{"_id":"5d2b84d78ebc3e6d02394884","slug":"cm-car-sonipat-news-rtk5047802200","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम की गाड़ी के आगे लेटा दिव्यांग, पुलिस कर्मियों ने घसीटा तो सांसद ने मदद का आश्वासन दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम की गाड़ी के आगे लेटा दिव्यांग, पुलिस कर्मियों ने घसीटा तो सांसद ने मदद का आश्वासन दिया
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सोनीपत। रोहतक रोड नई अनाज मंडी में अभिनंदन समारोह के खत्म होने के बाद सीएम मनोहर लाल जाने लगे तो पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आफत खड़ी हो गई। सीएम मनोहर लाल की गाड़ी के आगे एक दिव्यांग लेट गया। पहले पुलिस कर्मियों ने उसे घसीटा लेकिन करनाल और सोनीपत के सांसदों समेत अन्य कई अधिकारियों के पहुंचने पर उसे छोड़ना पड़ा। दिव्यांग ने सीएम से मिलने की बात कही। वहां सांसद और एडीसी ने दिव्यांग को समझाकर मदद का आश्वासन देकर साइड किया और उसके बाद सीएम की गाड़ी को निकाला गया।
सोनीपत के रामनगर में रहने वाला अनिल के पैर नहीं है, जबकि परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके ऊपर है। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां है और वह बैटरी की रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करना चाहता है। वह दिव्यांग होने के कारण बैटरी की रिक्शा ही चला सकता है लेकिन उसके पास रिक्शा खरीदने के रुपये नहीं है। इस कारण ही वह कई बार मदद के लिए चंडीगढ़ सीएम से और अधिकारियों से मिलने भी पहुंचा। आरोप है कि उसे कई बार पुलिस कर्मियों ने धक्के देकर बाहर निकाल दिया। वह सीएम के जनता दरबार तक गया तो वहां उसे केवल आश्वासन मिला। वह सीएम से मिलने के लिए कई रैलियों में गया लेकिन उसे किसी भी जगह मिलने नहीं दिया। इस कारण ही अनिल कार्यक्रम स्थल से बाहर उस रास्ते पर बैठ गया जहां से सीएम की गाड़ी को निकाला जाना था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम गाड़ी में बैठ गए तो अनिल उनसे मिलने के लिए गाड़ी के पास जाने लगा। पुलिस कर्मियों ने रोक दिया तो वह गाड़ी के आगे ही लेट गया और उसने सीएम से मिलने की बात कहने लगा। उसे पुलिस कर्मियों ने रास्ते से हटाने के लिए घसीटना शुरू कर दिया तो उसी समय करनाल के सांसद संजय भाटिया, एडीसी जयबीर आर्य, एसपी प्रतीक्षा गोदारा समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए। उन सभी ने अनिल को समझाने का प्रयास किया और उसे एडीसी जयबीर आर्य ने रिक्शा दिलाने के लिए कह दिया। अनिल ने आरोप लगाया कि उसे हर बार इस तरह ही आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है और उसके बाद कोई उसकी समस्या नहीं सुनता है। वहां हंगामा देखकर सांसद रमेश कौशिक भी पहुंच गए और उसे अपनी सांसद निधि से रिक्शा दिलाने के लिए अधिकारियों से कहा। उसके बाद अनिल को किसी तरह साइड में किया गया और सीएम की गाड़ी को आगे निकाला गया, जबकि इतनी देर तक सीएम की गाड़ी रुकी रही। उस गाड़ी में सीएम मनोहर लाल भी बैठे हुए थे और वह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से बातचीत करते रहे।
वर्जन
एक दिव्यांग अपनी समस्या लेकर आया था कि उसे रिक्शा लेनी है जिससे उसके परिवार का गुजारा हो सके। मैने अधिकारियों को कह दिया है कि उसे मेरी सांसद निधि से रिक्शा दिला दी जाए। उसको जल्द ही अधिकारी रिक्शा दिला देंगे और उसकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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-रमेश कौशिक, सांसद, सोनीपत लोकसभा क्षेत्र।
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सोनीपत के रामनगर में रहने वाला अनिल के पैर नहीं है, जबकि परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसके ऊपर है। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां है और वह बैटरी की रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करना चाहता है। वह दिव्यांग होने के कारण बैटरी की रिक्शा ही चला सकता है लेकिन उसके पास रिक्शा खरीदने के रुपये नहीं है। इस कारण ही वह कई बार मदद के लिए चंडीगढ़ सीएम से और अधिकारियों से मिलने भी पहुंचा। आरोप है कि उसे कई बार पुलिस कर्मियों ने धक्के देकर बाहर निकाल दिया। वह सीएम के जनता दरबार तक गया तो वहां उसे केवल आश्वासन मिला। वह सीएम से मिलने के लिए कई रैलियों में गया लेकिन उसे किसी भी जगह मिलने नहीं दिया। इस कारण ही अनिल कार्यक्रम स्थल से बाहर उस रास्ते पर बैठ गया जहां से सीएम की गाड़ी को निकाला जाना था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम गाड़ी में बैठ गए तो अनिल उनसे मिलने के लिए गाड़ी के पास जाने लगा। पुलिस कर्मियों ने रोक दिया तो वह गाड़ी के आगे ही लेट गया और उसने सीएम से मिलने की बात कहने लगा। उसे पुलिस कर्मियों ने रास्ते से हटाने के लिए घसीटना शुरू कर दिया तो उसी समय करनाल के सांसद संजय भाटिया, एडीसी जयबीर आर्य, एसपी प्रतीक्षा गोदारा समेत अन्य अधिकारी पहुंच गए। उन सभी ने अनिल को समझाने का प्रयास किया और उसे एडीसी जयबीर आर्य ने रिक्शा दिलाने के लिए कह दिया। अनिल ने आरोप लगाया कि उसे हर बार इस तरह ही आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है और उसके बाद कोई उसकी समस्या नहीं सुनता है। वहां हंगामा देखकर सांसद रमेश कौशिक भी पहुंच गए और उसे अपनी सांसद निधि से रिक्शा दिलाने के लिए अधिकारियों से कहा। उसके बाद अनिल को किसी तरह साइड में किया गया और सीएम की गाड़ी को आगे निकाला गया, जबकि इतनी देर तक सीएम की गाड़ी रुकी रही। उस गाड़ी में सीएम मनोहर लाल भी बैठे हुए थे और वह पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से बातचीत करते रहे।
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एक दिव्यांग अपनी समस्या लेकर आया था कि उसे रिक्शा लेनी है जिससे उसके परिवार का गुजारा हो सके। मैने अधिकारियों को कह दिया है कि उसे मेरी सांसद निधि से रिक्शा दिला दी जाए। उसको जल्द ही अधिकारी रिक्शा दिला देंगे और उसकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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-रमेश कौशिक, सांसद, सोनीपत लोकसभा क्षेत्र।