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अभियान... गोहाना बनेगा जिला : लगातार बढ़ रही उम्मीदें, संघर्ष को मिले मुकाम
Wed, 29 Oct 2025 02:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 29 Oct 2025 02:14 AM IST
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फोटो 38- सोनीपत के गोहाना स्टेशन पर निर्माणाधीन मुख्य प्रवेश द्वार पर भवन में बनाए जा रहे बुकिं
गोहाना। सोनीपत जिले से अलग होकर गोहाना के जिला बनने की उम्मीद लगातार बढ़ रही है। लोगों का मानना है कि लंबे संघर्ष को अब मुकाम मिल जाना चाहिए। प्रदेश में प्रशासनिक पुनर्गठन की चर्चाओं के दौर में लोगों में उत्साह है कि जल्द लंबे संघर्ष को अंजाम मिल सकता है।
वर्ष 1826 में तहसील के रूप में स्थापित गोहाना को जिला बनाने की मांग वर्षों पुरानी है। करीब दो दशक पहले गठित जिला बनाओ संघर्ष समिति लगातार इस मांग को लेकर सक्रिय रही है। समिति के नेतृत्व में कई बार धरने, प्रदर्शन और जन आंदोलन भी हो चुके हैं, जिनमें सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने समर्थन दिया था।
स्थानीय निवासी राजेंद्र, मदन सिंह, ताराचंद का कहना है कि गोहाना की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, राजस्व और प्रशासनिक सुविधाएं इसे जिला बनाए जाने के लिए पूरी तरह उपयुक्त बनाती हैं। वहीं भाजपा ने भी अपने चुनावी घोषणापत्र में गोहाना को जिला बनाने का आश्वासन दिया था, जिससे लोगों में भरोसा जगा है कि जल्द उनकी मांग पूरी होगी।
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संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो यह न सिर्फ गोहाना बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लिए भी विकास का नया अध्याय साबित होगा।
प्रदेश सरकार की तरफ से नए जिलों के गठन के लिए कैबिनेट सब-कमेटी बना रखी है। गोहाना को जिला बनाने का आंदोलन करीब दो दशक पहले शुरू हुआ था। आंदोलन के करीब एक दशक बाद तत्कालीन कृषि मंत्री ओपी धनखड़ की अध्यक्षता वाली कमेटी की सिफारिश के बाद गोहाना का जिला बनना तय माना जा रहा था।
लंबे अर्से पहले गोहाना उपमंडल भी बन गया था। अब करीब 199 साल बाद गोहाना तहसील के जिला बनने की उम्मीदों को मुकाम मिलने की संभावना है।
गोहाना तहसील में 86 गांव
गोहाना तहसील में करीब 86 गांव आते हैं। कांग्रेसराज में गोहाना नगर पालिका का दर्जा बढ़ा कर इसे नगर परिषद बना दिया गया था। गोहाना शहर में लगभग 85 हजार आबादी है।
हरियाणा बनने पर रोहतक से जोड़ी थी गोहाना तहसील
गोहाना तहसील को पहले रोहतक जिले में जोड़ा गया था। रोहतक गोहाना से लगभग 35 किलोमीटर दूर है। वर्ष 1972 में सोनीपत जिला बना। इसके बाद गोहाना तहसील को सोनीपत जिले में जोड़ दिया गया। गोहाना की सोनीपत से भी दूरी 36 किलोमीटर है। गोहाना के लोगों को विभिन्न कार्यों के लिए सोनीपत स्थित मुख्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। अगर गोहाना जिला बना तो गोहाना के लोगों को सोनीपत चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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वर्ष 1826 में तहसील के रूप में स्थापित गोहाना को जिला बनाने की मांग वर्षों पुरानी है। करीब दो दशक पहले गठित जिला बनाओ संघर्ष समिति लगातार इस मांग को लेकर सक्रिय रही है। समिति के नेतृत्व में कई बार धरने, प्रदर्शन और जन आंदोलन भी हो चुके हैं, जिनमें सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने समर्थन दिया था।
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स्थानीय निवासी राजेंद्र, मदन सिंह, ताराचंद का कहना है कि गोहाना की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, राजस्व और प्रशासनिक सुविधाएं इसे जिला बनाए जाने के लिए पूरी तरह उपयुक्त बनाती हैं। वहीं भाजपा ने भी अपने चुनावी घोषणापत्र में गोहाना को जिला बनाने का आश्वासन दिया था, जिससे लोगों में भरोसा जगा है कि जल्द उनकी मांग पूरी होगी।
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संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो यह न सिर्फ गोहाना बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के लिए भी विकास का नया अध्याय साबित होगा।
प्रदेश सरकार की तरफ से नए जिलों के गठन के लिए कैबिनेट सब-कमेटी बना रखी है। गोहाना को जिला बनाने का आंदोलन करीब दो दशक पहले शुरू हुआ था। आंदोलन के करीब एक दशक बाद तत्कालीन कृषि मंत्री ओपी धनखड़ की अध्यक्षता वाली कमेटी की सिफारिश के बाद गोहाना का जिला बनना तय माना जा रहा था।
लंबे अर्से पहले गोहाना उपमंडल भी बन गया था। अब करीब 199 साल बाद गोहाना तहसील के जिला बनने की उम्मीदों को मुकाम मिलने की संभावना है।
गोहाना तहसील में 86 गांव
गोहाना तहसील में करीब 86 गांव आते हैं। कांग्रेसराज में गोहाना नगर पालिका का दर्जा बढ़ा कर इसे नगर परिषद बना दिया गया था। गोहाना शहर में लगभग 85 हजार आबादी है।
हरियाणा बनने पर रोहतक से जोड़ी थी गोहाना तहसील
गोहाना तहसील को पहले रोहतक जिले में जोड़ा गया था। रोहतक गोहाना से लगभग 35 किलोमीटर दूर है। वर्ष 1972 में सोनीपत जिला बना। इसके बाद गोहाना तहसील को सोनीपत जिले में जोड़ दिया गया। गोहाना की सोनीपत से भी दूरी 36 किलोमीटर है। गोहाना के लोगों को विभिन्न कार्यों के लिए सोनीपत स्थित मुख्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। अगर गोहाना जिला बना तो गोहाना के लोगों को सोनीपत चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।