{"_id":"65da2f9dbb6b7960f60b9a45","slug":"brutality-with-farmers-is-not-good-for-any-democratic-country-bajrang-punia-sonipat-news-c-197-1-snp1001-114329-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के साथ बर्बरता किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए सही नहीं : बजरंग पूनिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के साथ बर्बरता किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए सही नहीं : बजरंग पूनिया
Sat, 24 Feb 2024 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 24 Feb 2024 11:34 PM IST
विज्ञापन
ओलंपियन बजरंग पूनिया के सोशल मीडिया अकाउंट पर डाली गई पोस्ट। स्रोत सोशल मीडिया
सोनीपत। किसान आंदोलन-2 में दिल्ली कूच के दौरान युवा किसान की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने को लेकर ओलंपियन पहलवान बजरंग पूनिया ने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट किया है कि किसानों के साथ बर्बरता किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए सही नहीं है।
विदेश की धरती पर ओलंपिक की तैयारी में जुटे पहलवान बजरंग पूनिया ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि 21 फरवरी को एक नौजवान किसान शहीद हो चुका है और दूसरा गंभीर है। हरियाणा-पंजाब की सीमा पर स्थित दाता सिंह वाला बॉर्डर से दिल्ली कूच के दौरान युवा किसान शुभकरण की मौत हो गई थी और प्रीतपाल सिंह घायल हुए थे। ओलंपियन बजरंग पूनिया ने एक्स पर प्रीतपाल सिंह का फोटो शेयर कर लिखा है कि दूसरा नौजवान किसान प्रीतपाल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। पुलिस ने इसका जबड़ा, सिर और पैर तोड़ दिए हैं। किसानों के साथ ऐसी बर्बरता किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए सही नहीं है। किसानों के साथ हुए बर्ताव को देखकर दिमाग सन्न पड़ गया है।
पहले भी किसानों के समर्थन में रहे हैं बजरंग पूनिया
ओलंपियन बजरंग पूनिया पहले भी किसानों के समर्थन में रहे हैं। किसान आंदोलन-1 के दौरान तो उन्होंने ट्वीट किया था कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। किसानों को मत रोकिए। देश के किसान को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। बल प्रयोग से कभी किसी की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। अपनी पीड़ियों के भविष्य को बचाने सड़क पर उतरे किसानों की बात सुने सरकार। साथ ही तब ही दूसरा ट्वीट किया था कि सबका पेट भरने वाला अन्नदाता अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। सभी उनका साथ दो, उनकी आवाज बनो। राजनीति बाद में कर लेना, पहले किसान के बेटे हैं, किसान के घर जन्म लिया।
विज्ञापन
किसान भी पहलवानों के धरने में समर्थन देने पहुंचे थे
ओलंपियन बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने महिला पहलवानों के समर्थन में प्रदर्शन किया तो किसानों ने भी उनका साथ दिया था। तब किसान संगठन दिल्ली पहुंचे थे। किसान संगठनों ने नारा दिया था कि फसल को बचाया है, नस्ल को बचाना है।
विज्ञापन
विदेश की धरती पर ओलंपिक की तैयारी में जुटे पहलवान बजरंग पूनिया ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर लिखा है कि 21 फरवरी को एक नौजवान किसान शहीद हो चुका है और दूसरा गंभीर है। हरियाणा-पंजाब की सीमा पर स्थित दाता सिंह वाला बॉर्डर से दिल्ली कूच के दौरान युवा किसान शुभकरण की मौत हो गई थी और प्रीतपाल सिंह घायल हुए थे। ओलंपियन बजरंग पूनिया ने एक्स पर प्रीतपाल सिंह का फोटो शेयर कर लिखा है कि दूसरा नौजवान किसान प्रीतपाल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। पुलिस ने इसका जबड़ा, सिर और पैर तोड़ दिए हैं। किसानों के साथ ऐसी बर्बरता किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए सही नहीं है। किसानों के साथ हुए बर्ताव को देखकर दिमाग सन्न पड़ गया है।
विज्ञापन
पहले भी किसानों के समर्थन में रहे हैं बजरंग पूनिया
ओलंपियन बजरंग पूनिया पहले भी किसानों के समर्थन में रहे हैं। किसान आंदोलन-1 के दौरान तो उन्होंने ट्वीट किया था कि किसान देश की रीढ़ की हड्डी हैं। किसानों को मत रोकिए। देश के किसान को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है। बल प्रयोग से कभी किसी की आवाज को नहीं दबाया जा सकता। अपनी पीड़ियों के भविष्य को बचाने सड़क पर उतरे किसानों की बात सुने सरकार। साथ ही तब ही दूसरा ट्वीट किया था कि सबका पेट भरने वाला अन्नदाता अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। सभी उनका साथ दो, उनकी आवाज बनो। राजनीति बाद में कर लेना, पहले किसान के बेटे हैं, किसान के घर जन्म लिया।
विज्ञापन
किसान भी पहलवानों के धरने में समर्थन देने पहुंचे थे
ओलंपियन बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने महिला पहलवानों के समर्थन में प्रदर्शन किया तो किसानों ने भी उनका साथ दिया था। तब किसान संगठन दिल्ली पहुंचे थे। किसान संगठनों ने नारा दिया था कि फसल को बचाया है, नस्ल को बचाना है।