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डीईओ पूरे स्कूल में घूम गई, शिक्षिकाएं चाय पीती रही
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:51 AM IST
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सोनीपत। डेरामुखी मामले में फैसले को देखते हुए भले ही स्कूलों की छुट्टी की गई हो, लेकिन स्कूलों की सुरक्षा के लिए शिक्षक व शिक्षिकाओं को स्कूल आने के आदेश दिए गए थे। स्कूल में शिक्षिकाएं पहुंची जरूर, लेकिन स्कूूल के अंदर क्या हो रहा है इस पर उनकी नजर नहीं थी। इसका उस समय पता चला जब डीईओ ने कई स्कूलों में छापा मारा। एक स्कूल में शिक्षिकाएं आराम से बैठकर चाय पीती रही और डीईओ पूरे स्कूल में घूम गई। वहीं दूसरे स्कूल में डीईओ को सुरक्षा जरूर बेहतर मिली, लेकिन वहां सफाई नहीं थी और उससे बीमारी फैलने के डर से जल्द ही सफाई कराने के निर्देश दिए गए है।
डीईओ सुमन नैन ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए शनिवार को कई स्कूलों में छापा मारा। वह सबसे पहले शहर के मोहननगर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पहुंची। वह पूरे स्कूल में घूम गई, लेकिन शिक्षिकाओं को पता तक नहीं चला। जबकि विद्यालय में मुख्य अध्यापिका बिमला देवी के अलावा सभी शिक्षिकाएं मौजूद थी और वह आराम से कमरे में बैठकर चाय पीने में लगी थी। डीईओ ने विद्यालय में देखा कि पानी की सभी टोटियां खुली हुई थी, जिससे पानी की बर्बादी हो रही थी। डीईओ को मुख्य अध्यापिका के पास जाकर खुद ही अपने बारे में बताया तो उसके बाद विद्यालय में शिक्षिकाओं में अफरा-तफरी मच गई। डीईओ ने वहां साफ निर्देश दिए है कि वह दो दिन बाद फिर से विद्यालय का निरीक्षण करने के लिए आएंगी और उस समय भी इस तरह के हालात मिले तो उनका वेतन काटने की संस्तुति कर दी जाएगी। इसके बाद डीईओ बड़वासनी गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंची, जहां सुरक्षा के लिए संस्कृत के लेक्चरर रामचंद्र गेट के पास बैठे हुए थे। वहां डीईओ ने देखा कि विद्यालय में काफी गंदगी है, जिससे मच्छर पनप रहे है और उससे बच्चों में बीमारी फैल सकती है। इस कारण ही डीईओ ने उनको भी दो दिन में सफाई व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वहां कई फुट गहरा गड्ढा खुला हुआ था, जिसका कारण पूछा गया। इस पर बताया गया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए गड्ढा खुला छोड़ा गया है। डीईओ सुमन नैन ने निर्देश दिए कि उसे इस तरह से ठीक किया जाए, जिससे उसमें किसी के गिरने का डर न रहे।
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डीईओ सुमन नैन ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था देखने के लिए शनिवार को कई स्कूलों में छापा मारा। वह सबसे पहले शहर के मोहननगर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पहुंची। वह पूरे स्कूल में घूम गई, लेकिन शिक्षिकाओं को पता तक नहीं चला। जबकि विद्यालय में मुख्य अध्यापिका बिमला देवी के अलावा सभी शिक्षिकाएं मौजूद थी और वह आराम से कमरे में बैठकर चाय पीने में लगी थी। डीईओ ने विद्यालय में देखा कि पानी की सभी टोटियां खुली हुई थी, जिससे पानी की बर्बादी हो रही थी। डीईओ को मुख्य अध्यापिका के पास जाकर खुद ही अपने बारे में बताया तो उसके बाद विद्यालय में शिक्षिकाओं में अफरा-तफरी मच गई। डीईओ ने वहां साफ निर्देश दिए है कि वह दो दिन बाद फिर से विद्यालय का निरीक्षण करने के लिए आएंगी और उस समय भी इस तरह के हालात मिले तो उनका वेतन काटने की संस्तुति कर दी जाएगी। इसके बाद डीईओ बड़वासनी गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पहुंची, जहां सुरक्षा के लिए संस्कृत के लेक्चरर रामचंद्र गेट के पास बैठे हुए थे। वहां डीईओ ने देखा कि विद्यालय में काफी गंदगी है, जिससे मच्छर पनप रहे है और उससे बच्चों में बीमारी फैल सकती है। इस कारण ही डीईओ ने उनको भी दो दिन में सफाई व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वहां कई फुट गहरा गड्ढा खुला हुआ था, जिसका कारण पूछा गया। इस पर बताया गया कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए गड्ढा खुला छोड़ा गया है। डीईओ सुमन नैन ने निर्देश दिए कि उसे इस तरह से ठीक किया जाए, जिससे उसमें किसी के गिरने का डर न रहे।
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