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बड़ी राहत: 22 दिन बाद खोला गया औचंदी-फिरोजपुर बॉर्डर, दिल्ली पुलिस ने हटाए अवरोधक, सामान्य हुआ ट्रैफिक
Wed, 06 Mar 2024 11:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 06 Mar 2024 11:02 PM IST
सार
इससे पहले कुंडली बॉर्डर पर राहत दी गई थी। दोनों ओर के सर्विस रोड खोले गए थे। किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद से औचंदी बॉर्डर बंद था। कुंडली बॉर्डर पर सर्विस रोड की एक लेन खोलने से जाम लग रहा था।
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सोनीपत क्षेत्र में औचंदी-फिरोजपुर बॉर्डर पर अवरोधक हटाने के बाद सफाई कराती पुलिस।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के सोनीपत में किसान आंदोलन-2 की घोषणा के साथ दिल्ली कूच के एलान के बाद किए गए औचंदी-फिरोजपुर बॉर्डर को आखिरकार 22 दिन बाद खोल दिया गया। इससे खरखौदा और आसपास के क्षेत्र के साथ ही अन्य वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है। मार्ग से अवरोधक हटाने के बाद वाहनों का आवागमन सामान्य हो गया है।
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इससे पहले कुंडली बॉर्डर पर 26 फरवरी को राहत दी गई थी। हालांकि कुंडली बॉर्डर के मुख्य फ्लाईओवर अभी भी बंद हैं। पानीपत-दिल्ली मार्ग पर सर्विस रोड की एक लेन खोलने से लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। उम्मीद है कि कुंडली में भी राहत बढ़ाई जा सकती है।
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किसानों के दिल्ली कूच के एलान के बाद पंजाब के किसान 13 फरवरी को अंबाला के शंभू बॉर्डर पर आ डटे थे। वहां से दिल्ली कूच के प्रयास में किसानों का सुरक्षा बलों के साथ टकराव हो गया था। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर के साथ ही औचंदी-फिरोजपुर बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया था।
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बाद में वाहन चालकों की परेशानी व किसानों-सरकार के बीच सुलह की उम्मीद के चलते कुंडली बॉर्डर को आंशिक रुप से खोल दिया गया था। 26 फरवरी को दिल्ली-पानीपत मार्ग की दोनों व पानीपत-दिल्ली मार्ग पर सर्विस रोड की एक लेन को खोला गया था।
कई दिनों से वाहन चालक लगातार यह मांग कर रहे थे कि किसान आंदोलन शांत हो गया है तो बॉर्डर को पूरी तरह से खोल दिया जाए, लेकिन किसानों ने एक बार फिर 6 मार्च को दिल्ली कूच का एलान कर दिया था। हालांकि इससे प्रदेश के साथ ही पंजाब के किसानों को दूर रहने को कहा गया था। ऐसे में शाम को दिल्ली पुलिस ने औचंदी-फिरोजपुर बॉर्डर को खोल दिया।
खरखौदा व आसपास के लोगों को बड़ी राहत
औचंदी-फिरोजपुर बॉर्डर बंद होने से दिल्ली आवागमन के लिए खरखौदा व आसपास के लोगों को लंबा फेर लगाकर दिल्ली पहुंचना पड़ रहा था। इससे काफी नुकसान के साथ ही समय भी लग रहा था। कामकाजी लोगों पर इसका सीधा असर पड़ रहा था। बुधवार को बॉर्डर खोलने से वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है। किसानों को रोकने के लिए यहां पर 13 फरवरी को दिल्ली पुलिस की तरफ से बैरिकेड, कंटीले तार, स्लैब व कंटेनर रखकर इस बॉर्डर को भी अन्य बॉर्डरों की तरह बंद कर दिया गया था। बुधवार को दिल्ली पुलिस ने बॉर्डर पर रखे भारी पत्थरों व अवरोधकों को हटा दिया, इसके बाद ट्रैफिक सामान्य हो गया।
कुंडली बॉर्डर पूरी तरह खोलने की मांग
कुंडली-सिंघु बॉर्डर के आसपास के लोगों के साथ ही हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों ने अब नेशनल हाईवे-44 को भी पूरी तरह खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि बॉर्डर लगातार बंद रहने के कारण नुकसान हो रहा है। उन्हें घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। इसे लेकर दिल्ली पुलिस का कहना है कि एक-दो दिन में इसे लेकर फैसला किया जाएगा।