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Sonipat News: आरोप... केंद्रीय विद्यालय के 373 बच्चे गर्मी में पढ़ रहे टिन शेड के नीचे
Mon, 05 May 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 05 May 2025 01:17 AM IST
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फोटो 06- सोनीपत के रेलवे रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में केंद्रीय विद्यालय में अ
- फोटो : संवाद
सोनीपत। गांव खेवड़ा स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल केंद्र के विद्यालय के 373 बच्चे इस गर्मी में टिन शेड से तैयार छत वाले छह कमरों में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। अभिभावकों का आरोप है कि पेयजल का भी अभाव है। गत शैक्षणिक सत्र में विद्यालय के 6 कमरों को छोड़कर सभी को कंडम घोषित कर दिया गया था। इसके अलावा 6 वर्ष में विद्यालय की अव्यवस्थाओं काे दूर नहीं किया गया है। विद्यालय का कार्यालय व प्राचार्य कक्ष भी खस्ताहाल भवन में चल रहा है।
विद्यालय के अभिभावक-अध्यापक संघ के बैनर तले अभिभावकों ने रेलवे रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में विद्यालय में अव्यवस्थाओं के खिलाफ रोष जताया। विद्यालय की प्रबंधन कमेटी के सदस्य संदीप चाहर, विनोद मोरवाल, संघ की उपाध्यक्ष रिंपी देवी, सचिव बृजेश कुमार व अभिभावकों ने केंद्रीय विद्यालय में बच्चों को हो रही परेशानी को उजागर किया है।
जुलाई 2019 में शुरू हुए केंद्रीय विद्यालय को 6 वर्ष से अपना भवन नहीं मिल पाया है। मानकों के अनुसार प्रायोजित प्राधिकरण सीआरपीएफ को अस्थायी तौर पर कम से कम 15 कमरों की व्यवस्था करनी थी। सीआरपीएफ ने शुरुआत में झोपड़ीनुमा टिन शेड के 17 कमरे विद्यालय को उपलब्ध करवाए थे।
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अपग्रेड होने पर भी सुधरी व्यवस्था
साल दर साल विद्यालय वर्ष 2024 में कक्षा 10वीं तक अपग्रेड हो गया। वहीं पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय के 6 कमरों को छोड़कर सभी को कंडम घोषित कर दिया गया था। छात्रों को स्कूल न आने का फरमान देने से उन्हें कई माह तक ऑनलाइन कक्षा से पढ़ाई करनी पड़ी। अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से बच्चों को विद्यालय में बुलाने की बात कहीं तो अक्तूबर 2024 से विद्यालय में दो चरण पहली से पांचवीं को सुबह व छठी से 10वीं को शाम की शिफ्ट में बुलाने की व्यवस्था की गई।
नए भवन के लिए 6 वर्ष बाद भी टेंडर प्रक्रिया अधूरी
अभिभावक संघ ने 5 अप्रैल को सीआरपीएफ के डीआईजी व प्राचार्य से मिलकर अव्यवस्था से अवगत कराया था। सीआरपीएफ के कमांडेंट डीआईजी कोमल, अधिकारियों व संघ के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई। 25 अप्रैल को मांगों के बारे में कमिश्नर के नाम प्राचार्य व सीआरपीएफ के डीआईजी जीसी को प्रस्ताव दिया गया, लेकिन आज तक समाधान शुरू नहीं कराया गया है। सीबीएसई की ओर से विद्यालय को संबंधन (एफिलिएशन) दिया गया। इसका किसी भी सक्षम अधिकारी ने पालन नहीं किया। 6 वर्ष बाद भी विद्यालय के नए भवन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
प्रयोगशाला और पेयजल की भी नहीं सुविधा
विद्यालय में पुस्तकालय, कंप्यूटर व विज्ञान प्रयोगशाला न होने से कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अग्निशामक प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) नहीं है। वर्तमान 6 कमरों का सुरक्षा प्रमाण पत्र भी सितंबर में खत्म हो रहा है। यहां लगभग 80 लीटर की क्षमता वाला एक ही वाटर कूलर है, जिसके फिल्टर की क्षमता बहुत कम है। ऐसे में पेयजल का अभाव है। डीआईजी ने बैठक में 2-3 अतिरिक्त वाटर कूलर उपलब्ध करने का वादा किया था, लेकिन स्थिति जस की तस है।
अभिभावकाें की मांग
मानकों के अनुसार विद्यालय में 15 कमरे बनवाए जाए। सुरक्षा प्रमाण पत्र के साथ फायर एनओसी उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी सुरक्षित माहौल में शिक्षा ग्रहण कर सकें। विद्यालय को इस अवस्था में पहुंचाने वाले अधिकारियों की जांच के लिए स्वतंत्र जांच कमेटी गठित हो। उन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
केंद्रीय विद्यालय में अभिभावक-अध्यापक संघ की ओर से लगाए गए आरोपों पर उच्च अधिकारी ही पक्ष दे सकते हैं। -विजेश कुमार, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय, खेवड़ा।
मैं फिलहाल बाहर हूं और बात करने में असमर्थ हूं। इस बारे में सोमवार को बात कर सकता हूं । -कोमल सिंह, चेयरमैन, केंद्रीय विद्यालय प्रबंधक कमेटी, खेवड़ा।
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विद्यालय के अभिभावक-अध्यापक संघ के बैनर तले अभिभावकों ने रेलवे रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में विद्यालय में अव्यवस्थाओं के खिलाफ रोष जताया। विद्यालय की प्रबंधन कमेटी के सदस्य संदीप चाहर, विनोद मोरवाल, संघ की उपाध्यक्ष रिंपी देवी, सचिव बृजेश कुमार व अभिभावकों ने केंद्रीय विद्यालय में बच्चों को हो रही परेशानी को उजागर किया है।
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जुलाई 2019 में शुरू हुए केंद्रीय विद्यालय को 6 वर्ष से अपना भवन नहीं मिल पाया है। मानकों के अनुसार प्रायोजित प्राधिकरण सीआरपीएफ को अस्थायी तौर पर कम से कम 15 कमरों की व्यवस्था करनी थी। सीआरपीएफ ने शुरुआत में झोपड़ीनुमा टिन शेड के 17 कमरे विद्यालय को उपलब्ध करवाए थे।
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अपग्रेड होने पर भी सुधरी व्यवस्था
साल दर साल विद्यालय वर्ष 2024 में कक्षा 10वीं तक अपग्रेड हो गया। वहीं पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय के 6 कमरों को छोड़कर सभी को कंडम घोषित कर दिया गया था। छात्रों को स्कूल न आने का फरमान देने से उन्हें कई माह तक ऑनलाइन कक्षा से पढ़ाई करनी पड़ी। अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से बच्चों को विद्यालय में बुलाने की बात कहीं तो अक्तूबर 2024 से विद्यालय में दो चरण पहली से पांचवीं को सुबह व छठी से 10वीं को शाम की शिफ्ट में बुलाने की व्यवस्था की गई।
नए भवन के लिए 6 वर्ष बाद भी टेंडर प्रक्रिया अधूरी
अभिभावक संघ ने 5 अप्रैल को सीआरपीएफ के डीआईजी व प्राचार्य से मिलकर अव्यवस्था से अवगत कराया था। सीआरपीएफ के कमांडेंट डीआईजी कोमल, अधिकारियों व संघ के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई। 25 अप्रैल को मांगों के बारे में कमिश्नर के नाम प्राचार्य व सीआरपीएफ के डीआईजी जीसी को प्रस्ताव दिया गया, लेकिन आज तक समाधान शुरू नहीं कराया गया है। सीबीएसई की ओर से विद्यालय को संबंधन (एफिलिएशन) दिया गया। इसका किसी भी सक्षम अधिकारी ने पालन नहीं किया। 6 वर्ष बाद भी विद्यालय के नए भवन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
प्रयोगशाला और पेयजल की भी नहीं सुविधा
विद्यालय में पुस्तकालय, कंप्यूटर व विज्ञान प्रयोगशाला न होने से कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अग्निशामक प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) नहीं है। वर्तमान 6 कमरों का सुरक्षा प्रमाण पत्र भी सितंबर में खत्म हो रहा है। यहां लगभग 80 लीटर की क्षमता वाला एक ही वाटर कूलर है, जिसके फिल्टर की क्षमता बहुत कम है। ऐसे में पेयजल का अभाव है। डीआईजी ने बैठक में 2-3 अतिरिक्त वाटर कूलर उपलब्ध करने का वादा किया था, लेकिन स्थिति जस की तस है।
अभिभावकाें की मांग
मानकों के अनुसार विद्यालय में 15 कमरे बनवाए जाए। सुरक्षा प्रमाण पत्र के साथ फायर एनओसी उपलब्ध कराई जाए, ताकि विद्यार्थी सुरक्षित माहौल में शिक्षा ग्रहण कर सकें। विद्यालय को इस अवस्था में पहुंचाने वाले अधिकारियों की जांच के लिए स्वतंत्र जांच कमेटी गठित हो। उन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
केंद्रीय विद्यालय में अभिभावक-अध्यापक संघ की ओर से लगाए गए आरोपों पर उच्च अधिकारी ही पक्ष दे सकते हैं। -विजेश कुमार, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय, खेवड़ा।
मैं फिलहाल बाहर हूं और बात करने में असमर्थ हूं। इस बारे में सोमवार को बात कर सकता हूं । -कोमल सिंह, चेयरमैन, केंद्रीय विद्यालय प्रबंधक कमेटी, खेवड़ा।

फोटो 06- सोनीपत के रेलवे रोड स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में केंद्रीय विद्यालय में अ- फोटो : संवाद