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चार माह से वेतन नहीं मिलने से गुस्साए आउटसोर्स कर्मियों ने किया हंगामा, अस्पताल में सवा घंटे बंद रही ओपीडी
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सवा घंटे ठप रही नागरिक अस्पताल की ओपीडी, भटकते रहे मरीज और तीमारदार
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में वीरवार को आउटसोर्स कर्मियों ने चार माह का वेतन नहीं मिलने पर हड़ताल कर दी। कर्मचारियों के हंगामा करने से अस्पताल में ओपीडी ठप हो गई, करीब सवा घंटे ओपीडी ठप रही। डिस्पेंसरी पर दवाएं भी नहीं मिलीं जिससे मरीज और उनके तीमारदार कड़ाके की सर्दी में भटकते रहे। कर्मचारियों के हंगामे के बाद सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने कर्मचारियों को शुक्रवार तक वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वेतन नहीं मिला तो सोमवार को फिर हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
नागरिक अस्पताल में आउटसोर्स कर्मियों ने वीरवार को सुबह से ही हड़ताल कर दी। कर्मचारी नेता सुरजीत, संजय, नरेश गर्ग, संदीप धनखड़, जयदीप ने बताया कि अस्पताल में आउटसोर्स पार्ट-1 व 2 के तहत करीब 150 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्हें चार माह से वेतन नहीं मिल रहा है। जिसके चलते उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। घर खर्च चलाने में दिक्कत के साथ ही बच्चों की फीस भरना भी मुश्किल हो गया है। उनके बच्चों को स्कूल संचालक भी फीस लाने के लिए दबाव देने लगे हैं। लेकिन ठेकेदार की ओर से वेतन नहीं दिया गया। जब ठेकेदार को वेतन के लिए कहा जाता है तो कर्मियों को जल्द वेतन देने का आश्वासन भर देता है। वेतन नहीं मिलने से परेशान होकर वीरवार को उन्हें रोष प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा।
ठंड में इलाज को परेशान रहे मरीज
नागरिक अस्पताल में वीरवार सुबह 9 बजे वेतन की मांग को लेकर आउटसोर्स कर्मचारी अस्पताल परिसर में एकत्रित होना शुरू हुए थे। बाद में उन्होंने काम छोड़कर हड़ताल कर दी। हड़ताल में कंप्यूटर ऑपरेटर, स्वीपर, सिक्योरिटी गार्ड, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन सहित अन्य कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रहा। काउंटर के बाहर ठंड में खड़े मरीज कर्मचारियों के आने का इंतजार करते रहे। दवाएं भी नहीं मिलीं। हड़ताल के करीब सवा घंटे बाद सिविल सर्जन का आश्वासन मिलने पर कर्मचारी अपने काम पर लौटे। इसके बाद मरीजों को उपचार मिल सका।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। नागरिक अस्पताल में वीरवार को आउटसोर्स कर्मियों ने चार माह का वेतन नहीं मिलने पर हड़ताल कर दी। कर्मचारियों के हंगामा करने से अस्पताल में ओपीडी ठप हो गई, करीब सवा घंटे ओपीडी ठप रही। डिस्पेंसरी पर दवाएं भी नहीं मिलीं जिससे मरीज और उनके तीमारदार कड़ाके की सर्दी में भटकते रहे। कर्मचारियों के हंगामे के बाद सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने कर्मचारियों को शुक्रवार तक वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वेतन नहीं मिला तो सोमवार को फिर हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
नागरिक अस्पताल में आउटसोर्स कर्मियों ने वीरवार को सुबह से ही हड़ताल कर दी। कर्मचारी नेता सुरजीत, संजय, नरेश गर्ग, संदीप धनखड़, जयदीप ने बताया कि अस्पताल में आउटसोर्स पार्ट-1 व 2 के तहत करीब 150 कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्हें चार माह से वेतन नहीं मिल रहा है। जिसके चलते उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। घर खर्च चलाने में दिक्कत के साथ ही बच्चों की फीस भरना भी मुश्किल हो गया है। उनके बच्चों को स्कूल संचालक भी फीस लाने के लिए दबाव देने लगे हैं। लेकिन ठेकेदार की ओर से वेतन नहीं दिया गया। जब ठेकेदार को वेतन के लिए कहा जाता है तो कर्मियों को जल्द वेतन देने का आश्वासन भर देता है। वेतन नहीं मिलने से परेशान होकर वीरवार को उन्हें रोष प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा।
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ठंड में इलाज को परेशान रहे मरीज
नागरिक अस्पताल में वीरवार सुबह 9 बजे वेतन की मांग को लेकर आउटसोर्स कर्मचारी अस्पताल परिसर में एकत्रित होना शुरू हुए थे। बाद में उन्होंने काम छोड़कर हड़ताल कर दी। हड़ताल में कंप्यूटर ऑपरेटर, स्वीपर, सिक्योरिटी गार्ड, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन सहित अन्य कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद रहा। काउंटर के बाहर ठंड में खड़े मरीज कर्मचारियों के आने का इंतजार करते रहे। दवाएं भी नहीं मिलीं। हड़ताल के करीब सवा घंटे बाद सिविल सर्जन का आश्वासन मिलने पर कर्मचारी अपने काम पर लौटे। इसके बाद मरीजों को उपचार मिल सका।
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