{"_id":"5c51eda1bdec222bf4528388","slug":"71548873121-sonipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से सड़क दुर्घटना में कमी आएगी, जाम भी नहीं लगेगा: पवन दहिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम से सड़क दुर्घटना में कमी आएगी, जाम भी नहीं लगेगा: पवन दहिया
विज्ञापन
यातायात प्रबंधन के साथ एक्सीडेंट और वाहन चोरी रोकेगा आईटी सिस्टम
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। मुरथल विश्वविद्यालय ने एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जिसे भारत सरकार ने यदि लागू किया तो यातायात प्रबंधन के साथ ही वाहन दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वाहन चोरी की घटनाएं भी नहीं होंगी, अगर वाहन चोरी होगा तो उसकी लोकेशन मिलने के कारण चोर पकड़े जाएंगे। साथ ही इस सिस्टम का इस्तेमाल करने से ईंधन की बचत भी होगी।
मुरथल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यशाला में इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पवन दहिया ने इस इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. दहिया ने बताया कि भविष्य में इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने में अहम रोल अदा करेगा। इससे सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी ही, साथ ही यातायात प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करेगा। चौराहों पर लगे कैमरों की मदद से जाम को देखकर वहां वाहनों का दबाव ना पड़े और जाम जल्द खत्म हो। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम इसके लिए आसपास के चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल को भी कवर करेगा। इससे वाहन चालक को पहले ही ट्रैफिक जाम की स्थिति के बारे में व वैकल्पिक रूट की सूचना मिल जाएगी।
चिप पर आधारित होगा पूरा सिस्टम
डा. पवन दहिया ने कहा कि यह सिस्टम चिप पर आधारित होगा। सिस्टम के माध्यम से सड़क पर जाम लगने के कारण गाड़ियों में लगने वाले तेल में कमी आएगी। जिस कारण हमें विदेश से तेल कम आयात करना पड़ेगा व देश आर्थिक तौर पर मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के कारण आम आदमी को भी लाभ मिलेगा। इससे वाहन चोरी की घटनाओं में कमी आएगी। वाहनों में चिप लगाई जाएगी, जिससे चोरी हुए वाहन की लोकेशन मिल जाएगी और वाहन का आसानी से पता किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों से ऑटोमेटिक टोल कलेक्शन सेंटर के कारण निजात मिलेगी। कार्यशाला में कन्वीनर प्रोफेसर डी. सिंहल, कोआर्डिनेटर असिस्टेंट प्रोफेसर पंकज अग्रवाल, को-कोआर्डिनेटर असिस्टेंट प्रो. अमन अहलावत व सुनीता कुमारी रहे। इस दौरान डा. ज्ञानेंद्र सिंह, डा. सुदेश चौधरी, डा. रवि लठवाल, डा. अनिता सिंह, सौरभ जागलान, सचिन दास, प्रवीण कुमार व अतुल गर्ग भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। मुरथल विश्वविद्यालय ने एक ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जिसे भारत सरकार ने यदि लागू किया तो यातायात प्रबंधन के साथ ही वाहन दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वाहन चोरी की घटनाएं भी नहीं होंगी, अगर वाहन चोरी होगा तो उसकी लोकेशन मिलने के कारण चोर पकड़े जाएंगे। साथ ही इस सिस्टम का इस्तेमाल करने से ईंधन की बचत भी होगी।
मुरथल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यशाला में इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पवन दहिया ने इस इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. दहिया ने बताया कि भविष्य में इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने में अहम रोल अदा करेगा। इससे सड़कों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी ही, साथ ही यातायात प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम करेगा। चौराहों पर लगे कैमरों की मदद से जाम को देखकर वहां वाहनों का दबाव ना पड़े और जाम जल्द खत्म हो। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सिस्टम इसके लिए आसपास के चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल को भी कवर करेगा। इससे वाहन चालक को पहले ही ट्रैफिक जाम की स्थिति के बारे में व वैकल्पिक रूट की सूचना मिल जाएगी।
विज्ञापन
चिप पर आधारित होगा पूरा सिस्टम
डा. पवन दहिया ने कहा कि यह सिस्टम चिप पर आधारित होगा। सिस्टम के माध्यम से सड़क पर जाम लगने के कारण गाड़ियों में लगने वाले तेल में कमी आएगी। जिस कारण हमें विदेश से तेल कम आयात करना पड़ेगा व देश आर्थिक तौर पर मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के कारण आम आदमी को भी लाभ मिलेगा। इससे वाहन चोरी की घटनाओं में कमी आएगी। वाहनों में चिप लगाई जाएगी, जिससे चोरी हुए वाहन की लोकेशन मिल जाएगी और वाहन का आसानी से पता किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी लाइनों से ऑटोमेटिक टोल कलेक्शन सेंटर के कारण निजात मिलेगी। कार्यशाला में कन्वीनर प्रोफेसर डी. सिंहल, कोआर्डिनेटर असिस्टेंट प्रोफेसर पंकज अग्रवाल, को-कोआर्डिनेटर असिस्टेंट प्रो. अमन अहलावत व सुनीता कुमारी रहे। इस दौरान डा. ज्ञानेंद्र सिंह, डा. सुदेश चौधरी, डा. रवि लठवाल, डा. अनिता सिंह, सौरभ जागलान, सचिन दास, प्रवीण कुमार व अतुल गर्ग भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन