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Sonipat News: तीन लोगों को गोली मारकर लूट के आरोपी को एक साल बाद मिली जमानत
Tue, 18 Nov 2025 01:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 18 Nov 2025 01:25 AM IST
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सोनीपत। कुंडली थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप पर तीन लोगों को गोली मारकर लूटने के एक साल पुराने मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सरताज बसवाना की अदालत ने बचाव पक्ष एवं शासकीय अधिवक्ता के तर्क सुनने के बाद आरोपी की जमानत मंजूर करने का आदेश दिया। घटना में घायल हुए तीन लोग कोर्ट में दी गई गवाही में बयान से मुकर गए, जिसका फायदा आरोपी को मिला। दो सह आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
कुंडली में पेट्रोल पंप पर लूट की घटना 28 अक्तूबर 2024 को हुई थी। सेल्समैन कुलदीप ने थाने में शिकायत दी थी कि वह अन्य कर्मचारियों के साथ दिन में एकत्रित की गई नकदी की गिनती कर रहे थे। रात 9 बजे चार लड़के उनके कार्यालय में घुस गए। दो लड़कों के पास हथियार थे। उन्होंने नकदी मांगते हुए गोलियां चलाईं।
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आरोपियों ने पूरी नकदी लूट ली। उन्होंने प्रदीप के सीने, संजीव के पैर में गोली मार दी। तेल भरवा रहे एक ट्रक चालक को भी गोली मार दी। उसके बाद चारों आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर राई की ओर भाग गए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दो आरोपियों अवनींद्र सिंह और सूरज कुमार शाह को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
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एक साल से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद जय प्रकाश उर्फ जेपी निवासी ग्राम पहाड़पुर, पुलिस स्टेशन साहिबगंज, मुज्जफरपुर, बिहार की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं है। घायलों एवं वादी ने पुलिस में दिए अपने बयान का कोर्ट में समर्थन नहीं किया है।
सभी ने बयान बदले हैं। शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। शिकायतकर्ता-कुलदीप, राम किशोर, धीरेंद्र और घायल संजीव ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया जिसका फायदा आरोपी को मिला। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार करने का आदेश दिया।
आरोपी को एक लाख रुपये के बांड और समान राशि के एक जमानती को प्रस्तुत करने पर जमानत दी जाएगी। बशर्ते वह इस प्रकार के अपराध की पुनरावृत्ति नहीं करेगा। अभियोजन पक्ष के गवाहों से किसी भी तरह से संपर्क या उन्हें प्रभावित नहीं करेगा या मुकदमे में बाधा नहीं डालेगा।