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Sonipat News: अधिवक्ताओं को किया एनसीआरबी व बीएनएस एप के बारे में जागरूक
Fri, 27 Dec 2024 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 27 Dec 2024 12:25 AM IST
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फोटो :28: सोनीपत जिला बार एसोसिएशन की तरफ से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ता। स्
सोनीपत। जिला बार एसोसिएशन की तरफ से कार्यक्रम आयोजित कर अधिवक्ताओं को एनसीआरबी व बीएनएस एप के बारे में जानकारी दी थी। जिसमें जिला अटॉर्नी, सहायक जिला अटॉर्नी व जिला बार एसोसिएशन प्रधान समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
जिला अटार्नी (डीए) सुरेश कुमार खत्री ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) को एक डेटा-समृद्ध प्लेटफॉर्म है। यह आपराधिक न्याय प्रणाली के हितधारकों की मदद करता है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) लागू हो चुकी है। अब नए कानून के तहत आपराधिक मामलों में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। नए कानून में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को मृत्युदंड तक का प्रावधान है।
बार एसोसिएशन प्रधान अनिल ढुल ने कहा कि एनसीआरबी ने नए कानूनों के संबंध में मोबाइल एप ''एनसीआरबी संकलन ऑफ न्यू क्रिमिनल लॉ'' लांच किया जा चुका है। यह गूगल प्ले स्टोर और एप्पल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। यह एप सभी के लिए उपयोगी है। यह नए कानूनों के सभी अध्यायों और धाराओं को जोडऩे वाला एक सूचकांक प्रदान करता है। इसे ऑफलाइन मोड में भी चलाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में पीड़ित शब्द को भी परिभाषित किया गया है। पुराने कानून में केवल पीड़ित उसी को माना जाता था जिसके साथ घटना हुई हो। अब नए कानून में जिसके साथ घटना हुई है वह व्यक्ति, उसका परिवार या मां-बाप भी पीड़ित माने जाएंगे। एफआईआर इनमें से किसी की भी तरफ से दर्ज कराई जा सकती है।
अधिवक्ता आशीष वत्स ने कहा कि नए कानून के तहत मोबाइल को एक तरह से मान्यता दे दी गई है। मोबाइल से की गई वीडियोग्राफी को कानून व्यवस्था में शामिल कर लिया है। इसके अलावा अब गिरफ्तारी के समय आरोपी के रिश्तेदार का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद सीधे आरोपी के रिश्तेदार के नंबर पर गिरफ्तारी का संदेश भेजा जा सकेगा। अदालत में भी उसे बताना होगा कि मुकदमे में क्या-क्या इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं। साथ ही अगर पीड़ित ऐसी परिस्थिति में है कि वह थाने नहीं पहुंच पा रहा है तो व्हाट्सएप, टेलीग्राम व मेल के जरिए भी शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करा सकता है। इस दौरान एडीए शिव कुमार अहलावत, भूवेश मलिक, प्रदीप बूरा, अंकुश मलिक, पराग, जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष गौरव आंतिल, यूविका, प्रदीप कुमार, अनिल रंगा, नेहा त्यागी, अंकित त्यागी, मनीष, पवन रंगा, राजेश डागर, रचना, राकेश चौहान आदि मौजूद रहे।
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जिला अटार्नी (डीए) सुरेश कुमार खत्री ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) को एक डेटा-समृद्ध प्लेटफॉर्म है। यह आपराधिक न्याय प्रणाली के हितधारकों की मदद करता है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) लागू हो चुकी है। अब नए कानून के तहत आपराधिक मामलों में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। नए कानून में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को मृत्युदंड तक का प्रावधान है।
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बार एसोसिएशन प्रधान अनिल ढुल ने कहा कि एनसीआरबी ने नए कानूनों के संबंध में मोबाइल एप ''एनसीआरबी संकलन ऑफ न्यू क्रिमिनल लॉ'' लांच किया जा चुका है। यह गूगल प्ले स्टोर और एप्पल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। यह एप सभी के लिए उपयोगी है। यह नए कानूनों के सभी अध्यायों और धाराओं को जोडऩे वाला एक सूचकांक प्रदान करता है। इसे ऑफलाइन मोड में भी चलाया जा सकता है।
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उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में पीड़ित शब्द को भी परिभाषित किया गया है। पुराने कानून में केवल पीड़ित उसी को माना जाता था जिसके साथ घटना हुई हो। अब नए कानून में जिसके साथ घटना हुई है वह व्यक्ति, उसका परिवार या मां-बाप भी पीड़ित माने जाएंगे। एफआईआर इनमें से किसी की भी तरफ से दर्ज कराई जा सकती है।
अधिवक्ता आशीष वत्स ने कहा कि नए कानून के तहत मोबाइल को एक तरह से मान्यता दे दी गई है। मोबाइल से की गई वीडियोग्राफी को कानून व्यवस्था में शामिल कर लिया है। इसके अलावा अब गिरफ्तारी के समय आरोपी के रिश्तेदार का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद सीधे आरोपी के रिश्तेदार के नंबर पर गिरफ्तारी का संदेश भेजा जा सकेगा। अदालत में भी उसे बताना होगा कि मुकदमे में क्या-क्या इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं। साथ ही अगर पीड़ित ऐसी परिस्थिति में है कि वह थाने नहीं पहुंच पा रहा है तो व्हाट्सएप, टेलीग्राम व मेल के जरिए भी शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज करा सकता है। इस दौरान एडीए शिव कुमार अहलावत, भूवेश मलिक, प्रदीप बूरा, अंकुश मलिक, पराग, जिला बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष गौरव आंतिल, यूविका, प्रदीप कुमार, अनिल रंगा, नेहा त्यागी, अंकित त्यागी, मनीष, पवन रंगा, राजेश डागर, रचना, राकेश चौहान आदि मौजूद रहे।