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वर्ल्ड डेफ चैंपियनशिप के लिए एयरपोर्ट पहुंचे
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अंकित चौहान
सोनीपत। तुर्की में होने वाली वर्ल्ड डेफ कुश्ती चैंपियनशिप में खेलने जाने के लिए 13 पहलवानों के साथ ही कोच व अन्य स्टाफ एयरपोर्ट पर पहुंचे, लेकिन तुर्की से तभी ई-मेल आने पर पता चला कि वहां जाने पर 14 दिन तक क्वारंटीन रहना पड़ेगा, जबकि वहां जाने पर क्वारंटीन का समय पूरा होने से पहले चैंपियनशिप खत्म हो जाएगी। इससे तुर्की जाने की जगह पहलवानों को अपने घर लौटना पड़ा और इस तरह से उनका वर्ल्ड डेफ कुश्ती चैंपियनशिप में मेडल जीतने का सपना टूट गया।
तुर्की में 4 से 8 जुलाई तक वर्ल्ड डेफ कुश्ती चैंपियनशिप होनी है। इसके लिए भारत से 13 पहलवानों को जाना था, जिनमें ग्रीको रोमन व फ्री स्टाइल दोनों के पहलवान शामिल थे। इनमें हरियाणा के सात पहलवान, महाराष्ट्र से दो पहलवान, मध्य प्रदेश से एक, हिमाचल से एक, यूपी से एक, राजस्थान से एक पहलवान शामिल थे। वर्ल्ड डेफ चैंपियनशिप में वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा समेत कई पहलवान पहले भी देश के लिए मेडल जीत चुके हैं और इस बार भी कई पहलवानों से मेडल की बड़ी उम्मीद थी। इन सभी पहलवानों के साथ ही कोच व अन्य स्टाफ का वीजा व टिकट तैयार करा दिए गए थे और यह सभी वीरवार को तुर्की जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच भी गए, लेकिन इस बीच ही तुर्की से ई-मेल आया कि भारतीय पहलवान वहां आते हैं तो उनको 14 दिन के लिए क्वारंटीन रहना होगा। इस शर्त के कारण पहलवानों को तुर्की जाने की जगह एयरपोर्ट से अपने घर लौटना पड़ा।
यह गलत किया गया, 15 दिन पहले बताना चाहिए : वीरेंद्र पहलवान
पहलवान वीरेंद्र उर्फ गूंगा का कहना है कि यह पूरी तरह से गलत किया गया है। अगर इस तरह का कोई नियम था तो उसकी 15 दिन पहले सूचना देनी चाहिए थी, जिससे यहां से पहलवान 15 दिन पहले रवाना होते और वहां 14 दिन तक क्वारंटीन रहकर चैंपियनशिप में खेल सकते। इसके लिए वीरेंद्र ने केंद्रीय खेल मंत्री को हस्तक्षेप करते हुए मदद भी मांगी।
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वर्जन
तुर्की में वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए सभी पहलवानों के साथ एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे, लेकिन वहां से इसलिए वापस आना पड़ा, क्योंकि तुर्की में जाकर 14 दिन के लिए क्वारंटीन होना पड़ता। तब तक वहां चैंपियनशिप खत्म हो जाती तो, जिससे वहां जाने का कोई फायदा नहीं था। अब इसमें किसकी लापरवाही है, यह एसोसिएशन या सरकार तय कर सकती है।
- महा राव, चीफ कोच
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सोनीपत। तुर्की में होने वाली वर्ल्ड डेफ कुश्ती चैंपियनशिप में खेलने जाने के लिए 13 पहलवानों के साथ ही कोच व अन्य स्टाफ एयरपोर्ट पर पहुंचे, लेकिन तुर्की से तभी ई-मेल आने पर पता चला कि वहां जाने पर 14 दिन तक क्वारंटीन रहना पड़ेगा, जबकि वहां जाने पर क्वारंटीन का समय पूरा होने से पहले चैंपियनशिप खत्म हो जाएगी। इससे तुर्की जाने की जगह पहलवानों को अपने घर लौटना पड़ा और इस तरह से उनका वर्ल्ड डेफ कुश्ती चैंपियनशिप में मेडल जीतने का सपना टूट गया।
तुर्की में 4 से 8 जुलाई तक वर्ल्ड डेफ कुश्ती चैंपियनशिप होनी है। इसके लिए भारत से 13 पहलवानों को जाना था, जिनमें ग्रीको रोमन व फ्री स्टाइल दोनों के पहलवान शामिल थे। इनमें हरियाणा के सात पहलवान, महाराष्ट्र से दो पहलवान, मध्य प्रदेश से एक, हिमाचल से एक, यूपी से एक, राजस्थान से एक पहलवान शामिल थे। वर्ल्ड डेफ चैंपियनशिप में वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा समेत कई पहलवान पहले भी देश के लिए मेडल जीत चुके हैं और इस बार भी कई पहलवानों से मेडल की बड़ी उम्मीद थी। इन सभी पहलवानों के साथ ही कोच व अन्य स्टाफ का वीजा व टिकट तैयार करा दिए गए थे और यह सभी वीरवार को तुर्की जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच भी गए, लेकिन इस बीच ही तुर्की से ई-मेल आया कि भारतीय पहलवान वहां आते हैं तो उनको 14 दिन के लिए क्वारंटीन रहना होगा। इस शर्त के कारण पहलवानों को तुर्की जाने की जगह एयरपोर्ट से अपने घर लौटना पड़ा।
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यह गलत किया गया, 15 दिन पहले बताना चाहिए : वीरेंद्र पहलवान
पहलवान वीरेंद्र उर्फ गूंगा का कहना है कि यह पूरी तरह से गलत किया गया है। अगर इस तरह का कोई नियम था तो उसकी 15 दिन पहले सूचना देनी चाहिए थी, जिससे यहां से पहलवान 15 दिन पहले रवाना होते और वहां 14 दिन तक क्वारंटीन रहकर चैंपियनशिप में खेल सकते। इसके लिए वीरेंद्र ने केंद्रीय खेल मंत्री को हस्तक्षेप करते हुए मदद भी मांगी।
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तुर्की में वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए सभी पहलवानों के साथ एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे, लेकिन वहां से इसलिए वापस आना पड़ा, क्योंकि तुर्की में जाकर 14 दिन के लिए क्वारंटीन होना पड़ता। तब तक वहां चैंपियनशिप खत्म हो जाती तो, जिससे वहां जाने का कोई फायदा नहीं था। अब इसमें किसकी लापरवाही है, यह एसोसिएशन या सरकार तय कर सकती है।
- महा राव, चीफ कोच