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Sonipat News: समाज के मूल को नष्ट कर रहा नशा कहकर खारिज की जमानत याचिका
Mon, 24 Nov 2025 01:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 24 Nov 2025 01:38 AM IST
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सोनीपत। हेरोइन तस्करी के मामले में दिल्ली निवासी आरोपी सोमबीर की जमानत याचिका पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने नशा तस्करी समाज दूषित कर रही है, का तर्क देकर आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
जिला उत्तर पूर्व दिल्ली के सोनिया विहार के करावल निवासी सोमबीर पर हेरोइन तस्करी का आरोप है। वर्तमान में वह सोनीपत में बड़वासनी, ऋषि कॉलोनी रह रहा था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने 23 अक्तूबर को कामी रोड, सब्जी मंडी के पास से उसे 8.65 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था।
सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के मध्यम से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की अदालत में जमानत याचिका डाली। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
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शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि नशा एक सामाजिक रोग है। जहां इसकी लत समाज के मूल को नष्ट करती है वहीं नशा तस्करी न केवल देश की अर्थव्यवस्था के मूल को नष्ट करती है बल्कि इससे अर्जित अवैध धन का उपयोग अवैध गतिविधियों में किया जाता है। इसमें आतंकवाद को बढ़ावा देना भी शामिल है। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने आरोपी सोमबीर की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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जिला उत्तर पूर्व दिल्ली के सोनिया विहार के करावल निवासी सोमबीर पर हेरोइन तस्करी का आरोप है। वर्तमान में वह सोनीपत में बड़वासनी, ऋषि कॉलोनी रह रहा था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने 23 अक्तूबर को कामी रोड, सब्जी मंडी के पास से उसे 8.65 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था।
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सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के मध्यम से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की अदालत में जमानत याचिका डाली। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसे झूठा फंसाया गया है।
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शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि नशा एक सामाजिक रोग है। जहां इसकी लत समाज के मूल को नष्ट करती है वहीं नशा तस्करी न केवल देश की अर्थव्यवस्था के मूल को नष्ट करती है बल्कि इससे अर्जित अवैध धन का उपयोग अवैध गतिविधियों में किया जाता है। इसमें आतंकवाद को बढ़ावा देना भी शामिल है। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश नरेंद्र सिंह ने आरोपी सोमबीर की जमानत याचिका खारिज कर दी।