{"_id":"915c640f5d55518395f20d3cadf8e4bb","slug":"agriculture-hindi-news-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो माइनरों की पटरी टूटी, 74 एकड़ में गेहूं की फसल डूबी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो माइनरों की पटरी टूटी, 74 एकड़ में गेहूं की फसल डूबी
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 26 Nov 2015 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्र के गांव ढुराना और गांव मुंडलाना में दो अलग-अलग माइनरों की पटरी टूट गई। ढुराना में जवाहरा माइनर और मुंडलाना में सिवानका माइनर की पटरी टूटी है। गांव ढुराना में 14 एकड़ और गांव मुडंलाना में लगभग 60 एकड़ में गेहूं की फसल पानी में डूब गई। गेहूं की फसल पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान होने की संभावना बन गई है। किसानों और सिंचाई विभाग ने पटरी को ठीक करने का प्रयास शुरू कर दिया है। जवाहरा माइनर में एक दिन पहले नहरी पानी की सप्लाई छोड़ी गई थी। माइनर में पानी ओवरफ्लो होने से गांव ढुराना के खेतों में पटरी टूट गई। इससे गांव ढुराना के किसान बिजेंद्र पुत्र रामशरण, दलीप सिंह, महावीर सिंह, जगबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, नरेश कुमार व रामफल के खेतों में पानी भर गया। इन किसानों ने धान की फसल की कटाई के बाद कुछ ही दिन पहले अपने-अपने खेतों में गेहूं की फसल की बिजाई की थी। लगभग 14 एकड़ में गेहूं की फसल पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि अब गेहूं की फसल गल जाएगी, जिससे उन्हें काफी नुकसान होगा। दोबारा बिजाई करने में भी फसल पिछड़ जाएगी। किसानों ने स्वयं ही मिट्टी के कट्टे भर कर माइनर की टूटी पटरी को ठीक किया।
दूसरी तरफ गांव मुंडलाना में सिवानका माइनर की पटरी टूट गई। पटरी टूटने से किसान सत्यवान, अजमेर, राजबीर, सुरेश, जसमेर, सुभाष, शीलकराम, नरेश के अलावा अन्य किसानों के खेतों में पानी भर गया। किसानों ने कुछ ही दिन पहले अपने खेतों में गेहूं की फसल की बिजाई की थी। गांव मुंडलाना में लगभग 60 एकड़ में पानी भरने से गेहूं की फसल खराब होने की संभावना बन गई है। किसानों ने बताया कि माइनर की समय पर सफाई नहीं करवाई गई। माइनर में पानी ओवर लो होने से पटरी का कटाव हुआ जिससे पटरी टूट गई। किसानों का कहना है कि अब दोबारा भी गेहूं की फसल की बिजाई नहीं कर पाएंगे। किसानों ने सरकार से गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की।
क्या बोले अधिकारी
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता परमजीत सिहाग ने कहा कि दोनों ही माइनर पानीपत डिवीजन के अंडर में आती हैं। वहां के अधिकारी ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरी तरफ गांव मुंडलाना में सिवानका माइनर की पटरी टूट गई। पटरी टूटने से किसान सत्यवान, अजमेर, राजबीर, सुरेश, जसमेर, सुभाष, शीलकराम, नरेश के अलावा अन्य किसानों के खेतों में पानी भर गया। किसानों ने कुछ ही दिन पहले अपने खेतों में गेहूं की फसल की बिजाई की थी। गांव मुंडलाना में लगभग 60 एकड़ में पानी भरने से गेहूं की फसल खराब होने की संभावना बन गई है। किसानों ने बताया कि माइनर की समय पर सफाई नहीं करवाई गई। माइनर में पानी ओवर लो होने से पटरी का कटाव हुआ जिससे पटरी टूट गई। किसानों का कहना है कि अब दोबारा भी गेहूं की फसल की बिजाई नहीं कर पाएंगे। किसानों ने सरकार से गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
क्या बोले अधिकारी
सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता परमजीत सिहाग ने कहा कि दोनों ही माइनर पानीपत डिवीजन के अंडर में आती हैं। वहां के अधिकारी ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं।
विज्ञापन