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गन्ने का भुगतान नहीं करने पर किसानों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 10 Jan 2016 12:11 AM IST
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आहुलाना गांव स्थित चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल द्वारा गन्ने का भुगतान नहीं किए जाने पर शनिवार को किसानों ने मिल में प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि घर चलाने के लिए मजबूरन साहूकार से मोटी ब्याज दर पर पैसे उठाने पड़ रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। किसानों ने शनिवार को भाकियू के बैनर तले मिल में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन के रोहतक मंडल अध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने किया। उन्होंने मिल कर्मचारियों को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा है।
सत्यवान नरवाल ने कहा कि 2 दिसंबर को चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू हुआ था। किसान मिल में अब तक 20-25 करोड़ रुपए का गन्ना डाल चुके हैं। कायदे के अनुसार 14 दिन में किसानों के गन्ने की पेमेंट की जानी चाहिए, जो कि अब तक नहीं हुई है। पेमेंट न होने पर किसानों को अपना घर चलाने के लिए और गेहूं की फसल के खर्च के लिए साहूकार से भारी ब्याज दर पर पैसे उठाने पड़ रहे हैं और चीनी मिल प्रशासन किसानों के पैसे पर कुंडली मारे बैठा है। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों को धान की फसल के भी पर्याप्त भाव न मिलने से उनके पास फूटी कौड़ी भी नहीं है और ऊपर से मिल द्वारा पेमेंट न करने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। सरकार खुद तो किसानों की गन्ने की समय पर पेमेंट नहीं कर रही है और दूसरी तरफ उन्हीं की जमीन की नीलामी के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा महम रोड से बरोदा रोड बाईपास पर इतने गहरे गड्ढे बने हैं कि इनसे कभी भी ट्राली पलट सकती है। इसे जल्द ठीक कराया जाए। वहीं बिजली के ट्यूबवेल कनेक्शन लेने के लिए 20 हजार से बढ़ाकर 1.30 लाख कर दिए गए हैं। इस कीमत को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने सहित किसानों की सभी मांगों पर भाकियू द्वारा 26 फरवरी को कैथल में आयोजित होने वाली किसान रैली में गहन मंथन किया जाएगा। इसी रैली में सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तर पर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर कृष्ण मलिक, अशोक मुंडलाना, सुनील, प्रदीप, प्रकाश, जसबीर सिंह, राजेंद्र, बालकिशन, कुलदीप, कैलाश, सुरेंद्र व विकास आदि उपस्थित थे।
क्या कहते हैं अधिकारी
गन्ना लेखाकार कृष्ण भाटिया ने बताया कि दिसंबर माह में मिल में 7 लाख क्विंटल गन्ना आया है। जिसका किसानों को 20 करोड़ रुपये दिया जाना है। बजट की कमी से पेमेंट नहीं दिया जा रहा है। जब भी बजट आएगा, उसी समय किसानों को भुगतान किया जाएगा।
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सत्यवान नरवाल ने कहा कि 2 दिसंबर को चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू हुआ था। किसान मिल में अब तक 20-25 करोड़ रुपए का गन्ना डाल चुके हैं। कायदे के अनुसार 14 दिन में किसानों के गन्ने की पेमेंट की जानी चाहिए, जो कि अब तक नहीं हुई है। पेमेंट न होने पर किसानों को अपना घर चलाने के लिए और गेहूं की फसल के खर्च के लिए साहूकार से भारी ब्याज दर पर पैसे उठाने पड़ रहे हैं और चीनी मिल प्रशासन किसानों के पैसे पर कुंडली मारे बैठा है। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों को धान की फसल के भी पर्याप्त भाव न मिलने से उनके पास फूटी कौड़ी भी नहीं है और ऊपर से मिल द्वारा पेमेंट न करने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। सरकार खुद तो किसानों की गन्ने की समय पर पेमेंट नहीं कर रही है और दूसरी तरफ उन्हीं की जमीन की नीलामी के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा महम रोड से बरोदा रोड बाईपास पर इतने गहरे गड्ढे बने हैं कि इनसे कभी भी ट्राली पलट सकती है। इसे जल्द ठीक कराया जाए। वहीं बिजली के ट्यूबवेल कनेक्शन लेने के लिए 20 हजार से बढ़ाकर 1.30 लाख कर दिए गए हैं। इस कीमत को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने सहित किसानों की सभी मांगों पर भाकियू द्वारा 26 फरवरी को कैथल में आयोजित होने वाली किसान रैली में गहन मंथन किया जाएगा। इसी रैली में सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तर पर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर कृष्ण मलिक, अशोक मुंडलाना, सुनील, प्रदीप, प्रकाश, जसबीर सिंह, राजेंद्र, बालकिशन, कुलदीप, कैलाश, सुरेंद्र व विकास आदि उपस्थित थे।
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क्या कहते हैं अधिकारी
गन्ना लेखाकार कृष्ण भाटिया ने बताया कि दिसंबर माह में मिल में 7 लाख क्विंटल गन्ना आया है। जिसका किसानों को 20 करोड़ रुपये दिया जाना है। बजट की कमी से पेमेंट नहीं दिया जा रहा है। जब भी बजट आएगा, उसी समय किसानों को भुगतान किया जाएगा।
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