फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   केजीपी पर सोलर सिस्टम से शुरू हुआ 4 मेगावाट बिजली उत्पादन, निगम को दिन में देकर शाम को वापस ले रही कंपनी

केजीपी पर सोलर सिस्टम से शुरू हुआ 4 मेगावाट बिजली उत्पादन, निगम को दिन में देकर शाम को वापस ले रही कंपनी

Sat, 17 Nov 2018 01:15 AM IST
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:15 AM IST
विज्ञापन
केजीपी पर सोलर सिस्टम से शुरू हुआ 4 मेगावाट बिजली उत्पादन, निगम को दिन में देकर शाम को वापस ले रही कंपनी
केजीपी पर सोलर सिस्टम से 4 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू
विज्ञापन

अंकित चौहान
सोनीपत। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का पीएम नरेंद्र मोदी से उद्घाटन कराने के पांच महीने बाद व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी शुरू हो गई हैं। सोलर सिस्टम शुरू करके 4000 किलोवाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन उसे दिन में बिजली निगम को देकर रात में वापस लिया जा रहा है। क्योंकि एनएचएआई के पास अभी तक बिजली स्टोर करने की व्यवस्था नहीं है और इस कारण ही बिजली निगम के साथ मिलकर यह लंबी प्रक्रिया करनी पड़ रही है। वहीं ड्रिप सिंचाई सिस्टम भी शुरू कर दिया गया है, जिससे पौधों में सिंचाई के लिए पानी की बर्बादी नहीं होगी तो केजीपी पर कैमरे भी लगने शुरू हो गए हैं। यह जरूर है कि अभी तक स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम को लेकर काम शुरू नहीं हो सका है।
केजीपी का जल्दबाजी में 27 मई को पीएम नरेंद्र मोदी से उद्घाटन जरूर करा दिया गया, लेकिन उसके बाद कई महीने बीतने के बाद भी व्यवस्थाएं बेहतर नहीं हो सकी थीं। जिसके बाद एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे तो केजीपी पर व्यवस्थाएं बेहतर करने के लिए काम में तेजी लाई गई। जहां सबसे अहम सोलर प्लांट को शुरू कर दिया गया है। केजीपी पर 135 किमी में 6 जगहों पर पावर प्लांट बनाए गए हैं, जिनमें से दो हरियाणा व चार यूपी में बनाए गए हैं। इन प्लांट में लगभग 500 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इन प्लांट के शुरू होने से 4 मेगावाट (चार हजार किलोवाट) बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है, जिसे एक सप्ताह पहले ही शुरू किया गया है। लेकिन इसमें अभी सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि सोलर प्लांट से दिन में बिजली की सीधी सप्लाई हो जाती है और उससे बिजली स्टोर करने की अभी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। इस कारण दिन में बिजली उत्पादन करके बिजली निगम को सप्लाई की जाती है और वह रात में लेनी पड़ती है। इससे ही रात को केजीपी की सभी लाइट जलती हैं। हरियाणा में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम व उत्तर प्रदेश में पश्चिमांचल बिजली वितरण निगम से एनएचएआई का इसको लेकर करार हुआ है। अधिकारियों का यह भी दावा है कि जल्द ही बिजली स्टोर करने की व्यवस्था कर ली जाएगी।
विज्ञापन

--
स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम नहीं चला
केजीपी को हाईटेक करने के लिए स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, जिसमें स्पीड जांचने के उपकरण लगाए गए हैं। लेकिन इसके लिए इस्तेमाल होने वाले कैमरे अभी तक पूरी तरह से नहीं लग सके हैं और उनको लगाने का काम चल रहा है। इस कारण ही स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम भी चालू नहीं हो सका है और केजीपी पर वाहन रफ्तार पकड़ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
सोलर पावर प्लांट शुरू हो गए हैं और उनसे चार मेगावाट बिजली मिल रही है। बिजली स्टोर करने की व्यवस्था अभी नहीं होने के कारण बिजली निगम को दिन में देकर शाम को वापस लेनी पड़ती है। इसके अलावा स्पीड ट्रैकिंग सिस्टम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा, जिसके लिए ठेकेदार को जल्द काम पूरा करने के लिए कहा गया है। किशोर कानियाल, परियोजना निदेशक एनएचएआई
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed