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Sonipat News: गन्ना किसानों का धरना जारी, सर्किलवार रात को धरने की जिम्मेदारी संभालें
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-मिल चालू करने की तारीख घोषित करने और गन्ने की पेराई के बाद शेष फसल सोनीपत में ही लेने की मांग
फोटो 13: सोनीपत के कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल के गेट पर चल रहे धरने पर उपस्थित गन्ना किसान। स्रोत: यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल के गेट पर गन्ना किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अब प्रतिदिन एक सर्किल के किसान रात को धरने पर डटे रहेंगे, उनके साथ भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी नियमित रूप से साथ रहेंगे। दिन में सभी सर्किलों के किसान पहुंचकर अपनी हाजिरी लगाएंगे।
भाकियू के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पहल ने आरोप लगाया कि मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं है, जिससे किसानों में रोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मिल के टेंडर की बात सामने आ रही है, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने धरनास्थल पर पहुंचकर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
किसानों की प्रमुख मांग मिल संचालन की निश्चित तारीख घोषित करने की है। उनका कहना है कि मिल की क्षमता से अधिक गन्ने को अन्यत्र भेजने का एकतरफा फैसला मिल प्रशासन न ले। किसानों का अनुबंध सोनीपत शुगर मिल के साथ है, इसलिए उनका पूरा गन्ना यहीं खपाया जाना चाहिए। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 29 अक्टूबर को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की कोठी का घेराव किया जाएगा। इस दौरान मनोज छिकारा, मंदीप बड़वासनी, राजेंद्र कोहला और बिजेंद्र आंतिल समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
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फोटो 13: सोनीपत के कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल के गेट पर चल रहे धरने पर उपस्थित गन्ना किसान। स्रोत: यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। कामी रोड स्थित सहकारी चीनी मिल के गेट पर गन्ना किसानों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अब प्रतिदिन एक सर्किल के किसान रात को धरने पर डटे रहेंगे, उनके साथ भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी नियमित रूप से साथ रहेंगे। दिन में सभी सर्किलों के किसान पहुंचकर अपनी हाजिरी लगाएंगे।
भाकियू के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पहल ने आरोप लगाया कि मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं है, जिससे किसानों में रोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मिल के टेंडर की बात सामने आ रही है, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने धरनास्थल पर पहुंचकर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
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किसानों की प्रमुख मांग मिल संचालन की निश्चित तारीख घोषित करने की है। उनका कहना है कि मिल की क्षमता से अधिक गन्ने को अन्यत्र भेजने का एकतरफा फैसला मिल प्रशासन न ले। किसानों का अनुबंध सोनीपत शुगर मिल के साथ है, इसलिए उनका पूरा गन्ना यहीं खपाया जाना चाहिए। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 29 अक्टूबर को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की कोठी का घेराव किया जाएगा। इस दौरान मनोज छिकारा, मंदीप बड़वासनी, राजेंद्र कोहला और बिजेंद्र आंतिल समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
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