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Sonipat News: नौकरी लगवाने के नाम पर 55 लाख रुपये ऐंठे
Sun, 29 Oct 2023 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 29 Oct 2023 12:58 AM IST
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गोहाना (सोनीपत)। गांव खेड़ी दमकन के ग्रामीण ने दो बेटों को सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 55 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ग्रामीण धर्मबीर ने गृहमंत्री व पुलिस उच्च अधिकारियों दी शिकायत में बताया कि उनके बेटे नीरज और जयतीर्थ हैं। नीरज ने गांव में खाद-बीज की दुकान की है और जयतीर्थ प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। पानीपत के गांव वजीरपुर निवासी रामेहर का खाद-बीज की दुकान पर आना-जाना था। रामेहर के साथ रविंद्र भी आने लगा। रामेहर ने रविंद्र को हरियाणा पुलिस में बड़ा अधिकारी बताकर नीरज को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
उन्होंने कहा कि रविंद्र का भाई राजेश पटवारी है और उनकी सभी विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ अच्छी जान-पहचान है। उसने जयतीर्थ को दिल्ली पुलिस में व नीरज को खाद्य आपूर्ति विभाग में निरीक्षक की नौकरी लगवाने के लिए 60 लाख रुपये मांगे थे। पीड़ित झांसे में आ गए 9 जुलाई 2021 को तीनों आरोपियों ने नीरज व जयतीर्थ के दस्तावेज मांगे और जून 2022 में उनको रुपये दिए गए। इसके बाद एक कागजात देकर कहा कि नीरज का काम हो गया है और खरखौदा में स्टेशन मिला है। साथ ही कहा कि उपायुक्त की तरफ से खरखौदा में बीपीएल परिवारों की सूची तैयार करने में ड्यूटी लगाई है। वहां उसके बेटे को कुछ दिन घुमाया गया। बाद में उनके बेटे को नहीं आने को कह दिया। कुछ समय बाद कहा कि भर्ती पर स्टे हो गया है। आरोपियों ने कुल 55 लाख रुपये ऐंठ लिये। नौकरी नहीं मिलने पर रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने उनको चेक दे दिए। चेक खाते में लगाए तो बाउंस हो गए। अब पीडित के बयान पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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ग्रामीण धर्मबीर ने गृहमंत्री व पुलिस उच्च अधिकारियों दी शिकायत में बताया कि उनके बेटे नीरज और जयतीर्थ हैं। नीरज ने गांव में खाद-बीज की दुकान की है और जयतीर्थ प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनकी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। पानीपत के गांव वजीरपुर निवासी रामेहर का खाद-बीज की दुकान पर आना-जाना था। रामेहर के साथ रविंद्र भी आने लगा। रामेहर ने रविंद्र को हरियाणा पुलिस में बड़ा अधिकारी बताकर नीरज को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
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उन्होंने कहा कि रविंद्र का भाई राजेश पटवारी है और उनकी सभी विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ अच्छी जान-पहचान है। उसने जयतीर्थ को दिल्ली पुलिस में व नीरज को खाद्य आपूर्ति विभाग में निरीक्षक की नौकरी लगवाने के लिए 60 लाख रुपये मांगे थे। पीड़ित झांसे में आ गए 9 जुलाई 2021 को तीनों आरोपियों ने नीरज व जयतीर्थ के दस्तावेज मांगे और जून 2022 में उनको रुपये दिए गए। इसके बाद एक कागजात देकर कहा कि नीरज का काम हो गया है और खरखौदा में स्टेशन मिला है। साथ ही कहा कि उपायुक्त की तरफ से खरखौदा में बीपीएल परिवारों की सूची तैयार करने में ड्यूटी लगाई है। वहां उसके बेटे को कुछ दिन घुमाया गया। बाद में उनके बेटे को नहीं आने को कह दिया। कुछ समय बाद कहा कि भर्ती पर स्टे हो गया है। आरोपियों ने कुल 55 लाख रुपये ऐंठ लिये। नौकरी नहीं मिलने पर रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने उनको चेक दे दिए। चेक खाते में लगाए तो बाउंस हो गए। अब पीडित के बयान पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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