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Sonipat News: कृषि विभाग ने बीज की जांच के लिए 44 नमूने भरे
Thu, 02 May 2024 11:18 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 02 May 2024 11:18 PM IST
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सोनीपत में बीज की दुकान के अंदर नमूने लेती कृषि विभाग की टीम। संवाद
सोनीपत। खरीफ सीजन में किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने पहल शुरू कर दी है। इसके लिए खाद, बीज व दवा विक्रेताओं की दुकानों पर छापा डाला जा रहा है। विभाग की टीम ने सोनीपत व गोहाना में 44 नमूने लिए हैं। अब इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। लैब से रिपोर्ट आने के बाद अगर कोई नमूना फेल होता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रबी सीजन की फसल की कटाई व कढ़ाई का काम अंतिम चरण में हैं। किसान अब खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई व रोपाई की प्रक्रिया में जुट गए हैं। मौजूदा समय में किसान ज्वार व कपास आदि की बिजाई करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में बीज की मांग बढ़ गई है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग प्रयासरत हैं। इसके चलते विभाग की तरफ से बीज विक्रेताओं पर छापा डालकर बीजों के नमूने लिए जा रहे हैं। इसके लिए दो टीम बनाई गई हैं। सोनीपत में खरीफ सीजन के दौरान 90 हजार हैक्टेयर भूमि में धान की रोपाई व बिजाई की जाती है। करीब 10 हजार हैक्टेयर भूमि में ज्वार की फसल उगाई जाती है, जबकि पांच से छह हजार हैक्टेयर भूमि में कपास उगाया जाता है।
माह के मध्य में धान की पौध तैयार कर सकते हैं किसान
किसान ज्वार और कपास की बिजाई करने में जुटे हैं। धान की पौध 15 मई के बाद तैयार की जा सकती है। किसान 15 जून के बाद ही अपने खेतों में धान की रोपाई व बिजाई कर सकते हैं। इससे पहले धान की रोपाई व बिजाई पर प्रतिबंध है।
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वर्जन
खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के लिए विक्रेताओं की दुकानों पर जाकर नमूने लिए जा रहे हैं। सोनीपत व गोहाना में बीज के 44 नमूने लिए गए हैं। नमूनों को जांच के लिए लैब में भेजकर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। निम्न गुणवत्ता का बीज नहीं बेचने दिया जाएगा।
- डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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रबी सीजन की फसल की कटाई व कढ़ाई का काम अंतिम चरण में हैं। किसान अब खरीफ सीजन की फसलों की बिजाई व रोपाई की प्रक्रिया में जुट गए हैं। मौजूदा समय में किसान ज्वार व कपास आदि की बिजाई करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में बीज की मांग बढ़ गई है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग प्रयासरत हैं। इसके चलते विभाग की तरफ से बीज विक्रेताओं पर छापा डालकर बीजों के नमूने लिए जा रहे हैं। इसके लिए दो टीम बनाई गई हैं। सोनीपत में खरीफ सीजन के दौरान 90 हजार हैक्टेयर भूमि में धान की रोपाई व बिजाई की जाती है। करीब 10 हजार हैक्टेयर भूमि में ज्वार की फसल उगाई जाती है, जबकि पांच से छह हजार हैक्टेयर भूमि में कपास उगाया जाता है।
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माह के मध्य में धान की पौध तैयार कर सकते हैं किसान
किसान ज्वार और कपास की बिजाई करने में जुटे हैं। धान की पौध 15 मई के बाद तैयार की जा सकती है। किसान 15 जून के बाद ही अपने खेतों में धान की रोपाई व बिजाई कर सकते हैं। इससे पहले धान की रोपाई व बिजाई पर प्रतिबंध है।
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वर्जन
खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है। किसानों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के लिए विक्रेताओं की दुकानों पर जाकर नमूने लिए जा रहे हैं। सोनीपत व गोहाना में बीज के 44 नमूने लिए गए हैं। नमूनों को जांच के लिए लैब में भेजकर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। निम्न गुणवत्ता का बीज नहीं बेचने दिया जाएगा।
- डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत