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Sonipat News: फर्जी बिल बनाकर दो स्कूलों से 1.34 करोड़ रुपये का गबन, क्लर्क पर आरोप
Sun, 20 Jul 2025 01:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 20 Jul 2025 01:23 AM IST
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फोटो : 05 : सोनीपत के गांव अकबरपुर बारोटा में स्थित पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल। स्रोत पाठक
सोनीपत। जिले के दो सरकारी स्कूलों में 1.34 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। लिपिक ने फर्जी बिल तैयार कर अपने परिचितों के बैंक खातों में ई सैलरी पोर्टल के माध्यम से भुगतान की रकम ट्रांसफर कर दी।
संदेह होने पर स्कूल की प्रधानाचार्य ने पुराने ऑडिट का मिलान किया तो मामला उजागर हुआ। लिपिक के विरुद्ध कुंडली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी लिपिक अब डायट में कार्यरत है। गांव अकबरपुर बारोटा स्थित पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में तैनात लिपिक मनोज आनंद पर गबन का आरोप है।
स्कूल की प्रधानाचार्य भारती ने पुलिस को बताया की मनोज आनंद का तबादला स्कूल से डायट हो गया था। इसी दौरान छतेहरा बहादुरपुर स्कूल के इंचार्ज शिवराज 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए। उनकी डीडी पावर भी मुझे मिल गई। इस बीच स्कूल के क्लर्क को मनोज आनंद ने बताया कि उन्होंने सेवानिवृत्त इंचार्ज शिवराज का लीव इन कैशमेंट का बिल बना दिया है। उसे खजाना कार्यालय में भेजकर पास करा देना। क्लर्क ने मनोज की बात पर विश्वास करते उसे भेज दिया।
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बाद में पता लगा कि बिल शिवराज के नाम से नहीं बल्कि किसी महेंद्र मलिक के नाम से बनाया गया है। उस नाम का कोई व्यक्ति उनके स्कूल में कार्यरत नहीं था। इसके बाद जब मामले का पता किया गया तो पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में 20 फर्जी बिल मिले जिससे 32 लाख रुपये का घोटाला सामने आया।
इसके अलावा सोनीपत के गांव छतेहरा बहादुरपुर के सरकारी स्कूल में भी 31 फर्जी बिल बनाए गए। उन बिलों से एक करोड़ 2 लाख का गबन किया गया था। विभागीय जांच में परत दर परत मामला खुलता गया। लिपिक मनोज आनंद ने ई सैलरी पोर्टल के माध्यम से कुल 51 फर्जी बिलों का भुगतान किया है।
जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है वह सभी लिपिक के रिश्तेदार और करीबियों के हैं। प्रधानाचार्य भारती ने पूरी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी है। शुक्रवार को इसकी शिकायत कुंडली थाना पुलिस को दी गई है। कुंडली थाना पुलिस लिपिक मनोज आनंद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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संदेह होने पर स्कूल की प्रधानाचार्य ने पुराने ऑडिट का मिलान किया तो मामला उजागर हुआ। लिपिक के विरुद्ध कुंडली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी लिपिक अब डायट में कार्यरत है। गांव अकबरपुर बारोटा स्थित पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में तैनात लिपिक मनोज आनंद पर गबन का आरोप है।
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स्कूल की प्रधानाचार्य भारती ने पुलिस को बताया की मनोज आनंद का तबादला स्कूल से डायट हो गया था। इसी दौरान छतेहरा बहादुरपुर स्कूल के इंचार्ज शिवराज 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए। उनकी डीडी पावर भी मुझे मिल गई। इस बीच स्कूल के क्लर्क को मनोज आनंद ने बताया कि उन्होंने सेवानिवृत्त इंचार्ज शिवराज का लीव इन कैशमेंट का बिल बना दिया है। उसे खजाना कार्यालय में भेजकर पास करा देना। क्लर्क ने मनोज की बात पर विश्वास करते उसे भेज दिया।
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बाद में पता लगा कि बिल शिवराज के नाम से नहीं बल्कि किसी महेंद्र मलिक के नाम से बनाया गया है। उस नाम का कोई व्यक्ति उनके स्कूल में कार्यरत नहीं था। इसके बाद जब मामले का पता किया गया तो पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में 20 फर्जी बिल मिले जिससे 32 लाख रुपये का घोटाला सामने आया।
इसके अलावा सोनीपत के गांव छतेहरा बहादुरपुर के सरकारी स्कूल में भी 31 फर्जी बिल बनाए गए। उन बिलों से एक करोड़ 2 लाख का गबन किया गया था। विभागीय जांच में परत दर परत मामला खुलता गया। लिपिक मनोज आनंद ने ई सैलरी पोर्टल के माध्यम से कुल 51 फर्जी बिलों का भुगतान किया है।
जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है वह सभी लिपिक के रिश्तेदार और करीबियों के हैं। प्रधानाचार्य भारती ने पूरी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी है। शुक्रवार को इसकी शिकायत कुंडली थाना पुलिस को दी गई है। कुंडली थाना पुलिस लिपिक मनोज आनंद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।