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Sonipat News: बिना शोधित पानी ड्रेन में डालने पर असिस्टेंट एन्वायरमेंट इंजीनियर निलंबित
Thu, 15 May 2025 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 15 May 2025 01:32 AM IST
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सोनीपत। राठधना रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से बिना शोधित पानी ड्रेन नंबर-6 में डालने के मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए सोनीपत में तैनात असिस्टेंट एन्वायरमेंट इंजीनियर रविंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय प्रदूषण नियंत्रण संबंधी बढ़ती लापरवाही और पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन को देखते हुए लिया गया है।
एसटीपी की 30 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) जल शोधन की क्षमता है। बताया जा रहा है कि 20 एमएलडी दूषित पानी बिना शोधित किए सीधे ड्रेन नंबर-6 में डाला जा रहा था। यह ड्रेन यमुना नदी से जुड़ती है। इससे जल प्रदूषण फैलने का शक था।
रविंद्र यादव पर पर्यावरणीय मानकों का पालन कराने में लापरवाही और निगरानी में चूक के आरोप हैं। इस आधार पर बोर्ड ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए आदेश जारी किए है कि निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला रहेगा। प्रशासनिक आदेशों के अनुसार निलंबन की अवधि में उन्हें हरियाणा सेवा नियमों के तहत निर्धारित निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। यह भत्ता विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्यवाही की समाप्ति तक मिलता रहेगा। बोर्ड ने यह आदेश मुख्यालय पंचकूला से जारी करते हुए इसकी प्रतियां सभी प्रमुख शाखाओं एवं अधिकारियों को भेजी है।
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पर्यावरणीय मानकों पर सख्त हुआ बोर्ड
यह कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से पर्यावरणीय नियमों के पालन को लेकर बढ़ती सख्ती का संकेत है। आने वाले समय में ऐसी फैक्ट्रियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, जो जल, वायु या भूमि प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं।
मुख्यमंत्री के सामने उठ चुका है मुद्दा
गांव राठधना के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से दूषित पानी को बिना साफ किए ड्रेन नंबर छह में छोड़ने का मामला मुख्यमंत्री के सामने भी उठाया गया था। कहा गया था कि एसटीपी की सफाई के चलते पानी छोड़ा गया है। तब सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि कोई भी एसटीपी बंद या खराब नहीं होना चाहिए। सीवर के पानी को शोधित करने के बाद ड्रेन में छोड़ने के लिए कहा गया था। तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि विधानसभा सत्र के दौरान भी एसटीपी के बेहतर संचालन के लिए कहा गया है। सभी अधिकारियों को निर्देशों का पालन भी करना होगा। उसके बाद भी कोई लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन सहायक पर्यावरण अभियंता को निलंबित किया गया है। इसके लिए पंचकूला मुख्यालय से आदेश हुए हैं। राठधना रोड एसटीपी में खामियों के चलते निलंबित किया गया है। एईई ने तीन-चार बार एसटीपी का विजिट किया, लेकिन वह खामी को पकड़ नहीं सके। -निर्मल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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एसटीपी की 30 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) जल शोधन की क्षमता है। बताया जा रहा है कि 20 एमएलडी दूषित पानी बिना शोधित किए सीधे ड्रेन नंबर-6 में डाला जा रहा था। यह ड्रेन यमुना नदी से जुड़ती है। इससे जल प्रदूषण फैलने का शक था।
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रविंद्र यादव पर पर्यावरणीय मानकों का पालन कराने में लापरवाही और निगरानी में चूक के आरोप हैं। इस आधार पर बोर्ड ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए आदेश जारी किए है कि निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला रहेगा। प्रशासनिक आदेशों के अनुसार निलंबन की अवधि में उन्हें हरियाणा सेवा नियमों के तहत निर्धारित निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। यह भत्ता विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्यवाही की समाप्ति तक मिलता रहेगा। बोर्ड ने यह आदेश मुख्यालय पंचकूला से जारी करते हुए इसकी प्रतियां सभी प्रमुख शाखाओं एवं अधिकारियों को भेजी है।
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पर्यावरणीय मानकों पर सख्त हुआ बोर्ड
यह कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से पर्यावरणीय नियमों के पालन को लेकर बढ़ती सख्ती का संकेत है। आने वाले समय में ऐसी फैक्ट्रियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी, जो जल, वायु या भूमि प्रदूषण को बढ़ावा देते हैं।
मुख्यमंत्री के सामने उठ चुका है मुद्दा
गांव राठधना के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से दूषित पानी को बिना साफ किए ड्रेन नंबर छह में छोड़ने का मामला मुख्यमंत्री के सामने भी उठाया गया था। कहा गया था कि एसटीपी की सफाई के चलते पानी छोड़ा गया है। तब सीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि कोई भी एसटीपी बंद या खराब नहीं होना चाहिए। सीवर के पानी को शोधित करने के बाद ड्रेन में छोड़ने के लिए कहा गया था। तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि विधानसभा सत्र के दौरान भी एसटीपी के बेहतर संचालन के लिए कहा गया है। सभी अधिकारियों को निर्देशों का पालन भी करना होगा। उसके बाद भी कोई लापरवाही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन सहायक पर्यावरण अभियंता को निलंबित किया गया है। इसके लिए पंचकूला मुख्यालय से आदेश हुए हैं। राठधना रोड एसटीपी में खामियों के चलते निलंबित किया गया है। एईई ने तीन-चार बार एसटीपी का विजिट किया, लेकिन वह खामी को पकड़ नहीं सके। -निर्मल कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।