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Sonipat News: ओडिशा से गवाही देने आए पूर्व टोल मैनेजर पर जानलेवा हमला
Thu, 18 Dec 2025 01:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 18 Dec 2025 01:44 AM IST
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फोटो 22: सोनीपत के निजी अस्पताल में उपचाराधीन भिगान टोल प्लाजा के पूर्व मैनेजर दीदार सिंह। संव
सोनीपत। ओडिशा से सोनीपत की अदालत में गवाही देने आ रहे भिगान टोल के पूर्व मैनेजर दीदार सिंह पर कुछ लोगों ने सरिया, रॉड और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में दीदार सिंह के दोनों पैरों में गंभीर चोट आई हैं। हमले के पीछे अंकित का नाम सामने आ रहा है। दीदार सिंह अंकित के खिलाफ दर्ज मामलों पीड़ित गवाह हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पंजाब के जिला होशियारपुर के गांव बुव कालूवहार निवासी दीदार सिंह हॉल में ओडिशा में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में सोनीपत से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-44 स्थित भिगान टोल प्लाजा पर एक निजी कंपनी के तहत मैनेजर का काम कर रहे थे। उस दौरान टोल प्लाजा पर अंकित रिढाऊ ने फायरिंग कर रुपये छीने थे।
इस संबंध में मुरथल थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। बाद में दीदार सिंह को आरोपी की ओर से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इसे लेकर उन्होंने धमकी देने की एक अन्य प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वह मामला अदालत में विचाराधीन है। बुधवार को वह केस में गवाही देने के लिए ओडिशा से सोनीपत कोर्ट आ रहे थे।
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उनका आरोप है कि अंकित को पता था कि उन्होंने गवाही दी तो उसे सजा हो जाएगी। वह बस स्टैंड से ऑटो में सवार होकर शनि मंदिर के पास पहुंचे तो पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन्हें ऑटो से उतार कर लाठी-डंडों और सरिया-रॉड से बुरी तरह पीटा। हमलावर कह रहे थे कि अंकित रिढाऊ के खिलाफ गवाही दी तो मार देंगे। हमले में उनके दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं।
बूम हटाने का विरोध करने पर अंकित ने की थी फायरिंग और तोड़फोड़
दीदार सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में एनएच-44 पर स्थित भिगान टोल प्लाजा पर एक रात को बिना नंबर प्लेट की आई-10 कार में सवार पांच युवक पहुंचे और कर्मचारियों को धमकाते हुए बूम हटाने के लिए कहा था। विरोध करने पर अंकित रिढाऊ ने पिस्तौल से फायरिंग की थी। बूथ के शीशे तोड़ने के अलावा टोल कर्मी निशांत और नितिन के साथ मारपीट करते हुए 2300 रुपये छीन लिए थे। उस मामले में उन्होंने एफआईआर कराई थी। उसके बाद उन्हें धमकी दी गई तो उन्होंने एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया था। धमकी देने के मामले में वह गवाही देने आए थे।
पूर्व टोल मैनेजर पर शनि मंदिर के पास हमला किए जाने की शिकायत मिली है। अज्ञात लोगो ने हमला किया है। वह अदालत में गवाही देने आ रहे थे। उनके बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। -इंस्पेक्टर उमेश कुमार, थाना प्रभारी सिविल लाइन, सोनीपत।
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पंजाब के जिला होशियारपुर के गांव बुव कालूवहार निवासी दीदार सिंह हॉल में ओडिशा में रहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में सोनीपत से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-44 स्थित भिगान टोल प्लाजा पर एक निजी कंपनी के तहत मैनेजर का काम कर रहे थे। उस दौरान टोल प्लाजा पर अंकित रिढाऊ ने फायरिंग कर रुपये छीने थे।
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इस संबंध में मुरथल थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। बाद में दीदार सिंह को आरोपी की ओर से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इसे लेकर उन्होंने धमकी देने की एक अन्य प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वह मामला अदालत में विचाराधीन है। बुधवार को वह केस में गवाही देने के लिए ओडिशा से सोनीपत कोर्ट आ रहे थे।
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उनका आरोप है कि अंकित को पता था कि उन्होंने गवाही दी तो उसे सजा हो जाएगी। वह बस स्टैंड से ऑटो में सवार होकर शनि मंदिर के पास पहुंचे तो पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन्हें ऑटो से उतार कर लाठी-डंडों और सरिया-रॉड से बुरी तरह पीटा। हमलावर कह रहे थे कि अंकित रिढाऊ के खिलाफ गवाही दी तो मार देंगे। हमले में उनके दोनों पैर बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं।
बूम हटाने का विरोध करने पर अंकित ने की थी फायरिंग और तोड़फोड़
दीदार सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में एनएच-44 पर स्थित भिगान टोल प्लाजा पर एक रात को बिना नंबर प्लेट की आई-10 कार में सवार पांच युवक पहुंचे और कर्मचारियों को धमकाते हुए बूम हटाने के लिए कहा था। विरोध करने पर अंकित रिढाऊ ने पिस्तौल से फायरिंग की थी। बूथ के शीशे तोड़ने के अलावा टोल कर्मी निशांत और नितिन के साथ मारपीट करते हुए 2300 रुपये छीन लिए थे। उस मामले में उन्होंने एफआईआर कराई थी। उसके बाद उन्हें धमकी दी गई तो उन्होंने एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया था। धमकी देने के मामले में वह गवाही देने आए थे।
पूर्व टोल मैनेजर पर शनि मंदिर के पास हमला किए जाने की शिकायत मिली है। अज्ञात लोगो ने हमला किया है। वह अदालत में गवाही देने आ रहे थे। उनके बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। -इंस्पेक्टर उमेश कुमार, थाना प्रभारी सिविल लाइन, सोनीपत।