फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Ashoka University's housekeeping staff staged a sit-in protest, students gave support

Sonipat: अअशोका यूनिवर्सिटी में हाउसकीपिंग स्टाफ की हड़ताल, वेतन वृद्धि और बर्खास्तगी पर विवाद

Fri, 29 Aug 2025 02:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Updated Fri, 29 Aug 2025 02:06 AM IST
सार

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने उन्हें धमकियां दीं और विरोध करने पर अनुबंध समाप्त करने की चेतावनी दी।यह हड़ताल विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा संकट बन गई है, क्योंकि कर्मचारी सेवाओं के बिना कैंपस की दैनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।

विज्ञापन
Ashoka University's housekeeping staff staged a sit-in protest, students gave support
फोटो :25: सोनीपत के राई में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी स्थित अशोका यूनिवर्सिटी के बाहर रोष जताते - फोटो : टूंडला में पत्रकारों से वार्ता करते सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन।

विस्तार

राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई स्थित अशोका यूनिवर्सिटी में हाउसकीपिंग स्टाफ के कर्मचारियों ने वेतन बढ़ोतरी और बर्खास्त किए गए सहकर्मियों की बहाली की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। वीरवार को सुबह करीब 7:15 बजे से कैंपस के गेट नंबर 1 पर धरना शुरू हो गया, जहां कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। विश्वविद्यालय में 200 से अधिक हाउसकीपिंग कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से आधे के करीब धरने पर शामिल हुए।

विज्ञापन


छात्र संगठनों ने भी कर्मचारियों का खुला समर्थन किया है, जिससे यह आंदोलन और मजबूत हो गया है।कर्मचारियों का कहना है कि उनका मासिक वेतन मात्र 12 से 13 हजार रुपये है, जो महंगाई के इस दौर में गुजारा करने के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने वेतन को 18,000 रुपये प्रतिमाह करने और हर साल 10 प्रतिशत की वृद्धि की मांग की है। इसके अलावा, पिछले स्प्रिंग सेमेस्टर के अंत में चोरी के झूठे आरोप में तीन कर्मचारियों (जिनमें महिलाएं शामिल हैं) को बर्खास्त किया गया था। कर्मचारी इनकी तत्काल बहाली और हड़ताल में भाग लेने वालों को दंडित न करने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन


एक कर्मचारी ने बताया, "पिछले पांच वर्षों से हम वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन केवल 200-300 रुपये की मामूली बढ़ोतरी ही मिली। अब हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।"अशोका यूनिवर्सिटी स्टूडेंट गवर्नमेंट (AUSG) ने एक बयान जारी कर कर्मचारियों के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की। छात्रों ने कहा, "यह हड़ताल न केवल तत्काल मांगों का मामला है, बल्कि कैंपस पर निगरानी, शोषण और अन्याय जैसी गहरी समस्याओं को उजागर करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हम उनकी मांगों का समर्थन जारी रखेंगे।" छात्रों ने आउटसोर्सिंग और ठेकेदारों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हाउसकीपिंग सेवाएं तृतीय पक्ष विक्रेता ब्लूस्प्रिंग एंटरप्राइज को सौंपी गई हैं। "अनुबंध की शर्तें संबंधित कंपनियों द्वारा प्रबंधित की जाती हैं और अशोका विश्वविद्यालय उनके निर्णयों में कोई भूमिका नहीं निभाता," प्रशासन ने बयान में कहा।

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने उन्हें धमकियां दीं और विरोध करने पर अनुबंध समाप्त करने की चेतावनी दी। यह हड़ताल विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा संकट बन गई है, क्योंकि कर्मचारी सेवाओं के बिना कैंपस की दैनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। कर्मचारी और छात्र संयुक्त रूप से लिखित समझौते की मांग कर रहे हैं, जिसमें मांगों के कार्यान्वयन और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित हो। मामला सुलझने तक हड़ताल जारी रहने की संभावना है, जो कैंपस की सामान्य गतिविधियों को बाधित कर सकती है।

हिसार में छात्र-छात्राओं को वित्तीय साक्षरता और फ्रॉड जागरूकता पर मिली जानकारी

भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) बजाज फाइनेंस लिमिटेड, जो बजाज फिनसर्व का हिस्सा है, ने आज हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के मास कम्यूनिकेशन विभाग में ‘अर्थसूत्र संवाद’ नामक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पैन-इंडिया कार्यक्रम भारत के ग्रामीण और कम बैंकिंग सुविधा वाले क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने का उद्देश्य रखता है।

‘अर्थसूत्र संवाद’ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की वित्तीय साक्षरता और जागरूकता बढ़ाने की पहल के तहत संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वित्तीय अनुशासन, ऑनलाइन धोखाधड़ी और धन प्रबंधन की अच्छी आदतों के बारे में जागरूकता फैलाना है। इस कार्यक्रम में श्री नरेश कुमार, साइबर पुलिस अधिकारी, श्यामलाल सरवटे, समाजसेवी, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ विक्रम कौशिक, प्रोफेसर डॉ मिहिर रंजन पात्रा, प्रोफेसर डॉ सुनैना, डॉ कुसुम लता एवं बड़ी संख्या में विभाग के छात्र छात्राओं ने इस जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया।

बजाज फाइनेंस का ‘अर्थसूत्र संवाद’ एक व्यापक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसका मूल उद्देश्य व्यक्तिगत वित्त को सरल बनाना है ताकि लोग आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ सूझबूझ भरे निर्णय ले सकें। छात्रों को संबोधित करते हुए श्री नरेश कुमार ने कहा कि शिक्षित लोग भी ठगी के शिकार हो रहे हैं। उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि कम्बोडिया और साउथ ईस्ट एशियाई देशों में इंडियन स्टूडेंट्स ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। 

वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि सभी को हेल्पलाइन नंबर 1930 याद रखना चाहिए और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। यदि शिकायत एक घंटे के भीतर की जाती है, तो आरोपी के खाते को तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है, जिससे धन की वापसी की संभावना बढ़ जाती है।साथ ही उन्होंने छात्रों को डिजिटल अरेस्ट स्कैम, व्हाट्सएप पर फर्जी निवेश समूह पर भी जानकारी दी।

हर व्यक्ति को बैंकिंग की मूलभूत जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि आज की युवा पीढ़ी तकनीकी रूप से काफी सक्षम है और हाई-टेक ऐप्स का उपयोग करती है, लेकिन उन्हें वित्तीय साक्षरता भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने युवाओं को स्वयं बैंक खाता खोलने और उसका प्रबंधन करने की सलाह दी, बिना किसी पर आंख मूंदकर भरोसा किए। वित्तीय जागरूकता, उन्होंने जोर देकर कहा, अनिवार्य है।

इस अवसर पर वित्तीय मामलों के जानकार एवं समाजसेवी श्यामलाल सरवटे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी का बैंक खाता होना बहुत जरूरी है और उससे भी ज्यादा जरूरी उस खाते को ऐक्टिव रखना और लगातार ट्रांजेक्शन करना है,  अन्यथा आपकी सिबिल शून्य हो जाएगी। युवावस्था  से ही सेविंग की आदत डालना बहुत जरूरी है। बजाज जैसी संस्थाओं में फिक्स डिपॉजिट में बड़ा अच्छा ब्याज मिलता है.

प्रोफेसर मिहिर पात्रा ने कहा कि फाइनेंस की जानकारी से जीवन में धन की कमी नहीं होती. सबको बचत और जालसाजी से बचने की जरूरत है.  हमारे विद्यार्थी फाइनेंशियली लिटरेट होंगे तो देश निर्माण में सहयोग करेंगे। प्रोफेसर विक्रम कौशिक ने भी बजाज के इस अभियान की प्रशंसा करते हुए वित्तीय प्रबंधन पर जोर दिया।

कार्यशालाओं, संवाद सत्रों और सामुदायिक चर्चाओं के माध्यम से ‘अर्थसूत्र संवाद’ कार्यक्रम बचत के महत्व, आपातकालीन वित्तीय सुरक्षा, जिम्मेदार उधारी, और आम धोखाधड़ी—ऑनलाइन या व्यक्तिगत—से बचाव जैसे विषयों को कवर करता है। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों को वित्तीय अनुशासन अपनाने और जीवन की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक मानसिक मजबूती विकसित करने का मार्गदर्शन दिया जाएगा। व्यावहारिक ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर, ‘अर्थसूत्र संवाद’ दीर्घकालिक रूप से वित्तीय रूप से जागरूक व्यवहार को बढ़ावा देने और भविष्य के लिए तैयार नागरिकों को प्रेरित करने की आशा करता है।

हिसार में कार्यक्रम के बाद, इसके आस पास के गांवों में जमीनी स्तर पर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम हरियाणा में सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से और अधिक प्रभावी रूप से प्रचारित किया जाएगा, जिसमें इंटरैक्टिव कार्यशालाएं, विशेषज्ञ वार्ता और सामुदायिक सहभागिता गतिविधियाँ शामिल होंगी, जो वित्त को सरल बनाने और जीवन भर वित्तीय शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed