदि मौजूद रहे।
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मिलने को लेकर हुई कहासुनी
कांग्रेस भवन में समन्वयकों से मिलने को लेकर सैलजा-सुरजेवाला-किरण चौधरी (एसआरके) ग्रुप के नेता डॉ.सतबीर निर्माण व अन्य कार्यकर्ताओं की गेट पर तैनात कार्यकर्ताओं के साथ खींचतान हो गई। इस दौरान डॉ. सतबीर निर्माण ने नारेबाजी भी की, लेकिन जल्द ही मामला शांत हो गया। कई नेताओं को समन्वयकों से मिलने के लिए इंतजार करने को कहा गया तो वह आक्रोशित हो गए थे। हुड्डा विरोधी गुट के नेता डॉ. सतबीर निर्माण ने अपने साथियों के साथ गेट पर खड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कहासुनी भी हुई। उन्होंने कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए।
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