किसान आंदोलन में मदद करने वालों का सरकार पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाते हुए किसानों ने नेशनल हाईवे 44 को जाम करने की चेतावनी दी है। राई के ढाबा संचालक के कुरुक्षेत्र वाले ढाबे के आगे पत्थर के बड़े बैरिकेड लगवाए जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों व अन्य ने बैठक करके चेतावनी दी और उन बैरिकेड को हटाने के लिए प्रशासन को 2 जुलाई तक का समय दिया है। वहीं 26 जून के राजभवन पर प्रदर्शन को लेकर भी किसानों से पहुंचने की अपील की जा रही है और उसके लिए किसान गांवों में पहुंच रहे हैं।
राई में स्थित एक ढाबा के मालिक ने पिछले कई महीनों से किसान आंदोलन में मदद करनी शुरू की थी। उनके यहां से पानी के जग से लेकर दूध, आटा आदि किसान आंदोलन में पहुंचाया जा रहा है तो किसान नेताओं की बैठक व अन्य कई कार्यक्रम भी उनके ढाबे पर होते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, जगजीत सिंह दल्लेवाल, दर्शनपाल, अभिमन्यु कोहाड़, युद्धवीर सिंह का आरोप है कि किसान आंदोलन में मदद करने के कारण ही सरकार ने उनके कुरुक्षेत्र वाले ढाबे के आगे बैरिकेड लगवा दिए। जिससे कोई भी उनके ढाबे में नहीं जा सके और उनका ढाबा बंद हो जाए। इसके अलावा भी किसान आंदोलन में मदद करने वालों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। इसको लेकर ही संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों व अन्य की बैठक हुई और उसमें दो जुलाई तक ढाबे के आगे से बैरिकेड नहीं हटाने पर नेशनल हाईवे 44 को कई जगह से जाम करने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा भी आंदोलन करने के लिए कहा गया है।