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Sonipat News: 505 किसानों की 687 एकड़ भूमि का सत्यापन करेगा कृषि विभाग
Fri, 03 Jan 2025 07:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 03 Jan 2025 07:28 PM IST
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सोनीपत। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि विभाग प्राकृतिक खेती परियोजना को बढ़ावा देने के लिए पंजीकृत किसानों की भूमि का सत्यापन (वेरिफिकेशन) करवाएगा। विभाग ने 10 जनवरी तक भूमि के सत्यापन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है, ताकि किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
डॉ. पवन शर्मा शुक्रवार को गोहाना रोड स्थित अपने कार्यालय में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 जनवरी तक प्राकृतिक खेती परियोजना के तहत पंजीकृत 505 किसानों की 687 एकड़ भूमि का सत्यापन करवाया जाए। सत्यापन के तहत पता लगाया जाएगा कि संबंधित किसान वास्तव में प्राकृतिक खेती कर रहा है या नहीं। किसान के पास प्राकृतिक खेती करने के कौन-कौन से साधन उपलब्ध हैं। वह किस पद्धति को अपनाकर प्राकृतिक खेती कर रहा है। साथ ही किसान कौन-सी फसल उगा रहा है। उनके घर देशी गाय है या नहीं, इसकी जांच भी सत्यापन के दौरान की जाएगी। ब्लाॅक स्तर पर सत्यापन के लिए टीमों का गठन कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके अलावा प्राकृतिक खेती के प्रति अन्य किसानों को जोड़ने के लिए ब्लाॅक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। परियोजना के तहत जिला में करीब 800 किसानों का पंजीकरण पोर्टल पर हो चुका है। परियोजना के तहत जिला स्तर पर प्रशिक्षण शिविर लगाने के अलावा किसानों को कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न जिलों का भ्रमण करवाया जाएगा।
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डॉ. पवन शर्मा शुक्रवार को गोहाना रोड स्थित अपने कार्यालय में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 जनवरी तक प्राकृतिक खेती परियोजना के तहत पंजीकृत 505 किसानों की 687 एकड़ भूमि का सत्यापन करवाया जाए। सत्यापन के तहत पता लगाया जाएगा कि संबंधित किसान वास्तव में प्राकृतिक खेती कर रहा है या नहीं। किसान के पास प्राकृतिक खेती करने के कौन-कौन से साधन उपलब्ध हैं। वह किस पद्धति को अपनाकर प्राकृतिक खेती कर रहा है। साथ ही किसान कौन-सी फसल उगा रहा है। उनके घर देशी गाय है या नहीं, इसकी जांच भी सत्यापन के दौरान की जाएगी। ब्लाॅक स्तर पर सत्यापन के लिए टीमों का गठन कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके अलावा प्राकृतिक खेती के प्रति अन्य किसानों को जोड़ने के लिए ब्लाॅक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। परियोजना के तहत जिला में करीब 800 किसानों का पंजीकरण पोर्टल पर हो चुका है। परियोजना के तहत जिला स्तर पर प्रशिक्षण शिविर लगाने के अलावा किसानों को कुरुक्षेत्र सहित विभिन्न जिलों का भ्रमण करवाया जाएगा।
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