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Sonipat News: मणिपुर हिंसा के विरोध में सड़क पर उतरी आप
Wed, 26 Jul 2023 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 26 Jul 2023 12:58 AM IST
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फोटो :24: मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई बर्बरता को लेकर रोष आम आदमी पार्टी की नेता व सदस्य।
सोनीपत। मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई बर्बरता के विरोध में आम आदमी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता मंगलवार को सड़क पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
आप के नेता और कार्यकर्ता सुभाष स्टेडियम के पास एकत्रित हुए और जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां पर सांकेतिक धरना देनेकके बाद सीटीएम डॉ. अनमोल को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। आप ने मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि मणिपुर सरकार हिंसा को रोकने में नाकाम रही है। ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं। सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व आपके वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा, प्रदेश प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर, राष्ट्रीय सह सचिव निर्मल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर सैनी, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रजनीश जैन ने किया।
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ढांडा ने कहा कि मणिपुर तीन महीने से नफरत की आग में जल रहा है। महिलाओं के साथ हुई बर्बता से पूरा देश शर्मसार हुआ है। महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरा देश एकजुट है, लेकिन प्रधानमंत्री एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। जब आप के सांसद संजय सिंह ने चर्चा करनी चाही तो उन्हें पूरे सत्र के लिए संसद से बर्खास्त कर दिया गया। यह सरकार की तानाशाही है। उन्होंने संजय सिंह का निलंबन वापस करने और मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह कह रहे हैं कि ऐसी कई घटनाएं मणिपुर में हुई हैं। सरकार हिंसक घटनाओं को रोकने में नाकाम है। सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि मणिपुर के पहाड़ी इलाके में खनिज पदार्थ होने की वजह से बड़े-बड़े औद्योगिक घराने उनको बेदखल करना चाहते हैं। यदि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समय पर कार्रवाई करते तो मणिपुर के यह हालात नहीं होते। उन्होंने कहा कि सोनीपत के अगवानपुर में हुई हत्याओं के मामले में पुलिस ही मीडिया को दबाने में लगी है। मीडिया को कहा जा रहा है कि कवरेज करने की कोशिश की तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा अपराधियों को बचा रही है। चौधरी निर्मल सिंह ने कहा कि मणिपुर में दो समुदायों के बीच छिड़ी लड़ाई ने पूरे प्रदेश को सुलगा रखा है। प्रधानमंत्री कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
इस दौरान लोकसभा प्रभारी देवेंद्र गौतम, शहरी जिला अध्यक्ष राजेश सरोहा, ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र छिक्कारा, महिला जिला अध्यक्ष सारिका कालरा, मास्टर सत्यनारायण आंतिल, मनोज लाकड़ा, एडवोकेट सुरेश मलिक, रतनलाल ठेकेदार, मोना सिवाच, सरोजबाला राठी, बिजेंद्र खेड़ी, नवीन गौड़, प्रदीप लठवाल, नकीन मेहरा, विमल किशोर, ईश्वर दहिया, सोनू मलिक, दीपक चुघ आदि मौजूद रहे।
बेरिकेड हटाकर गए अंदर
प्रशासन ने लघु सचिवालय के बाहर ही रोष प्रदर्शन व ज्ञापन लेने के लिए स्थान निश्चित किया है। ऐसे में आप नेता व कार्यकर्ता जब लघु सचिवालय पहुंचे तो वहां अंदर जाने से रोकने के लिए बेरिकेड लगाए गए थे। उन्हें निर्धारित स्थान पर ही ज्ञापन देने के लिए कहा गया। इस पर आप कार्यकर्ता बेरिकेड हटाकर लघु सचिवालय में पहुंचे और सीटीएम को ज्ञापन दिया।
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आप के नेता और कार्यकर्ता सुभाष स्टेडियम के पास एकत्रित हुए और जुलूस निकालकर लघु सचिवालय पहुंचे। वहां पर सांकेतिक धरना देनेकके बाद सीटीएम डॉ. अनमोल को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। आप ने मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि मणिपुर सरकार हिंसा को रोकने में नाकाम रही है। ऐसी सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं। सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
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प्रदर्शन का नेतृत्व आपके वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा, प्रदेश प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर, राष्ट्रीय सह सचिव निर्मल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष बलबीर सैनी, महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रजनीश जैन ने किया।
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ढांडा ने कहा कि मणिपुर तीन महीने से नफरत की आग में जल रहा है। महिलाओं के साथ हुई बर्बता से पूरा देश शर्मसार हुआ है। महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए पूरा देश एकजुट है, लेकिन प्रधानमंत्री एक शब्द नहीं बोल रहे हैं। जब आप के सांसद संजय सिंह ने चर्चा करनी चाही तो उन्हें पूरे सत्र के लिए संसद से बर्खास्त कर दिया गया। यह सरकार की तानाशाही है। उन्होंने संजय सिंह का निलंबन वापस करने और मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह कह रहे हैं कि ऐसी कई घटनाएं मणिपुर में हुई हैं। सरकार हिंसक घटनाओं को रोकने में नाकाम है। सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि मणिपुर के पहाड़ी इलाके में खनिज पदार्थ होने की वजह से बड़े-बड़े औद्योगिक घराने उनको बेदखल करना चाहते हैं। यदि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समय पर कार्रवाई करते तो मणिपुर के यह हालात नहीं होते। उन्होंने कहा कि सोनीपत के अगवानपुर में हुई हत्याओं के मामले में पुलिस ही मीडिया को दबाने में लगी है। मीडिया को कहा जा रहा है कि कवरेज करने की कोशिश की तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा अपराधियों को बचा रही है। चौधरी निर्मल सिंह ने कहा कि मणिपुर में दो समुदायों के बीच छिड़ी लड़ाई ने पूरे प्रदेश को सुलगा रखा है। प्रधानमंत्री कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
इस दौरान लोकसभा प्रभारी देवेंद्र गौतम, शहरी जिला अध्यक्ष राजेश सरोहा, ग्रामीण जिला अध्यक्ष महेंद्र छिक्कारा, महिला जिला अध्यक्ष सारिका कालरा, मास्टर सत्यनारायण आंतिल, मनोज लाकड़ा, एडवोकेट सुरेश मलिक, रतनलाल ठेकेदार, मोना सिवाच, सरोजबाला राठी, बिजेंद्र खेड़ी, नवीन गौड़, प्रदीप लठवाल, नकीन मेहरा, विमल किशोर, ईश्वर दहिया, सोनू मलिक, दीपक चुघ आदि मौजूद रहे।
बेरिकेड हटाकर गए अंदर
प्रशासन ने लघु सचिवालय के बाहर ही रोष प्रदर्शन व ज्ञापन लेने के लिए स्थान निश्चित किया है। ऐसे में आप नेता व कार्यकर्ता जब लघु सचिवालय पहुंचे तो वहां अंदर जाने से रोकने के लिए बेरिकेड लगाए गए थे। उन्हें निर्धारित स्थान पर ही ज्ञापन देने के लिए कहा गया। इस पर आप कार्यकर्ता बेरिकेड हटाकर लघु सचिवालय में पहुंचे और सीटीएम को ज्ञापन दिया।