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कंप्यूटर सेंटर संचालक को उठाकर ले गए और बंधक बना की मारपीट, रुपये भी छीने
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गोहाना (सोनीपत)। शहर के पुराना बस स्टैंड पर स्थित नई दिशा कंप्यूटर सेंटर संचालक को कुछ युवकों ने जबरन गाड़ी में डाल लिया और मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किया। सेंटर मालिक ने रुपये छीनने का भी आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव खंदराई निवासी अनिल ने बताया कि वह शहर के पुराने बस स्टैंड पर नई दिशा के नाम से कंप्यूटर सेंटर चलाता है। उसके पास कमल नाम के लड़के का फोन आया और उसने कहा कि मास्टर जी आप से कुछ काम है। आप स्टेडियम के पास पेट्रोल पंप पर आ जाएं। अनिल ने कहा कि वह वहां पर चला गया। जहां कमल के साथ अन्य 8 युवक गाड़ी में थे। अनिल ने आरोप लगाया कि उसे गाड़ी में बैठाया और युवकों ने उसे पूछा कि गांव हसनगढ़ निवासी नरेश कहां है, जो फ्यूचर हेल्प लाइन डाट कॉम के नाम से कंपनी चलाता है। अनिल ने कहा कि जब उसने कहा कि वह उसे नहीं जानता है तो उन्होंने उससे मारपीट की। उसके बाद उसकी जेब से दो हजार रुपये निकाल लिए। साथ ही दबाव बनाकर कंप्यूटर सेंटर पर फोन कराया और कहा कि नीतू मैडम से कहो कि कमल को 37 हजार रुपये की जरूरत है। वहां से कमल 37 हजार रुपये भी ले आया। जिसके बाद वह उसे गाड़ी में भंभेवा नहर पर ले गए और वहां पर उसके साथ मारपीट की उसके बाद गांव चिड़ाना के खेतों में ले जाकर जान से मारने का प्रयास किया।
बाद में वे रोदा रोड स्थित देवीपुरा के एक मकान में लेकर पहुंचे और उसे पूरी रात एक कमरे के अंदर बंधक बनाकर रखा। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। सुबह के समय फिर वह उसे गाड़ी में गांव हसनगढ़ लेकर पहुंचे और नरेश को उठाने की बात कही। नरेश भी उनसे मिला हुआ था, जब वे नरेश के पास गए तो गाड़ी लॉक नहीं थी। वह गाड़ी से उतरकर भाग आया। भाई अमित के साथ गोहाना के नागरिक अस्पताल के पहुंचा, जहां उसे गांव खानपुर कलां के बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर कर दिया। अनिल ने बताया कि वह कमल के साथ चोपड़ा कॉलोनी निवासी सुमित, हरिंद्र, महम रोड गुप्ता वाली गली निवासी अक्षय व अन्य युवक थे। पुलिस ने अनिल के बयान पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गांव खंदराई निवासी अनिल ने बताया कि वह शहर के पुराने बस स्टैंड पर नई दिशा के नाम से कंप्यूटर सेंटर चलाता है। उसके पास कमल नाम के लड़के का फोन आया और उसने कहा कि मास्टर जी आप से कुछ काम है। आप स्टेडियम के पास पेट्रोल पंप पर आ जाएं। अनिल ने कहा कि वह वहां पर चला गया। जहां कमल के साथ अन्य 8 युवक गाड़ी में थे। अनिल ने आरोप लगाया कि उसे गाड़ी में बैठाया और युवकों ने उसे पूछा कि गांव हसनगढ़ निवासी नरेश कहां है, जो फ्यूचर हेल्प लाइन डाट कॉम के नाम से कंपनी चलाता है। अनिल ने कहा कि जब उसने कहा कि वह उसे नहीं जानता है तो उन्होंने उससे मारपीट की। उसके बाद उसकी जेब से दो हजार रुपये निकाल लिए। साथ ही दबाव बनाकर कंप्यूटर सेंटर पर फोन कराया और कहा कि नीतू मैडम से कहो कि कमल को 37 हजार रुपये की जरूरत है। वहां से कमल 37 हजार रुपये भी ले आया। जिसके बाद वह उसे गाड़ी में भंभेवा नहर पर ले गए और वहां पर उसके साथ मारपीट की उसके बाद गांव चिड़ाना के खेतों में ले जाकर जान से मारने का प्रयास किया।
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बाद में वे रोदा रोड स्थित देवीपुरा के एक मकान में लेकर पहुंचे और उसे पूरी रात एक कमरे के अंदर बंधक बनाकर रखा। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। सुबह के समय फिर वह उसे गाड़ी में गांव हसनगढ़ लेकर पहुंचे और नरेश को उठाने की बात कही। नरेश भी उनसे मिला हुआ था, जब वे नरेश के पास गए तो गाड़ी लॉक नहीं थी। वह गाड़ी से उतरकर भाग आया। भाई अमित के साथ गोहाना के नागरिक अस्पताल के पहुंचा, जहां उसे गांव खानपुर कलां के बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल रेफर कर दिया। अनिल ने बताया कि वह कमल के साथ चोपड़ा कॉलोनी निवासी सुमित, हरिंद्र, महम रोड गुप्ता वाली गली निवासी अक्षय व अन्य युवक थे। पुलिस ने अनिल के बयान पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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